Raseshwari Devi : '1500 सीटों वाला मेडिटेशन सेंटर', कौन हैं रसेश्वरी देवी? क्यों हैं चर्चा में?
Raseshwari Devi: न्यूज रूम से लेकर सोशल मीडिया पर आध्यात्मिक गुरु रसेश्वरी देवी का नाम काफी चर्चित है, वजह है योग और मेडिटेशन सेंटर, दरअसल रसेश्वरी देवी ने ओडिशा में एक बड़े 1500-सीटर योग और मेडिटेशन सेंटर के निर्माण की घोषणा की है, जिसके बाद रसेश्वरी देवी का नाम सुर्खियों में आ गया है । योग और मेडिटेशन सेंट बनाने का उद्देश्य ध्यान, योग और आध्यात्मिक साधना को बड़े स्तर पर बढ़ावा देना है।

रसेश्वरी देवी कौन हैं?
रासेश्वरी देवी एक भारतीय आध्यात्मिक गुरु, सनातन वैदिक दर्शन की प्रचारक और 'ब्रज गोपिका सेवा मिशन' की संस्थापक-अध्यक्षा हैं। उनका जन्म भिलाई में हुआ था, और उन्होंने गणित और अंग्रेजी साहित्य की पढ़ाई पूरी करने के बाद, वर्ष 1988 में जगद्गुरु स्वामी श्री कृपालु महाराज के मार्गदर्शन में संन्यास का मार्ग अपनाया। एक अत्यंत आध्यात्मिक परिवार में पली-बढ़ी रासेश्वरी देवी को बहुत कम उम्र में ही भक्ति-शिक्षाओं और शास्त्रों के अध्ययन से परिचित करा दिया गया था।
ध्यान, योग और भक्ति कार्यक्रमों का संचालन
उनकी आध्यात्मिक यात्रा को उनके गुरु और उनके पिता दोनों ने ही आकार दिया, उनके पिता ने उन्हें उपनिषदों और श्रीकृष्ण भक्ति परंपराओं के अध्ययन में मार्गदर्शन प्रदान किया। ब्रह्म गोपिका सेवा मिशन वर्ष 1998 में स्थापित किया गया था और देश-विदेश में ध्यान, योग और भक्ति-आधारित आध्यात्मिक कार्यक्रमों का संचालन करता है। रासेश्वरी देवी अपने आध्यात्मिक कथा वाचन और सत्संग के लिए काफी लोकप्रिय हैं। उन्होंने वैदिक दर्शन, श्रीकृष्ण भक्ति और ध्यान साधना के महत्व को विदेशों तक पहुंचाया है।

22 वर्ष की आयु में रसेश्वरी देवी ने लिया संन्यास
मात्र 22 वर्ष की आयु में उन्होंने संन्यास ग्रहण किया था, आज के समय में उन आध्यात्मिक गुरुओं में शामिल हैं जो पारंपरिक भक्ति, योग और ध्यान को आधुनिक जीवनशैली से जोड़ने का प्रयास कर रही हैं।
रसेश्वरी देवी के प्रमुख कार्य और मिशन
रसेश्वरी देवी के नेतृत्व में ब्रह्म गोपिका सेवा मिशन कई आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियां चलाता है, जैसे:योग और ध्यान शिविर, युवा जागरूकता कार्यक्रम,सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियां और स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा प्रोजेक्ट। उनका मानना है कि प्राचीन भारतीय ज्ञान को आधुनिक जीवन में अपनाकर मानसिक शांति और संतुलन पाया जा सकता है।

1500 सीटों वाला मेडिटेशन सेंटर
यह केंद्र ओडिशा के खुर्दा जिले के टांगी क्षेत्र के पास बनाया जा रहा है।इसमें एक साथ 1500 से अधिक लोग ध्यान और योग कर सकेंगे।यह केंद्र ध्यान, योग शिक्षा और आध्यात्मिक रिट्रीट का बड़ा हब बनने की योजना है। इसका उद्देश्य सामूहिक ध्यान के माध्यम से मानसिक शांति और आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा देना है। इसके अलावा संगठन ने हरिद्वार में भी एक सप्ताह का बड़ा ध्यान शिविर आयोजित करने की घोषणा की है, जिसमें देश-विदेश से हजारों साधक शामिल हो सकते हैं।














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