कौन हैं दीपा जोसेफ, जिनकी एक फेसबुक पोस्ट ने 17 साल से बिछड़े मां-बेटे को मिला दिया
Deepa Joseph: कहते हैं कि एक उम्मीद ही है, जिसपर दुनिया कायम है...और ये कहावत देश की राजधानी दिल्ली के एयरपोर्ट पर उस वक्त सही साबित हुई, जब पिछले 17 से बिछड़ा हुआ बेटा एक मां को वापस मिल गया।
इस मां को उम्मीद थी कि एक ना एक दिन उसका बेटा उसे जरूर मिलेगा और दीपा जोसेफ नाम की एक्टिविस्ट और वकील की मदद से उसकी ये उम्मीद सच हो गई। इस पूरी कहानी को दीपा जोसेफ ने अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है।

दरअसल, केरल के तिरुवनंतपुरम में नगरूर का रहने वाला ये शख्स 17 साल पहले, जब उसकी उम्र महज 20 साल थी, नौकरी की तलाश में यूके गया था, लेकिन वहां जाने के बाद से उसकी कोई खैर-खबर नहीं मिली। कुछ दिन पहले किसी मामले में लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने इस शख्स को एक इमरजेंसी सर्टिफिकेट जारी किया, जिसके बाद वो 6 जुलाई को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा।
एयरपोर्ट के झगड़े से खुली पूरी कहानी
इसके चार दिन बाद यानी 10 जुलाई को दीपा जोसेफ नाम की वकील, जो एक एक्टिविस्ट भी हैं, कहीं जाने के लिए इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची थीं। यहां उन्होंने देखा कि एक शख्स का एयरपोर्ट परिसर में बने कैफेटेरिया के स्टाफ से किसी बात पर झगड़ा हो रहा था। दीपा ने पास जाकर देखा तो पता चला कि शख्स ने कैफेटेरिया में डिस्प्ले के लिए रखा कुछ खाना चुरा लिया था। दीपा ने मामले में बीच-बचाव किया और कैफेटेरिया को चुराए गए खाने के पैसे दे दिए।
दीपा ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया, 'जब मुझे पता चला कि वो शख्स एक इमरजेंसी पासपोर्ट पर भारत आया है तो मैंने उससे उसकी डिटेल मांगी, लेकिन उसे बस इतना याद था कि उसका परिवार केरल में रहता है, इसके अलावा वो साफ-साफ कुछ नहीं बता पाया। वो मानसिक तौर पर काफी परेशान भी लग रहा था। पूछने पर उसने बताया कि उसके पास महज 2 डॉलर और एक बिना सिम वाला पुराना मोबाइल फोन है। मेरे कुछ कार्यक्रम पहले से तय थे, इसलिए मैं उसकी मदद के लिए वहां रुक भी नहीं सकती थी।'
फेसबुक पर शेयर किया फोटो...और शाम तक मिल गया नंबर
हालांकि दीपा ने उस शख्स के साथ एक फोटो ली और इसे अपने फेसबुक पेज पर अपलोड करते हुए लोगों से उसके परिवार को पहचानने में मदद की अपील की। उसी शाम एक यूजर ने दीपा की पोस्ट पर कमेंट करते हुए एक पुलिस अधिकारी का नंबर शेयर किया और लिखा कि इन्हें इस शख्स के बारे में जानकारी है। दीपा ने उस नंबर पर फोन किया तो पता चला कि उस शख्स की मां अपने बेटे की तलाश में पहले से ही पुलिस स्टेशन में मौजूद है। पुलिस स्टेशन में मौजूद महिला ने दीपा को फोन पर बताया कि जिस शख्स की तस्वीर उन्होंने अपने फेसबुक पर अपलोड की है, वो उनके बेटे की है।
दीपा जोसेफ को उस महिला ने बताया कि नौकरी की तलाश में उसका बेटा 17 साल पहले यूके गया था, लेकिन वहां जाने के बाद उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद दीपा ने दिल्ली में एयरपोर्ट पर मिले उस शख्स को खोजा और उससे उसकी मां को मिलवा दिया।
कौन हैं दीपा जोसेफ?
दीपा जोसेफ एक जानी-मानी एक्टिविस्ट और पेशे से वकील हैं। सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में वकालत करने वाली दीपा जोसेफ सामाजिक संगठनों के अलावा कई एनजीओ से भी जुड़ी हैं। 17 से बिछड़े मां-बेटे को मिलाने के बाद लोग उनकी फेसबुक पोस्ट पर कमेंट कर उनकी तारीफ कर रहे हैं।












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