Congress Crowdfunding: 138 रुपये क्यों मांग रही देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस, क्या होती है क्राउडफंडिंग?
देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनावों से पहले जनता बीच चंदा मांगने पहुंची है। कांग्रेस पार्टी ने जनता से चंदा इकट्ठा करने के लिए डोनेट फॉर देश नाम से अभियान शुरू किया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज इस कैंपने की आधिकारिक शुरूआत की। पोर्टल के जरिए पार्टी 138 रुपये, 1,380 रुपये, 13,800 रुपये या फिर इससे 10 गुना राशि चंदे के रूप में देने की अपील कर रही है।

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल का कहना है कि 'डोनेट फॉर देश' के लॉन्च की घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है। ये किसी भी पार्टी की ओर से किया गया सबसे बड़ा क्राउड फंडिंग होगा। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि अभियान मुख्य रूप से 28 दिसंबर, स्थापना दिवस तक ऑनलाइन रहेगा, जिसके बाद हम जमीनी अभियान शुरू करेंगे, जिसमें कार्यकर्ता घर-घर जाकर दान मागेंगे। हर बूथ में कम से कम दस घरों को टारगेट किया जाएगा और हर घर से कम से कम 138 रुपये का दान देना शामिल है।
खड़गे ने बताया कांग्रेस क्यों कर रही है क्राउडफंडिंग?
पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि, कांग्रेस को हमेशा ही आम जनता की मदद मिलती रही है। महात्मा गांधी ने भी देशवासियों की मदद लेकर देश को आजादी दिलाई थी। यह अभियान पूरे देश में एक मुहिम बन रहा है, जिसमें लोग आगे आकर देश के लिए डोनेट कर रहे हैं। अगर सिर्फ अमीरों पर भरोसा करके काम करते जाएंगे तो आगे आपको उनके कार्यक्रम और नीतियों को मानना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश की इकलौती पार्टी है जो गरीबों के साथ है। ट्विटर पर उन्होंने लिखा कि, अभियान, हाशिए पर रहने वाले समुदायों के अधिकारों को बनाए रखने, असमानताओं को पाटने और गिने-चुने पूंजीवादी लोगों का पक्ष लेने वाली, तानाशाही सरकार के खिलाफ एक मजबूत विपक्ष बनने की प्रतिबद्धता है।
पार्टी का कहना है कि, यह पहल साल 1920-21 में महात्मा गांधी द्वारा चलाए गए तिलक स्वराज कोष अभियान से प्रेरित है। जिसका उद्देश्य संसाधनों के समान वितरण और अवसरों से समृद्ध भारत का निर्माण करने के लिए पार्टी को सशक्त बनाना है। हालांकि अधिकतर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी पैसे की कमी से जूझ रही है।
यह अभियान पार्टी के 138वें स्थापना दिवस से पहले लोगों तक पहुंचने और लोगों को पार्टी से जोड़ने के तहत शुरू किया गया है। कांग्रेस, वेबसाइट और एक ऐप के माध्यम से यह अभियान चला रही है। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि, कांग्रेस इस कैंपने के जरिए लोगों से संपर्क बनाने की कोशिश कर रही है।
किस पार्टी के खजाने में कितना पैसा?
भारत में राजनीतिक पार्टियों पर नजर रखने वाली संस्था द एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2020-21 में बीजेपी की कुल संपति 4990 करोड़ रुपये थी जो साल 2021-22 में 1056 करोड़ बढ़कर 6046 करोड़ रुपये हो गई।
वहीं कांग्रेस की संपति में कोई खास बढ़ोत्तरी नहीं देखने को मिली है। रिपोर्ट में कहा गया कि साल 2020-21 में कांग्रेस की कुल संपत्ति 691 करोड़ रुपये थी जो साल 2021-22 में 114 करोड़ रुपये बढ़कर 805 करोड़ रुपये हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, देश की आठ राष्ट्रीय पार्टियों की घोषित संपत्ति एक साल में 1,531 करोड़ रुपये तक बढ़ गई है।












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