केरल में मतगणना से ठीक पहले क्यों अहम हुआ 'बीजेपी फैक्टर'
नयी दिल्ली। केरल चुनाव के नतीजे कुछ पलों में सामने आ जाएंगे। केरल पर किसका कब्जा होगा, थोड़ी देर में पता चल जाएगा, लेकिन चुनाव नतीजों के सामने आने से पहले यहां बीजेपी फैक्टर हावी हो गया है। उम्मीद की जा रही है कि केरल में 65 साल बाद एलडीएफ और यूडीएफ के अलावा एक तीसरी पार्टी अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगी। Exit Poll 2016: तामिलनाडु, केरल और पांडुचेरी में होगा सत्ता परिवर्तन

भाजपा को उम्मीद है कि केरल उनके लिए उम्मीद लेकर आएगा। एग्जिट पोल के नतीजे भी इसी ओर इशारा कर रहे हैं। एग्जिट पोल के नतीजों के मुताबिक इस बार बीजेपी की गंभीर कोशिशें नेहरूवादी सोच को टक्कर देती दिखती हैं। आंकड़ों पर नजर डाले तो केरल में अब तक भाजपा कुछ खास नहीं कर पाई हैं।
देशभर में चली मोदी लहर केरल में मंद पड़ गई। जहां साल 2011 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सिर्फ 6 प्रतिशत वोट मिलें, जबकि लोकसभा चुनाव में वोट प्रतिशत महज 10 प्रतिशत रहा। केरल से बीजेपी को उम्मीद हैं कि वो इसबार 7-8 सीटें अपने खाते में करेंगे। अगर ऐसा हो गया कांग्रेस मुक्त भारत का प्रदानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को बल मिलेगा। बीजेपी को उम्मीद है कि इस बार युवा उसके साथ आएंगे। हलांकि जनता का फैसला क्यो होगा, थोड़ी देर में सबसे सामने होगा।












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