• search

लड़कियों के चेहरे पर क्यों आ जाती है दाढ़ी-मूंछ ?

By Bbc Hindi
ढका हुआ चेहरा
Getty Images
ढका हुआ चेहरा

"लोग सिर्फ़ शरीर ढकने के लिए कपड़ा पहनते हैं पर मुझे तो चेहरे पर भी कपड़ा बांधना पड़ता था. मैं चेहरे पर बिना कपड़ा लपेटे कभी घर से बाहर नहीं निकली. चाहे गर्मी हो या बरसात, धूप हो या छांव, दस साल तक मैंने चेहरे पर कपड़ा बंधा."

दिल्ली के महारानी बाग़ में रहने वाली पायल (बदला हुआ नाम) आज भी उन दिनों को याद करके रुआंसी हो जाती हैं. ज़िंदगी के बीते दस साल उनके लिए बहुत मुश्किल भरे रहे क्योंकि उनके चेहरे पर बाल थे.

कोमल रोएं नहीं, काले-सख़्त मर्दों जैसे बाल.

"जब स्कूल में थी तो ज़्यादा बाल नहीं थे लेकिन कॉलेज आते-आते चेहरे के आधे हिस्से, पर बाल अचानक से बढ़ने लगे. पहले छोटे छोटे बाल आए, तब मैंने उतना ध्यान नहीं दिया. लेकिन अचानक वो लंबे काले दिखने लगे. वैक्स कराती थी लेकिन पांच दिन में बाल वापस आ जाते थे. फिर मैंने शेव करना शुरू कर दिया."

एक वाकये का ज़िक्र करते हुए वो कहती हैं "एक दिन पापा का रेज़र नहीं मिल रहा था. मम्मी भी पापा के साथ रेज़र खोज रही थीं लेकिन उन्हें भी नहीं मिला. थोड़ी देर बाद पापा ने कहा, पायल से पूछो... कहीं वो तो नहीं लेकर गई शेव करने के लिए."

ऐसी बहुत सी घटनाएं बीते दस सालों में हुईं. दवा लेने के बावजूद कोई फ़ायदा नहीं हुआ तो पायल ने लेज़र ट्रीटमेंट लेने का फ़ैसला किया. पहले लेज़र ट्रीटमेंट को लेकर उन्हें बहुत डर था. आख़िरकार हर हफ़्ते की झंझट से निजात पाने के लिए उन्होंने लेज़र ट्रीटमेंट करवा ही लिया.

दिल्ली में रहने वाली डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. सुरूचि पुरी कहती हैं कि हमारे समाज में किसी लड़की के चेहरे पर बाल आ जाना शर्म की बात मानी जाती है. लोगों को पता ही नहीं होता है कि ये बायोलॉजिकल साइकिल में गड़बड़ी आ जाने की वजह से होता है.

सबसे पहले वजह जानने की कोशिश करें...

डॉ. सुरूचि फ़ेमिना मिस इंडिया 2014 की आधिकारिक डर्मेटोलॉजिस्ट रह चुकी हैं.

वो बताती हैं "चेहरे पर बाल की दो वजहें हो सकती हैं. चेहरे पर बाल आनुवांशिक (जेनेटिक) कारणों से हो सकते हैं या फिर हॉर्मोन्स में आई गड़बड़ी के चलते. हॉर्मोन्स में संतुलन बिगड़ने की वजह से भी चेहरे पर बाल आ जाते हैं."

मानव शरीर पर थोड़े बाल तो होते ही हैं. ऐसे में लड़कियों के शरीर पर अगर थोड़े-बहुत बाल हैं तो इसमें परेशान होने की ज़रूरत नहीं है लेकिन अगर बाल बहुत ज़्यादा हैं तो डॉक्टर से मिलना ज़रूरी हो जाता है.

डॉ. सुरूचि के मुताबिक़, "चेहरे पर बहुत अधिक बाल होने की स्थिति को 'हाइपर ट्राइकोसिस' कहते हैं. अगर आनुवांशिक वजहों के चलते चेहरे पर बाल हैं तो इसे 'जेनेटिक हाइपर ट्राइकोसिस' कहते हैं और अगर ये परेशानी हॉर्मोन्स के असंतुलन के चलते है तो इसे 'हरस्युटिज़्म' कहते हैं."

चेहरे पर बाल
BBC
चेहरे पर बाल

डॉ. सुरुचि मानती हैं कि हॉर्मोन में गड़बड़ी का एक बड़ा कारण पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिस्ऑर्डर) हो सकता है और आज के समय में ये तेज़ी से बढ़ भी रहा है. हालांकि हर पीसीओडी मरीज़ के चेहरे पर बाल हों ये ज़रूरी नहीं है.

पीसीओडी के लिए सबसे ज़्यादा हमारा लाइफ़स्टाइल ही ज़िम्मेदार होता है. हमारा खानपान, बॉडी बिल्डिंग के लिए स्टेरॉएड्स का इस्तेमाल, घंटों एक ही मुद्रा में बैठे रहना, तनाव लेना, वो मुख्य वजहें हैं जो पीसीओडी को बढ़ावा देने का काम करती हैं.

डॉ. सुरूचि का मानना है कि इन सब का एक परिणाम ये होता है कि महिलाओं में पुरुष हॉर्मोन जैसे एंड्रोजेन और टेस्टेस्टेरॉन बढ़ने लगते हैं.

"अगर किसी लड़की के चेहरे पर बहुत अधिक बाल हैं तो सबसे पहले उसका कारण जाने की कोशिश की जानी चाहिए. अगर वजह हॉर्मोन्स हैं तो लाइफ़स्टाइल में बदलाव लाने की ज़रूरत होती है. लेकिन ज़्यादातर मामलों में दवा लेने की ज़रूरत पड़ती है ही."

तो क्या लेज़र ही एकमात्र उपाय है?

पायल का तो यही मानना है कि दवाइयों से कोई असर नहीं पड़ता.

"मैंने दस साल तक होम्योपैथिक दवा ली. लोगों को लगता है कि सस्ता इलाज कराया होगा इसलिए फ़ायदा नहीं हुआ लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. मैंने दिल्ली के बहुत से अच्छे अच्छे होम्योपैथिक डॉक्टरों से इलाज कराया लेकिन कोई फ़ायदा नहीं हुआ."

पायल ने क़रीब दो साल पहले ही लेज़र ट्रीटमेंट लिया है. जिसके बाद से उनके चेहरे पर नए बाल नहीं आए.

लेज़र ट्रीटमेंट
Getty Images
लेज़र ट्रीटमेंट

वो डॉ. सुरूचि की बात से पूरी तरह से सहमत हैं.

" मेरी प्रॉब्लम हॉर्मोनल थी क्योंकि मेरा पीरियड टाइम पर नहीं आता था. आता था तो वो भी एक ही दिन के लिए. इसकी वजह से सिर्फ़ चेहरे पर बाल ही नहीं आए बल्कि मेरा वज़न भी बढ़ता चला गया. लेज़र लेने से पहले मैंने वज़न कम किया, खाना-पीना ठीक किया, लाइफ़स्टाइल में बदलाव किया. अब पहले से बेहतर हूं."

लेकिन क्या ये इतनी बड़ी समस्या है?

दिल्ली स्थित मिरेकल ब्यूटी पार्लर में काम करने वाली रचना कहती हैं कि हमारे यहां ज़्यादातर कस्टमर थ्रेडिंग कराने वाले ही आते हैं. आईब्रो और अपर लिप्स के अलावा कुछ लड़कियां तो पूरे चेहरे की थ्रेडिंग कराती हैं.

" बहुत सी लड़कियां ऐसी आती हैं जो पूरे चेहरे पर थ्रेडिंग कराती हैं क्योंकि उनके चेहरे पर दूसरी लड़कियों से अधिक बाल होते हैं. कुछ तो वैक्स भी कराती हैं. उनके लिए ब्लीच का ऑप्शन नहीं होता है क्योंकि उनके बाल काफी बड़े होते हैं."

रचना बताती हैं कि जो लड़कियां उनके पास आती हैं वो अपने चेहरे के बालों को लेकर बहुत अधिक कॉन्शियस रहती हैं.

डॉ. सुरूचि का भी यही मानना है कि चेहरे पर बाल का सबसे अधिक असर दिमाग़ पर होता है. इससे कॉन्फिडेंस बुरी तरह प्रभावित होता है.

दिल्ली स्थित मैक्स हेल्थ केयर के एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डिपार्टमेंट में प्रमुख डॉक्टर सुजीत झा बताते हैं कि महिलाओं में भी पुरुषों वाले हॉर्मोन होते हैं लेकिन बहुत कम मात्रा में. लेकिन जब ये हॉर्मोन लेवल बढ़ जाता है तो चेहरे पर बाल आ जाते हैं.

डॉ सुजीत भी मानते हैं कि पीसीओडी इसका सबसे अहम कारण होता है जिसकी वजह से हॉर्मोन असंतुलित हो जाते हैं. पीसीओडी की शिकायत उन लोगों को ज़्यादा होती है जिनका वज़न अधिक होता है.

"सबसे पहले तो ये समझने की ज़रूरत है कि बाल आने की वजह क्या है? क्या ये जेनेटिक है या हॉर्मोन की वजह से है. इसके अलावा अगर चेहरे पर बाल अचानक से आ गए हैं तो ये कैंसर का भी लक्षण हो सकता है लेकिन इसकी गुंजाइश बहुत कम होती है."

पीसीओडी का वो मामला जो वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है

ब्रिटेन में रहने वाली हरनाम कौर का नाम पूरी दाढ़ी वाली सबसे कम उम्र की महिला के तौर पर गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है. जब हरनाम 16 साल की थीं तब पता चला की उन्हें पॉलिसिस्टिक सिंड्रोम है जिसकी वजह से उनके चेहरे और शरीर में बाल बढ़ने लगे.

शरीर और चेहरे पर अतिरिक्त बालों की वजह से उन्हें अपने स्कूल में दुर्व्यवहार उठाना पड़ा और कई बार तो स्थिति इतनी खराब हो गई उन्होंने सुसाइड करने का भी सोचा.

हरनाम कौर
BBC
हरनाम कौर

लेकिन अब उन्होंने ख़ुद को इसी रूप में स्वीकार कर लिया है. पिछले कई सालों से उन्होंने अपने चेहरे के बाद नहीं हटवाए.

वो कहती हैं " वैक्सिंग से त्वचा कटती है, खिंचती है. मेरी त्वचा कई बार ल गई. घाव भी हुए, ऐसे में दाढ़ी बढ़ाना बहुत राहत भरा फ़ैसला था."

हरनाम मानती हैं कि ये सफ़र काफी मुश्किल भरा रहा लेकिन अब वो इससे परेशान नहीं होतीं.

बतौर हरनाम मुझे अपनी दाढ़ी से बहुत प्यार है. मैंने अपनी दाढ़ी को एक शख़्सियत दी है. वो किसी पुरुष की नहीं एक महिला की दाढ़ी है."

ये भी पढ़ें...

प्रेग्नेंसी से बचने के लिए ये तरीक़े ख़ूब पसंद आ रहे

वो महिला जिस पर भिड़े हुए हैं सऊदी अरब और कनाडा

ब्लॉग: कैसे लोग चलाते हैं बालिका गृह?

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

BBC Hindi
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Why do the beard-mustache come on the faces of girls

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X