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'ये अपमान बर्दाश्त नहीं', भारतीय महिलाओं से क्यों धुलवाए गए मिस वर्ल्ड कंटेस्टेंट के पैर? क्यों हो रहा विवाद?

Miss World contestants: भारत घूमने आई मिस वर्ल्ड कंटेस्टेंट के मंदिर जाने से पहले पैर धोने का वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। असल में तेलंगाना की स्थानीय महिलाओं ने मिस वर्ल्ड प्रतियोगियों को मंदिर में पैर धोने में मदद कर रही थी...इस वीडियो के साममे आने के बाद राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है। कुछ लोग इसे सही तो कुछ लोग इसे गलत ठहरा रहे हैं।

विपक्षी दलों भाजपा और भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने कांग्रेस सरकार पर भारतीय महिलाओं की गरिमा का अपमान करने और औपनिवेशिक युग के दृष्टिकोण को पुनर्जीवित करने का आरोप लगाया है। आइए जानें पूरा मामला क्या है?

Miss World contestants

मिस वर्ल्ड कंटेस्टेंट के पैर धोने का क्या है मामला?

असल में ये पूरा मामला मुलुगु जिले के ऐतिहासिक रामप्पा मंदिर (जो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है) का है। सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि महिलाएं जो मंदिर की स्वयंसेवक हैं, वो मिस वर्ल्ड कंटेस्टेंट की महिलाओं को पैर धोने में मदद करती नजर आ रही हैं। पैर धोने के बाद उन्हें तौलिए से पोंछकर सुखा भी रही हैं।

मिस वर्ल्ड संगठन ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो शेयर कर जानकारी दी है कि ये अनुष्ठान रामप्पा मंदिर परिसर में प्रवेश करने से पहले पारंपरिक शुद्धिकरण अभ्यास का हिस्सा था। इसका मकसद "शारीरिक और आध्यात्मिक आत्म को शुद्ध करना" करना था और इसे स्थानीय रीति-रिवाजों के सम्मान के प्रतीक के रूप में किया गया था।

वीडियो पर क्या कह रहे हैं राजनीतिक नेता?

बीआरएस ने मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी और कांग्रेस सरकार की इस बात को लेकर आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि ये एक अपमानजनक और तमाशा करने जैसा है। ये तेलंगाना के स्वाभिमान पर चोट है। पूर्व मंत्री सबिता इंद्र रेड्डी, सत्यवती राठौड़, सुनीता लक्ष्मा रेड्डी और विधायक कोवा लक्ष्मी समेत वरिष्ठ बीआरएस महिला नेताओं ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को एक खुला पत्र लिखकर बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है।

उन्होंने आरोप लगाया कि दलित, आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं से सेवा के नाम पर ये जो काम कराया गया है, ये गलत है। इन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया है। ये उन आदर्शों का विश्वासघात है, जिन पर तेलंगाना राज्य का आंदोलन खड़ा किया गया था।

सोनिया गांधी को लिखे गए पत्र में कहा गया है, ''तेलंगाना की बेटियों को सिर्फ प्रचार के लिए सहारा बनाना अस्वीकार्य है। अगर इस तरह की हरकतों को अनदेखा किया गया, तो इससे राज्य के चार करोड़ लोग, खासकर इसकी महिलाएं अलग-थलग पड़ सकती हैं।''

बीआरएस नेता बोले- ये महिलाओं को निराश करने का काम है

बीआरएस नेताओं ने कांग्रेस पर महिलाओं को बड़े पैमाने पर निराश करने का भी आरोप लगाया है। महालक्ष्मी योजना के तहत अधूरे वादों, महिलाओं को स्कूटर और वित्तीय सहायता की कमी और आशा कार्यकर्ताओं और पुलिस बटालियन की पत्नियों के साथ कथित दुर्व्यवहार का हवाला देते हुए उन्होंने सरकार की आलोचना की है।

बीआरएस नेताओं ने कहा,

''सरकार के पास अंतरराष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिताओं पर खर्च करने के लिए 200 करोड़ रुपये हैं, लेकिन महिलाओं के कल्याण पर नहीं।"

भाजपा ने कहा- कांग्रेस की मानसिकता अस्वस्थ है

भाजपा ने इस घटना को कांग्रेस पार्टी की मानसिकता में गहरी अस्वस्थता का लक्षण बताया। तेलंगाना भाजपा प्रमुख जी किशन रेड्डी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा,

"इस घटना ने सबको चौंका दिया है। तेलंगाना कांग्रेस सरकार ने स्थानीय महिलाओं को मिस वर्ल्ड प्रतियोगियों के पैर धोने और पोंछने के लिए कहा, यह अपमानजनक कृत्य है, इससे औपनिवेशिक युग की मानसिकता की बू आती है।"

उन्होंने आदिवासी देवताओं सम्मक्का और सरलम्मा को समर्पित क्षेत्रों सहित पवित्र स्थानों के पास किए जाने वाले अनुष्ठान पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कांग्रेस आलाकमान को भी समान रूप से जिम्मेदार ठहराया और मांग की कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी भारतीय संस्कृति और नारी शक्ति के "आत्मसमर्पण" के लिए माफी मांगें।

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