बीजेपी से नाता तोड़ कांग्रेस में शामिल होने वाले कौन हैं पूर्व केंद्रीय मंत्री, 10 साल बाद की वापसी
Birendra Singh Joins Congress: लोकसभा चुनाव में अब कुछ ही दिन बचे हैं। 19 अप्रैल को पहले चरण का मतदान होगा। इस बीच नेताओं को दल बदल का सिलसिला जारी है। पूर्व बीजेपी नेता बीरेंद्र सिंह आज यानी मंगलवार को पार्टी से अलग हो गए। उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया है।
बीरेंद्र सिंह दस साल बाद आज फिर कांग्रेस में वापसी कर ली। उन्होंने कहा कि जब मैंने कांग्रेस छोड़ी, तो मुझे लगा कि बीजेपी और कांग्रेस की विचारधाराओं में ज्यादा अंतर नहीं होगा। लेकिन उनकी विचारधाराएं बिल्कुल विपरीत है। केवल 'जन गण मन' ही इस देश को बचा सकता है। कांग्रेस पैन इंडिया पार्टी है। इसकी जिम्मेदारी राष्ट्र के बुनियादी सिद्धांतों की रक्षा करना है।

आइए जानते कौन हैं बीरेंद्र सिंह
चौधरी बीरेंद्र सिंह केंद्र की मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्हें इस्पात मंत्री बनाया गया था। उन्होंने ग्रामीण विकास, पंचायती राज और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री की भी जिम्मेदारी निभाई है। बीरेंद्र सिंह ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता 1972 में ली थी। इसके बाद वह 2014 तक कांग्रेस पार्टी में रहे थे। कांग्रेस में लौटने के मौके पर बीरेंद्र सिंह ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा उनकी बुआ के बेटे हैं।
बीरेंद्र सिंह का जन्म 25 मार्च 1946 को हुआ था। उन्होंने 2014 से 2016 तक ग्रामीण विकास, पंचायती राज, स्वच्छता और पेयजल मंत्री के रूप में कार्य किया। 2016 से 2019 तक केंद्रीय इस्पात मंत्री के रूप में कार्य किया।
बीरेंद्र सिंह ने 16 अगस्त 2014 को भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह की उपस्थिति में हरियाणा के जिंद में आयोजित एक बड़ी राजनीतिक रैली में भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की घोषणा की थी।
उन्होंने सरकारी कॉलेज रोहतक से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से कानून की डिग्री पूरी की। बीरेंद्र सिंह ने 9 जून 1970 को प्रेमलता सिंह से शादी की। प्रेमलता सिंह 2014 से 2019 तक उचाना कलां निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए हरियाणा की विधान सभा की सदस्य रही हैं।












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