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कौन हैं Justice Vipul Pancholi जिनकी सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति पर हुआ विवाद? जानें पूरा मामला

Justice Vipul Pancholi: सुप्रीम कोर्ट में दो नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की मंजूरी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दे दी है। बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आलोक अराधे और पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपुल मनुभाई पंचोली को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद इस नियुक्ति पर औपचारिक मुहर लगाई। इसके लिए केंद्र सरकार ने आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने दोनों नामों की सिफारिश की थी।

Justice Vipul Pancholi

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने दी जानकारी

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के महज़ दो दिन बाद दोनों जजों की नियुक्ति हो गई है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत के संविधान प्रदत्त शक्तियों के तहत राष्ट्रपति ने इन दोनों मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया है।

Justice Vipul Pancholi की नियुक्ति पर रहा विवाद

न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की नियुक्ति को लेकर कॉलेजियम की बैठक में असहमति भी सामने आई थी। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि कॉलेजियम में जस्टिस पंचोली के नाम पर सहमति नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट की जज और कॉलेजियम में शामिल जस्टिस बी. वी. नागरत्ना ने उनके नाम पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने जस्टिस पंचोली की ऑल इंडिया सीनियरिटी में अपेक्षाकृत कम रैंक को मुद्दा बनाया था। साथ ही, 2023 में गुजरात हाईकोर्ट से पटना हाईकोर्ट स्थानांतरण के कारणों पर आपत्ति जताते हुए उनके नाम का विरोध किया था।

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Supreme Court अब पूरी स्ट्रेंथ के साथ करेगा काम

हालांकि, कॉलेजियम की बहुमत राय के आधार पर जस्टिस पंचोली का नाम मंजूर किया गया है। सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की कुल स्वीकृत संख्या 34 है। पिछले कुछ समय से रिक्तियों के कारण कोर्ट पूरी क्षमता से कार्य नहीं कर पा रहा था। अब जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस विपुल पंचोली के शपथ लेने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट एक बार फिर अपनी पूरी क्षमता यानी फुल स्ट्रेंथ पर काम करेगा। इन नियुक्तियों के बाद न्यायपालिका में संतुलन और कामकाज की गति दोनों ही बेहतर होने की उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट के मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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