Subhashini Yadav: क्या करती हैं शरद यादव की बेटी सुभाषिनी यादव, सियासी घराने में हुई है शादी
Sharad Yadav Daughter Subhashini Yadav: शरद यादव की बेटी 2020 में कांग्रेस के टिकट पर बिहार की बिहारीगंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ीं थी। उन्हें शरद यादव का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जा रहा है।

Sharad Yadav daughter Subhashini Yadav: पूर्व केंद्रीय मंत्री, आरजेडी नेता और जेडीयू के अध्यक्ष रह चुके शरद यादव का गुरुवार को 75 साल की उम्र में निधन हो गया। शरद यादव की तबीयत पिछले काफी दिनों से खराब चल रही थी, जिसके बाद उन्हें गुरुग्राम के फॉर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। अस्पताल की तरफ से बयान जारी कर बताया गया कि शरद यादव को बेहोश अवस्था में इमरजेंसी वार्ड में लाया गया था और ना ही उनकी नब्ज चल रही थी और ना ही रिकॉर्ड करने लायक ब्लड प्रेशर था। शरद यादव के निधन की खबर उनकी बेटी सुभाषिनी यादव ने सोशल मीडिया पर दी। आइए जानते हैं कि कौन हैं सुभाषिनी यादव?

बिहारीगंज से विधानसभा का चुनाव लड़ चुकी हैं सुभाषिनी
गुरुवार को रात करीब 11 बजे सुभाषिनी यादव ने ट्वीट कर बताया, 'पापा नहीं रहे'। सात बार लोकसभा और तीन बार राज्यसभा के सांसद रहे शरद यादव की एक बेटी सुभाषिनी यादव और एक बेटा शांतनु यादव है। शांतनु यादव लंदन में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि सुभाषिनी यादव यहीं अपने पिता की तरह देश की राजनीति में सक्रिय हैं। सुभाषिनी यादव दो साल पहले कांग्रेस में शामिल हुईं थी और बिहार की बिहारीगंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ीं। हालांकि इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और वो तीसरे स्थान पर रहीं।

राजनीति से जुड़ा है सुभाषिनी का ससुराल
सुभाषिनी यादव का ससुराल भी राजनीति से जुड़ा है और उनकी शादी हरियाणा में जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके कमलवीर सिंह के बेटे राजकमल राव से हुई है। पिछले दिनों कई मौकों पर राजकमल राव अपने ससुर शरद यादव के साथ दिखाई दिए, जिसके बाद उन्हें लेकर कयास लगाए जाने लगे। हरियाणा में गुरुग्राम के आईआईएलएम से मार्केटिंग में एमबीए की डिग्री ले चुकीं सुभाषिनी यादव को अब अपने पिता शरद यादव का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जा रहा है।

'कश्मीर में तिरंगा फहराने से कोई ताकत नहीं रोक सकती'
सुभाषिनी यादव इस समय कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में सक्रिय तौर पर हिस्सा ले रही हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में वो इस यात्रा का हिस्सा बनीं और सोशल मीडिया पर तस्वीरें भी शेयर कीं। हाल ही में जब दिल्ली में वो राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं तो उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमारी ये यात्रा दिल्ली पहुंच गई है और अब हम कश्मीर में यात्रा निकालकर तिरंगा फहराएंगे। सुभाषिनी यादव ने कहा कि दुनिया की कोई भी ताकत हमें कश्मीर में तिरंगा फहराने से नहीं रोक सकती।

बिहार में महागठबंधन बनाने में रही शरद यादव की भूमिका
आपको बता दें कि छात्र राजनीति से केंद्रीय मंत्री तक का सफर तय करने वाले शरद यादव जेपी आंदोलन का अहम हिस्सा रहे थे। अपने सियासी जीवन में शरद यादव को ज्यादातर विपक्षी खेमे के अंदर बड़ी भूमिकाओं में रखा गया। 2015 में विधानसभा चुनाव के वक्त बिहार में महागठबंधन बनाने में भी शरद यादव का ही सबसे बड़ा रोल रहा। बिहार में इस समय सरकार चला रही पार्टी जेडीयू के संस्थापक सदस्य रहे शरद यादव ने नीतीश कुमार का साथ उस वक्त छोड़ दिया था, जब उन्होंने महागठबंधन से नाता तोड़कर एनडीए का दामन थाम लिया।












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