कौन है पिंकी चौधरी, जिसने कहा- बांग्लादेश में हिन्दुओं पर अत्याचार बंद करो, वरना हम भी वैसा ही बर्ताव करेंगे'
Bangladesh Crisis: बांग्लादेश में जारी हिंसा और विरोध के बीच हिंदुओं पर लगातार अत्याचार की खबरें सामने आ रही है। प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटाए जाने के बाद सैकड़ों हिंदू घरों, व्यवसायों और मंदिरों में तोड़फोड़ की जा रही है। इस बीच हिन्दू रक्षा दल के पिंकी चौधरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
इस वीडियो में पिंकी चौधरी ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का विरोध किया है। पिंकी चौधरी ने वीडियो में कहा, ''बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहा अत्याचार 24 घंटे में बंद हो, वरना भारत में हम बांग्लादेशियों से वैसा ही व्यवहार करेंगे।'' पिंकी चौधरी के इस वीडियो को सोशल मीडिया पर कई लोगों ने शेयर किया है। इस बीच आइए जानते हैं कि पिंकी चौधरी कौन है?

Who is Pinky Chaudhary: कौन है पिंकी चौधरी
- पिंकी चौधरी, का पूरा नाम भूपेंद्र तोमर है। लेकिन ये पिंकी चौधरी के नाम से मशहूर हैं। पिंकी चौधरी हिंदू रक्षा दल के प्रमुख हैं।
- पिंकी चौधरी ने 2013 में हिंदू रक्षा दल नाम का संगठन बनाया था। पिंकी चौधरी का विवादों से पुराना नाता है।
- पिंकी चौधरी पर पहले भी कई विवादों में नाम सामने आ चुका है। पिंकी चौधरी पर गाजियाबाद पुलिस ने गुंडा एक्ट भी लगाया था।
- पिंकी चौधरी अल्पसंख्यक विरोधी बयानों को लेकर भी चर्चा में आ चुके हैं। 2020 में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्रों की पिटाई के बाद भी पिंकी ने वीडियो जारी कर इसकी जिम्मेदारी ली थी।
- गाजियाबाद में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमले की कोशिश में भी पिंकी चौधरी का नाम आ चुका है।
- दिल्ली में जंतर-मंतर पर 2021 में हुई हिंदू संगठनों की एक रैली के दौरान पिंकी चौधरी का नाम सांप्रदायिक नारेबाजी में आया था।
- इस मामले में उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी। उसके बाद कुछ दिनों के लिए पिंकी चौधरी अंडरग्राउंड हो गए थे। उन्होंने 31 अगस्त 2021 को कनॉट प्लेस थाने में सरेंडर कर दिया था। इस मामले में उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।
बांग्लादेश में हिंदुओं के हालात पर गृह मंत्रालय का एक्शन
बांग्लादेश में हिंदुओं के हालात पर गृह मंत्रालय ने एक्शन लिया है। भारत ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की है, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि "विशेष रूप से चिंताजनक बात यह है कि अल्पसंख्यकों, उनके व्यवसायों और मंदिरों पर भी कई स्थानों पर हमला किया गया।"
भारत सरकार के दो सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि भारत ने बांग्लादेश में अपने दूतावास और वाणिज्य दूतावासों से सभी गैर-आवश्यक कर्मचारियों और उनके परिवारों को निकाल लिया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी भारतीय राजनयिक बांग्लादेश में ही हैं और मिशन काम कर रहे हैं। राजधानी ढाका में उच्चायोग या दूतावास के अलावा, चटगांव, राजशाही, खुलना और सिलहट में भारत के सहायक उच्चायोग या वाणिज्य दूतावास हैं।












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