20 डिग्री, 2 बार निकाली UPSC, कौन है भारत का सबसे पढ़ा-लिखा शख्स? IAS की नौकरी छोड़ करने लगे ये काम
Success Story In Hindi: क्या आपको पता है कि भारत का सबसे पढ़ा-लिखा शख्स कौन है? यूं तो भारत में कई ऐसे सफल व्यक्ति हैं, जिनकी सफलता की कहानी लोगों को प्रेरित करती है। लेकिन इस लेख में, हम आपको ऐसे शख्स के बारे में बताएंगे...जिन्हें भारत का सबसे शिक्षित नागरिक माना जाता है।
जिस शख्स की हम बात कर रहे हैं, उनका नाम है, श्रीकांत जिचकर। बहुमुखी प्रतिभा के धनी श्रीकांत जिचकर एक राजनीतिज्ञ, सिविल सेवक, शोधकर्ता, डॉक्टर, वकील, पत्रकार और समाज सेवी थे। इन्होंने दो बार UPSC की परीक्षा पास की थी। IAS बनने के बाद इन्होंने नौकरी भी छोड़ दी थी।

Who Was Shrikant Jichkar? जानिए श्रीकांत जिचकर के बारे में?
- एक मराठी परिवार में जन्मे श्रीकांत जिचकर को कई लोग भारत का सबसे शिक्षित व्यक्ति मानते हैं। उन्होंने 42 यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की और 20 से ज्यादा डिग्री उनके पास है। ये सभी डिग्री लग-अलग विश्वविद्यालयों से स्नातक की है।
- एक IAS अधिकारी के तौर पर नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने राजनीति में भी प्रवेश किया था। सिर्फ 26 साल की उम्र में श्रीकांत जिचकर भारत में विधानसभा के सबसे कम उम्र के सदस्य बन गए।
- श्रीकांत जिचकर ने नागपुर से एमबीबीएस और एमडी की डिग्री के साथ ग्रेजुएशन किया था। इसके बाद उन्होंने समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, संस्कृत, इतिहास, अंग्रेजी साहित्य, दर्शनशास्त्र, राजनीति विज्ञान और प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति और पुरातत्व में डिग्री ली।
I found my father’s most handsome picture . He must be around 27 here. The picture is from a ceremony after receiving an award in China for “ Worlds Top 10 Young Influential personalities” #drshrikantjichkar pic.twitter.com/6D2Fh4pJmV
— Maitreyi Shrikant Jichkar (@MaitreyiJichkar) June 1, 2023
- श्रीकांत जिचकर को उनकी इसी काबलियत के लिए कई बार गोल्ड मेडल भी मिले थे। रिपोर्ट के मुताबिक 1973 और 1990 के बीच, श्रीकांत जिचकर ने 42 विश्वविद्यालयों की परीक्षा में हिस्सा लिया था।
- 1978 में श्रीकांत जिचकर ने यूपीएससी परीक्षा पास की थी और भारतीय पुलिस सेवा कैडर में एक केंद्रीय सिविल सेवक के नियुक्त हुए।
- 1980 में श्रीकांत जिचकर ने फिर से आईएएस अधिकारी बनने के लिए यूपीएससी परीक्षा दोबारा देने का फैसला किया था। जिसके लिए उन्होंने सबसे पहले कैडर से इस्तीफा दे दिया।
My father use to tell us inspiring instances he had while working with Shri. Rajiv Gandhi Ji . It reminds me of a quote by George Bernard Shaw “ A gentleman is one who puts more into the world than he takes out.” History one day will be kind. #RajivGandhibirthanniversary pic.twitter.com/hsQ1380327
— Maitreyi Shrikant Jichkar (@MaitreyiJichkar) August 20, 2021
- हालांकि IAS बनने के बाद भी उन्होंने राजनीति में एंट्री की और विधायक बने। फिर उन्होंने एक आईएएस अधिकारी के रूप में अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया, जिसके बाद उन्हें महाराष्ट्र सरकार में मंत्री बनाया गया।
- श्रीकांत जिचकर ने पहले 1980 से 1985 तक महाराष्ट्र विधान सभा और 1986 से 1992 तक महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य के रूप में कार्य किया था।
Found my father’s visiting card.#drshrikantjichkar pic.twitter.com/EQmlluILPB
— Maitreyi Shrikant Jichkar (@MaitreyiJichkar) June 25, 2022
- महाराष्ट्र सरकार के राज्य मंत्री के रूप में कार्य करते समय 49 वर्षीय श्रीकांत जिचकर की मौत हो गई। 2 जून 2004 को नागपुर से लगभग 50 किलोमीटर दूर कोंढाली के पास एक कार एक्सीडेंट में उनका दुखद निधन हुआ। उनकी बेटी अक्सर ट्विटर पर दिवगंत पिता के बारे में पोस्ट करते रहती हैं।












Click it and Unblock the Notifications