सरकार आखिर क्यों जुटा रही है HCQ की उपलब्धता और खपत का आंकड़ा, जानिए क्या है पूरा मामला?
नई दिल्ली। मलेरिया रोधी दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन (HCQ) की उपलब्धता और खपत के आंकड़े के रियलटाइम अपडेट के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक निर्देश जारी किए हैं। मंत्रायल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने-अपने यहां एचसीक्यू की उपलब्धता और खपत का डेटा रियलटाइम अपडेट डाटा केंद्र पर दर्ज करने को कहा है।

गौरतलब है गत सोमवार को डब्ल्यूएचओ ने एचसीक्यू के ट्रायल पर अस्थाई रोक लगा दिया है और उससे एक दिन पहले यानी रविवार को WHO ने उभरते हुए सबूतों के आधार पर सुरक्षा के मद्देनजर HCQ के क्लीनिकिल परीक्षणों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था।

रिपोर्ट बताती है कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को यह निर्देश इसलिए दिए हैं ताकि इससे आगे की रणनीति बनाने में मदद मिले और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को पर्याप्त संख्या में एचसीक्यू उपलब्ध कराई जा सके।

सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, मैं आपको सूचित करना चाहता हूं कि कई राज्य नेशनल पोर्टल पर एचसीक्यू से संबंधित रियलटाइम डाटा अपडेट नहीं कर रहे हैं, मैं आपसे आग्रह करना चाहता हूं कि सभी एचसीक्यू की उपलब्धता और खपत के रियलटाइम डाटा की जानकारी लगातार अपडेट रहें, जिससे सरकार को आगे रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।

रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्रालय दिल्ली स्थित सरकारी मेडिकल स्टोर डिपो से एचसीक्यू की टैबलेट सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पहुंचा रहा है। इसके साथ ही कुछ राज्यों और संस्थानों को सीधे मैन्यूफैक्चरर्स से लेने का अधिकार दिया गया है।

सरकार ने पिछले दिनों एक संशोधित परामर्श जारी कर गैर-Covid-19 अस्पतालों में काम कर रहे बिना लक्षण वाले स्वास्थ्यसेवा कर्मियों, कंटेनमेंट जोन में निगरानी ड्यूटी पर तैनात कर्मियों और कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने संबंधी गतिविधियों में शामिल अर्द्धसैन्य बलों/पुलिसकर्मियों को रोग निरोधक दवा के तौर पर हाइडॉक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) का इस्तेमाल करने की सिफारिश की है।

उल्लेखनीय है HCQ एक मलेरिया-रोधी दवा और आमतौर पर उपयोग अन्य ऑटोइम्यून बीमारियों के इलाज के लिए भी किया जाता है। हाल ही में संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से कोरोनोवायरस के संभावित इलाज के रूप में प्रमुखता भारत से HCQ की मांग की थी। इतना ही नहीं, ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने खुद भी रोगनिरोधी उपयोग के लिए HCQ लेना शुरू कर दिया था।












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