जापानी पीएम शिंज़ो अबे सीधे गुजरात क्यों आ रहे?
जापान और भारत के संबंधों में काफ़ी परिवर्तन आ रहा है और यह चीन को बिलकुल भी पसंद नहीं है. जापानी प्रधानमंत्री शिंज़ो अबे का दौरा सीधा गुजरात से शुरू हो रहा है जो काफ़ी अहम है क्योंकि वहां 50 जापानी कंपनियां हैं.
जापान के विश्लेषकों के अनुसार जापान गुजरात में काफ़ी कर्ज़ दे रहा है. यह कर्ज़ किसी ख़ास चीज़ों के लिए नहीं बल्कि आम चीज़ों के लिए दिया जा रहा है जिसका उद्देश्य यह है कि उनसे उन जापानी कंपनियों को भी फ़ायदा हो.
इसी कारण गुजरात और बाक़ी भारत में जापान का निवेश काफ़ी बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है. बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिंज़ो अबे अहमदाबाद से मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का शिलान्यास करेंगे जो एक फ़ायदेमंद सौदा है. इसके अलावा दोनों राजनेता रोड शो भी करेंगे.
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बुलेट ट्रेन में चलने लायक आमदनी
लोग कह रहे हैं कि हिंदुस्तान ग़रीब देश है, बुलेट ट्रेन से कोई फ़ायदा नहीं होगा. लोग तो कहते ही हैं लेकिन यह देखने की ज़रूरत है कि मुंबई से अहमदाबाद बिज़नेस के हिसाब से बहुत व्यस्त रूट है.
साथ ही लोगों के पास इतनी आमदनी है कि वह बुलेट ट्रेन में चल सकते हैं. बुलेट ट्रेन से जुड़ने वाली फीडर लाइन इतनी विकसित नहीं हैं लेकिन जैसे ही बुलेट ट्रेन चलनी शुरू होगी वो दिक्कतें भी ठीक हो जाएंगी.
इससे भारतीय कंपनियों को फ़ायदा होने वाला है. उन्हें हाइटेक ट्रेन बनाने की तकनीक इससे मिलेगी.
जापान में शिंज़ो अबे ने प्रधानमंत्री मोदी की तरह परिवर्तन का दौर शुरू किया है. इस वक़्त जापान में जो कंपनियां हैं वो भारत की ओर देख रही हैं और वहां निवेश करने का सोच रही हैं. सुज़ुकी ऑटोमेटिक कार मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए तैयार है और उसके लिए पैसा आना भी शुरू हो चुका है.
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चीनी मीडिया परेशान
जापान भारत में इसलिए निवेश कर रहा है क्योंकि पूर्वी और दक्षिणी चीन सागर में वह ख़ुद को असुरक्षित महसूस करता है. इसके अलावा उत्तर कोरिया का सामना कैसे किया जाए, निवेश के पीछे यह सब वजहें भी है ताकि भारत उसके साथ दिखाई दे.
चीनी मीडिया इस दौरे से तिलमिलाया हुआ दिखता है. चीन के साथ रिश्तों का इतिहास 1962 से ही ख़राब है. जापान के साथ कभी बुरे रिश्ते नहीं रहे. दूसरे विश्व युद्ध की छाया भी भारत-जापान के बीच नहीं है जबकि चीन और जापान के रिश्ते हमेशा से दुविधा में रहे हैं.
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का दौरा भी अहमदाबाद से शुरू हुआ था लेकिन उसका कोई ठोस नतीजा नही निकला लेकिन शिंजो अबे कई बार भारत आ चुके हैं और इसका नतीजा सबके सामने है. चीनी मीडिया इसी बात से ख़फ़ा है.
जापाना और भारत के बीच जो ख़ुशी की लहर दौड़ रही है वो अच्छी बात है. जापान और भारत के उद्योग में इससे काफ़ी जोश है.
(बीबीसी संवाददाता मोहम्मद शाहिद से बातचीत पर आधारित)












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