मालगाड़ी से नहीं भी टकराती ट्रेन तो भी होता भीषण हादसा, कोरोमंडल एक्सप्रेस से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आई

Coromandel Express Accident: कोरोमंडल एक्सप्रेस अगर मालगाड़ी से नहीं भी टकराती तो भी बड़ा हादसा होना तय था। प्रारंभिर रिपोर्ट जो भी बातें सामने आई हैं वे बेहद चौंकाने वाले हैं।

How Coromandal Train Accident Hindi

Balasore Train Accident News in Hindi: ओडिशा के बालासोर में हुई ट्रेन दुर्घटना को लेकर अब आए दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इन्हीं खुलासों में एक बार फिर से लूप लाइन की चर्चा है। बताया जा रहा है कि कोरोमंडल एक्सप्रेस अगर मालगाड़ी से नहीं भी टकराती फिर भी भीषण हादसा हो सकता था। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक कोरोमंडल एक्सप्रेस (Coromandel Express) उस समय 128 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से जा रही थी। इतनी स्पीड में अगर यह ट्रेन लूप लाइन में जाती और मालगाड़ी नहीं भी रहती तो इसकी चार-पांच बोगी आगे से जरूर पलट जाती जिसमें भारी नुकसान हो सकता था। मृतकों की संख्या भले कम होती लेकिन इस दुर्घटना को टालना मुश्किल था। यह कहीं न कहीं तकनीकी खामियों की वजह से दुर्घटना हुई है।

लूप लाइन को पार करते समय 30-45 किमी प्रति घंटे स्पीड होनी चाहिए
रेलवे विशेषज्ञ के मुताबिक लूप लाइन को क्रॉसओवर करते समय ट्रेन की स्पीड 30 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे होनी चाहिए। लेकिन उस समय कोरोमंडल एक्सप्रेस (Coromandel Express) की स्पीड 128 किमी प्रति घंटे थे। ट्रेन कपलिंग द्वारा एक दूसरे से जुड़े डिब्बों को समायोजित किया जाता है। लूप लाइन पर क्रॉस करते समय ट्रेन के डिब्बे में प्रत्येक को मुड़ने के लिए समय चाहिए होता है। एक वरिष्ठ रेलवे विशेषज्ञ ने कहा, शुक्रवार की दुर्घटना दोनों टक्कर और लूप लाइन की ओर अचानक मोड़ का एक संयोजन था।

प्रारंभिक रिपोर्ट में यह बात आई है सामने
प्रारंभिक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि मालगाड़ी के लूप लाइन में प्रवेश करने के बाद 'प्वाइंट' या 'स्विच' 'रिवर्स' स्थिति में रहा। कोरोमंडल एक्सप्रेस को मुख्य लाइन लेने की अनुमति देने के लिए इसे सामान्य स्थिति में ले जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। फिर भी सिग्नलिंग टीम को एक सिग्नल प्राप्त हुआ जिसके बाद सभी सिग्नलों को 'ऑफ' या ग्रीन कर दिया गया। बता दें कि इस बालासोर हादसे ने भारत की रेल व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ट्रेन हादसे की होगी सीबीआई जांच
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे बोर्ड की मांग पर बालासोर ट्रेन हादसे की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है। यह जांच कल यानी मंगलवार 5 जून से शुरु हो जाएगी। रेलमंत्री ने कहा कि मामले में किसी भी प्रकार से दोषियों का बख्शा नहीं जाएगा। वहीं ट्रेन हादसे के बाद रेल पटरियों को दुरुस्त करने का काम तेजी से चल रहा है।

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