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कौन हैं महात्‍मा गांधी के परपोते तुषार गांधी, जानिए इनके बारे में सब कुछ

कौन हैं महात्‍मा गांधी के परपोते तुषार गांधी, जानिए इनके बारे में सब कुछ

Mahatma Gandhi's great-grandson Tushar Gandhi: कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा इन दिनों महाराष्‍ट्र में है। रामेश्‍वर, कन्‍याकुमारी से हुई इस यात्रा का प्रतिनिधित्‍व राहुल गांधी कर रहे हैं। वहीं शुक्रवार को ये भारत जोड़ो यात्रा एक बार फिर चर्चा में आ गई जब महाराष्‍ट्र के बुलढाणा जिले में शेगांव में इस यात्रा में राहुल गांधी के साथ महात्‍मा गांधी के परपोते तुषार गांधी जब जुड़े। कांगेस ने तुषार गांधी की यात्रा में भागीदारी को ऐतिहासिक बताया। आइए जानते हैं तुषार गांधी कौन हैं और करते क्‍या है। इसके अलावा उनके इस भारत जोड़ो यात्रा से जुड़ने के मायने हैं?

ये ही रेलवे स्‍टेशन है तुषार गांधी की जन्‍मस्‍थली

ये ही रेलवे स्‍टेशन है तुषार गांधी की जन्‍मस्‍थली

बता दें महात्‍मा गांधी के परपोते तुषार गांधी जो एक लेखक और एक्‍टविस्‍ट हैं उन्‍होंने शुक्रवार को महाराष्‍ट्र में शेगांव में जहां भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए, ये जगह उनकी जन्‍मस्‍थली है। तुषार ने ये यात्रा में शामिल की जानकारी ट्टीट कर दी थी। जिसमें उन्‍होंने बताया कि उनकी मां ने शेगांव के रेलवे स्‍टेशन पर चलती ट्रेन में मुझे जन्‍म दिया था मुंबई और कोलकाता के बीच ट्रेन में जन्मे तुषार गांधी का पालन-पोषण मुंबई में हुआ।

 महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी को इसने दी नई पहचान

महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी को इसने दी नई पहचान

तुषार गांधी का पूरा नाम तुषार अरुण गांधी है इनका जन्म 17 जनवरी 1960 हुआ। उनका पिता पत्रकार अरुण मणिलाल गांधी हैं और तुषार मणिलाल गांधी के पोते और महात्मा गांधी के परपोते हैं। गुजराती स्‍कूल में प्रारंभिक पढ़ाई करने के बाद तुषार ने गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी, मुंबई से प्रिंटिंग में डिप्लोमा किया है। तुषार को 1998 में वडोदरा, गुजरात में महात्मा गांधी फाउंडेशन की स्थापना के लिए जाना जाता है।

इन फिल्‍मों में भी नजर आ चुके हैं तुषार गांधी

इन फिल्‍मों में भी नजर आ चुके हैं तुषार गांधी

तुषार की एक नॉनफिक्शन किताब, लेट्स किल गांधी, 2007 में प्रकाशित हुई थी और कुछ हफ्तों के लिए भारत में बेस्ट सेलर बन गई थी। मार्च 2005 में तुषार गांधी ने दांडी मार्च की 75वीं वर्षगांठ को फिर से लागू करने की पहल की और इसका नेतृत्‍व किया। तुषार गांधी ने कमल हसन द्वारा निर्देशित एक काल्पनिक बॉलीवुड फिल्म, "हे राम" में खुद को चित्रित किया और 2009 में उन्होंने अपने जीवन के एक कहानी पर आधारित अर्ध-काल्पनिक फिल्म "रोड टू संगम" में भी काम किया।

तुषार गांधी का परिवार

तुषार गांधी का परिवार

2019 में तुषार गांधी महाराष्ट्र के जलगांव में गांधी रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक बने। "लेट्स किल गांधी" (रूपा बुक्स; 2007) और "द लॉस्ट डायरी ऑफ कस्तूर, माई बा" (हार्पर कॉलिन्स इंडिया; 2022) के लेखक तुषार गांधी की पत्नी सोनल देसाई और दो बच्‍चे बेटा विवान गांधी और बेटी कस्तूरी गांधी है। अपने परिवार के साथ तुषार गांधी मुंबई में रहते हैं। उनकी बेटी का नाम कस्तूरी कस्तूरबा गांधी के नाम पर रखा गया था।

गांधी और जवाहरलाल के परपोते की यात्रा बना ऐतिहासिक पल

गांधी और जवाहरलाल के परपोते की यात्रा बना ऐतिहासिक पल

कांग्रेस ने राहुल गांधी और तुषार गांधी को जवाहरलाल नेहरू और महात्मा गांधी के परपोतों को, दोनों दिवंगत नेताओं की विरासत के वाहक के रूप में वर्णित किया। कांग्रेस ने इस पल को ऐतिहासिक बताया। तुषार गांधी के इस भारत जोड़ो यात्रा से जुड़ने से यात्रा को ही नहीं कांग्रेस को काफी बल मिला है। महात्‍मा गांधी के आर्दशों पर चलने वाले तुषार गांधी के इस यात्रा से जुडुने पर कांग्रेसी बहुत उत्‍साहित हैं। वहीं यात्रा से जुड़े कार्यकर्ताओं और नेताओं को नया जोश मिला है।

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