कौन हैं कृपा शंकर कनौजिया, जो डिप्टी SP के बाद बना दिए गए फिर से सिपाही, क्या है UP पुलिस का वो नियम

kripa shankar kannaujiya: उत्तर प्रदेश पुलिस ने डिप्टी एसपी कृपा शंकर कनौजिया को डिमोशन देने के बाद फिर एक कांस्टेबल के पद पर पहुंचा दिया। कृपा शंकर कनौजिया को होटल में महिला कांस्टेबल के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने के तीन साल बाद यह पद दिया गया है।

महिला सिपाही के साथ होटल में पकड़े जाने वाले सर्किल ऑफिसर कृपा शंकर कनौजिया को फिर से सिपाही बना देने को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है। ऐसे में हर कोई ये जानना चाहता है कि यूपी पुलिस का वो कौन सा नियम है, जिसकी वजह से कृपा शंकर कनौजिया का डिमोशन हुआ है।

kripa shankar kannaujiya

सबसे हैरान करने वाली बात तो ये है कि सिपाही पद पर पुलिस में भर्ती होने वाले कृपा शंकर अपनी मेहनत से प्रमोट होकर सीओ के पद तक पहुंचे थे। लेकिन उनकी चारित्रिक पतन की वजह से वह फिर से वहीं पहुंच गए हैं, जहां से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी। असल में पुलिस आचरण नियमावली का उल्लंघन करने पर विभाग ने उनके खिलाफ ये कार्रवाई की है।

🔴 Who is kripa shankar kannaujiya: कौन हैं कृपा शंकर कनौजिया?

⚫️ कृपा शंकर कनौजिया, जो पहले उन्नाव में बीघापुर के सर्किल ऑफिसर (सीओ) के पद पर थे। लेकिन अब डिमोशन के बाद कृपा शंकर कनौजिया गोरखपुर में 26वीं प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) बटालियन में नियुक्त किया गया है।

⚫️ कृपा शंकर कन्नौजिया उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले हैं। वह साल 1986 में यूपी पुलिस के सिपाही पद पर भर्ती हुए थे। कृपा शंकर कन्नौजिया विभागीय परीक्षाएं देकर हेड कांस्टेबल और फिर सब-इंस्पेक्टर के पद तक पहुंचे थे।

⚫️कृपा शंकर कन्नौजिया के बेहतर काम को देखते हुए, वो फिर इंस्पेक्टर के पद पर पहुंचे और 26वीं वाहिनी पीएसी में तैनात किया गया। इसके बाद सर्किल ऑफिसर के पद पर पदोन्नत कर उन्हें उन्नाव जिले के बीघापुर में पोस्टिंग दी गई थी।

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🔴 कैसे महिला कांस्टेबल के साथ होटल में पकड़े गए थे कृपा शंकर कनौजिया

कृपा शंकर कनौजिया जुलाई 2021 में छुट्टी लेने के बाद से ही लापता हो गए थे, जिसके बाद से उनकी प्रतिष्ठा में गिरावट शुरू हो गई थी। कनौजिया ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए छुट्टी मांगी थी, लेकिन घर लौटने के बजाय वह कानपुर में एक होटल में ठहरे, जहां उनके साथ एक महिला कांस्टेबल भी थी। इस दौरान उन्होंने अपने निजी और सरकारी मोबाइल नंबर दोनों बंद कर दिए, जिससे उनपर शक पैदा हुआ था।

अपने पति के अचानक लापता होने से चिंतित कृपा शंकर कनौजिया की पत्नी ने सहायता के लिए एसपी उन्नाव से संपर्क किया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब निगरानी दल ने पाया कि कानपुर होटल पहुंचने के बाद कनौजिया का मोबाइल नेटवर्क काम करना बंद कर चुका था।

उन्नाव पुलिस तुरंत होटल पहुंची, जहां उन्होंने होटल में महिला कांस्टेबल के साथ कृपा शंकर कनौजिया को आपत्तिनजक हालत में पकड़ा गया था। सीसीटीवी कैमरों ने उनकी एंट्री को कैद कर लिया, जो बाद की जांच के लिए अहम सबूत है।

पुलिस नियमावली का उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ जांच बैठा दी गई। घटना के बाद सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी गई। गहन समीक्षा के बाद, सरकार ने कृपा शंकर कनौजिया को कांस्टेबल के पद पर वापस करने की सिफारिश की।

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🔴 क्या है वो UP पुलिस का नियम, जिसके तहत डिप्टी एसपी अफसर का हुआ डिमोशन

असल में कृपा शंकर कनौजिया के खिलाफ पुलिस नियमावली का उल्लंघन करने के लिए जांच बैठा दी गई थी। पुलिस आचरण नियमावली का उल्लंघन करने का दोषी पाए जाने के बाद ही उन्नाव के डिप्टी एसपी (DSP) रहे कृपा शंकर कनौजिया का डिमोशन करके कांस्टेबल बनाया गया है। चरित्र की कमजोरी की वजह उनके खिलाफ ये फैसला लिया गया है।

यूपी पुलिस की यमावली के तहत एक पुलिसकर्मी को हमेशा शिष्ट और सदाचारी होना चाहिए। भरोसेमंद और निष्पक्षता के अलावा उनका चरित्र जनविश्वास अर्जित करने वाला होना चाहिए। इसके अलावा पुलिसकर्मी को अपनी निजी जिंदगी भी पूरी तरह से निष्कलंक रखने की कोशिश करनी चाहिए। उन्हें अपनी सार्वजनिक जिंदगी और निजी जिंदगी में ऐसे आचरण रखने चाहिए, जिससे जनता को उदाहरण मिल सके।

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