'5 बच्चे पैदा करें, पाल नहीं सकते तो 4 हमें दे दीजिए', कौन हैं सिखों से ये अपील करने वाले संत हरनाम सिंह खालसा
Harnam Singh Khalsa: का एक बयान वायरल हो रहा है। सिख धर्मगुरु हरनाम सिंह खालसा ने एक सार्वजनिक सभा में सिखों से खास अपील करते हुए कहा कि, ''कम से कम 5 बच्चे पैदा करें, अगर पालने में दिक्कत आए तो, 4 हमें दे दीजिए।''
हरनाम सिंह खालसा ने आगे कहा, 'ज्यादा बच्चे पैदा करने से पंजाब को धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक तौर पर मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।' उन्होंने ये भी कहा कि, सिख को ही नहीं बल्कि पंजाब में रहने वाले अन्य समुदाय के लोगों को भी इतने बच्चे करने चाहिए।''

हरनाम सिंह खालसा ने सिखों को ये भी सलाह दी है कि, ''अभी समय है और अगर ये समय निकल गया तो फिर आप लोग पछताएंगे। आपको उन्हें पालने में दिक्कत है तो, एक को अपने पास रख लीजिए और 4 मुझे दे दीजिए।''
हरनाम सिंह खालसा अपने इस बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर भी विवादों में हैं। लोग उनके बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं कि आखिर ये हरनाम सिंह खालसा कौन हैं?
who is Harnam Singh Khalsa: कौन हैं हरनाम सिंह खालसा?
- हरनाम सिंह खालसा एक पंजाबी सिख उपदेशक, संत और सिख धर्मगुरु हैं। वर्तमान में हरनाम सिंह खालसा सिख संस्था दमदमी टकसाल के 16वें मुखी ज्ञानी हैं। इनसे पहले दमदमी टकसाल के मुखी बाबा ठाकुर सिंह थे। दमदमी टकसाल का नेतृत्व खालिस्तानी जरनैल सिंह भिंडरावाले ने भी किया था।
- हरनाम सिंह खालसा का जन्म 23 मई 1968 को पंजाब के पटियाला जिले के राजपुरा के पास धुम्मा में हुआ है। उनके पिता का नाम तरलोचन सिंह और मां का नाम अवतार कौर है। बाबा हरनाम सिंह का बचपन से ही प्रार्थना और ध्यान में लीन रहते थे।

- हरनाम सिंह ने अपनी पढ़ाई धुम्मा गांव के सरकारी प्राइमरी स्कूल से पूरी की। उन्होंने पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की और छठी कक्षा में सरकारी मिडिल स्कूल में दाखिला लेने के बाद उन्होंने स्कूल छोड़ दिया।
- दमदमी टकसाल के मुखी रह चुके संत करतार सिंह भिंडरावाले ने 1977 में जत्थे के साथ गुरुद्वारा नाभा साहिब का दौरा किया था। रनाम सिंह अपने माता-पिता के साथ संत करतार सिंह के दर्शन करने गए थे। संत करतार सिंह से मिलने और उनकी कथा सुनने के बाद हरनाम सिंह ने नौ साल की उम्र में अमृतपान कर लिया था और सांसारिक इच्छाओं का त्याग कर दिया था।
- साल 1978 में संत जरनैल सिंह ने सिख साहित्यिक अध्ययन के लिए युवा हरनाम सिंह का चयन किया था। इसके बाद हरनाम सिंह अपने माता-पिता से आदेश लेकर दमदमी टकसाल के सदस्य बन गए। यहीं से हरनाम सिंह की धार्मिक यात्रा शुरू हुई।

पंजाब में विद्रोह में जेल जा चुके हैं हरनाम सिंह
भारत के पंजाब में विद्रोह के दौरान हरनाम सिंह को पंजाब पुलिस ने कैद कर लिया था। उस वक्त बाबा हरनाम सिंह, संत जरनैल सिंह के उत्तराधिकारी बाबा ठाकुर सिंह के सेवादार थे, जो टकसाल के एक बुजुर्ग सदस्य थे। 1993 में ठाकुर सिंह ने हरनाम सिंह को अमेरिका भेज दिया था।
कहा जाता है कि हरनाम सिंह कैलिफोर्निया के मंटेका शहर में 11 साल रहें। हरनाम सिंह के पास अमेरिका की दोहरी नागरिकता यानी वह यूएसए के ग्रीन कार्ड होल्डर हैं।

कैसे दमदमी टकसाल के मुखी बने हरनाम सिंह
दिसंबर 2004 में बाबा ठाकुर सिंह की मृत्यु के बाद हरनाम सिंह उनके उत्तराधिकारी बने। जनवरी 2005 में हरनाम सिंह ने गुरुद्वारा गुरदर्शन प्रकाश मेहता चौक पर एक सभा आयोजित की, जिसमें उन्होंने संत जरनैल सिंह भिंडरावाले को शहीद घोषित किया था।
हरनाम सिंह को दमदमी टकसाल के मुखी बनने के बाद गुट के अंदर कलह का भी सामना करना पड़ा था। कई सदस्य हरनाम सिंह के मुखी बनने को लेकर सहमत नहीं थे। हालांकि साल 2017 में आधिकारिक तौर पर अधिकांश सिख समुदाय ने बाबा हरनाम सिंह को सही उत्तराधिकारी के रूप में स्वीकार कर लिया था।












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