कौन हैं गौरव गोगोई की विदेशी पत्नी एलिजाबेथ? पाकिस्तान लिंक से St. Kitts केस तक, असम चुनाव में क्यों है चर्चा
Who is Gaurav Gogoi wife Elizabeth Colburn Gogoi: असम में चुनावी सरगर्मी अब अपने चरम पर है और इस बार मुद्दा सड़क, पानी या विकास नहीं बल्कि 'पासपोर्ट और विदेशी कनेक्शन' बन गया है। एक तरफ कांग्रेस नेता गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) हैं, जिन्होंने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ( Himanta Biswa Sarma) पर विदेशी संपत्तियों और वीजा से जुड़े गंभीर सवाल उठाए हैं, तो दूसरी ओर सीएम सरमा ने पलटवार करते हुए इन आरोपों को "AI से बनाए गए फर्जी दस्तावेज" करार दिया है।
इस पूरे विवाद के बीच गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न और उनके कथित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी चर्चा में आ गए हैं। साथ ही सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने 1989 के चर्चित St. Kitts forgery case का हवाला देकर कांग्रेस पर पुरानी साजिशों की याद दिलाने की कोशिश की है। ऐसे में आइए जानते हैं कौन हैं गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न?

who is Elizabeth Colburn: कौन हैं गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न?
गौरव गोगोई की पत्नी का नाम एलिजाबेथ कोलबर्न है, जिनका जन्म ब्रिटेन में हुआ और उनका परिवार लंदन में रहता है। गोगोई और एलिजाबेथ की मुलाकात साल 2010 में हुई थी, जब दोनों संयुक्त राष्ट्र सचिवालय की एक समिति में इंटर्नशिप कर रहे थे। करीब तीन साल तक एक-दूसरे को जानने के बाद दोनों ने 2013 में नई दिल्ली में शादी कर ली।
एलिजाबेथ का प्रोफेशनल बैकग्राउंड भी काफी मजबूत रहा है। उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई की और जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों पर काम किया। वह क्लाइमेट डेवलपमेंट एंड नॉलेज नेटवर्क (CDKN) के साथ 2011 से 2015 तक जुड़ी रहीं, जहां उन्होंने भारत, पाकिस्तान और नेपाल जैसे देशों में प्रोजेक्ट्स पर काम किया।
उनके कई लेख जलवायु परिवर्तन और विकास से जुड़े विषयों पर प्रकाशित हो चुके हैं। वर्तमान में वह ऑक्सफोर्ड पॉलिसी मैनेजमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में सीनियर एडवाइजर के रूप में काम कर रही हैं, जिसकी जानकारी खुद गोगोई ने अपने चुनावी हलफनामे में दी है।

विवाद में 'विदेशी कनेक्शन' क्यों बना मुद्दा?
इस चुनावी जंग में असली टकराव तब शुरू हुआ जब गोगोई ने मुख्यमंत्री सीएम सरमा के परिवार से जुड़े विदेशी संपत्तियों, दुबई गोल्डन वीज़ा और बिज़नेस कनेक्शन पर सवाल उठाए। उन्होंने सीधे पूछा कि क्या सरमा के परिवार के पास दुबई में प्रॉपर्टी या गोल्डन कार्ड है।
इसके जवाब में सरमा ने न सिर्फ आरोपों को खारिज किया, बल्कि गोगोई पर ही पलटवार कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या गोगोई की पत्नी का पाकिस्तान में कोई बैंक अकाउंट रहा है और क्या वे इसकी जानकारी सार्वजनिक करेंगे।
यहीं से यह मामला 'पासपोर्ट बनाम कनेक्शन' की लड़ाई में बदल गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरमा के परिवार के पास कई देशों के पासपोर्ट और विदेशी निवेश हैं, जबकि बीजेपी ने इसे पूरी तरह झूठ और फर्जी करार दिया।
सरमा का दावा: AI से बनाए गए दस्तावेज
मुख्यमंत्री सरमा ने इस विवाद को और आगे बढ़ाते हुए कहा कि उनके खिलाफ जो दस्तावेज़ पेश किए जा रहे हैं, वे "AI और फोटोशॉप" के जरिए तैयार किए गए हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ये दस्तावेज़ पाकिस्तान से जुड़े सोशल मीडिया नेटवर्क के जरिए फैलाए जा रहे हैं। सरमा ने एक वीडियो शेयर कर यह दिखाने की कोशिश भी की कि आज के समय में तकनीक का इस्तेमाल कर किसी भी तरह के फर्जी दस्तावेज़ तैयार किए जा सकते हैं।
क्या है St. Kitts forgery case, जिसका बार-बार जिक्र हो रहा?
इस पूरे विवाद में सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया जब सरमा ने St. Kitts forgery case का उदाहरण दिया।
यह मामला 1989-90 का है, जब V. P. Singh देश के प्रधानमंत्री थे। उस समय यह आरोप लगाया गया था कि उनके बेटे अजेया सिंह के पास कैरेबियन द्वीप सेंट किट्स में एक गुप्त बैंक खाता है।
बाद में जांच में सामने आया कि यह पूरा मामला फर्जी दस्तावेज़ों पर आधारित था और इसे राजनीतिक साजिश के तौर पर देखा गया। उस दौर में यह आरोप भी लगे कि यह ऑपरेशन कांग्रेस से जुड़े लोगों द्वारा वी.पी. सिंह की छवि खराब करने के लिए किया गया था, क्योंकि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर हो चुके थे।
इसी केस का हवाला देते हुए सरमा यह संदेश देना चाहते हैं कि आज भी उसी तरह के 'फर्जी दस्तावेज' बनाकर राजनीतिक हमला किया जा रहा है।
कांग्रेस के आरोप और बढ़ा सियासी तापमान
कांग्रेस ने इस विवाद को और हवा देते हुए दावा किया कि सरमा के परिवार के पास कई देशों के पासपोर्ट हैं और अमेरिका के व्योमिंग में एक कंपनी से जुड़े बिज़नेस लिंक भी हैं।
पार्टी नेताओं ने दुबई की संपत्तियों, गोल्डन वीजा और विदेशी निवेश को लेकर कई सवाल उठाए और पारदर्शिता की मांग की। साथ ही यह भी कहा गया कि अगर ये आरोप सही पाए जाते हैं तो जांच एजेंसियां कार्रवाई कर सकती हैं।
चुनाव से पहले चरम पर पहुंचा आरोप-प्रत्यारोप
असम की 126 सीटों पर मतदान से पहले यह विवाद चुनावी नैरेटिव को पूरी तरह बदल चुका है। कांग्रेस जहां रोज नए आरोपों के साथ दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रही है, वहीं बीजेपी इसे झूठा और भ्रामक अभियान बता रही है। गोगोई ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और "सबूत" सामने लाए जाएंगे, जबकि सरमा ने साफ कर दिया है कि वे कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार हैं।












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