'गोमूत्र से आचमन हो', कहने वाले चिंटू वर्मा कौन हैं? सोशल मीडिया पर क्यों बने हैं लोगों का निशाना
Who is BJP Leader Chintu Verma: शारदीय नवरात्र 3 अक्टूबर, गुरुवार से शुरू होने जा रहे हैं। ऐसे में देशभर में गरबा कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इससे पहले कई आयोजनों में अलग धर्म के लोगों के गरबा कार्यक्रम में शामिल होने से हंगामे की खबर आती रही है। प्रवेश पर प्रतिबंध के बाद भी ऐसे लोग गरबा कार्यक्रम में चोरी छिपे आते हैं, जिसके बाद पकड़े जाने पर पिटाई तक हो जाती है।
गरबा कार्यक्रम में गैर हिन्दुओं की एंट्री पर रोक लगाने के लिए इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक नेता ने गरबा आयोजकों से आने वाले नवरात्रि के दौरान लोगों को गोमूत्र से आचमन कराने के बाद ही गरबा पंडालों में एंट्री देने की मांग की है। ऐसे में जानिए कौन हैं वो बीजेपी नेता, जिसकी मांग से सोशल मीडिया पर हड़कंप मचा हुआ है।

बीजेपी जिला अध्यक्ष चिंटू वर्मा ने की मांग
गोमूत्र पिलाकर ही लोगों को गरबा पंडालों में एंट्री देने की मांग करने वाले मध्य प्रदेश के इंदौर से बीजेपी जिलाध्यक्ष चिंटू वर्मा हैं। जिन्होंने गरबा आयोजकों को सुझाव दिया है कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोग प्रवेश के लिए गोमूत्र पीएं, इससे पीछे उनका दावा है कि इससे सिर्फ हिंदू ही आयोजन में भाग ले पाएंगे।
भाजपा के इंदौर अध्यक्ष चिंटू वर्मा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हमने (गरबा) आयोजकों से अनुरोध किया है कि वे सुनिश्चित करें कि गरबा पंडालों में प्रवेश करने से पहले सभी लोग गोमूत्र से 'आचमन' करें।"
जानिए क्या दिया तर्क?
अपनी मांग के पीछे के तर्क के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "आधार कार्ड को ए़डिट किया जा सकता है। हालांकि, अगर कोई व्यक्ति हिंदू है, तो वह गोमूत्र के आचमन के बाद ही गरबा पंडाल में प्रवेश करेगा और इसे मना करने का कोई सवाल ही नहीं है।"
बता दें कि हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार, 'आचमन' का अर्थ है धार्मिक अनुष्ठान शुरू करने से पहले शुद्धिकरण के लिए मंत्र पढ़ते हुए पानी का घूंट लेना।
कांग्रेस के निशाने पर बीजेपी
हालांकि 'गौमूत्र' पिलाने का अनुरोध करके बीजेपी नेता ने नया विवाद खड़ा कर दिया। कांग्रेस ने बीजेपी नेता के इस आग्रह पर सवाल उठाते हुए इसे हरियाणा, जम्मू और कश्मीर में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले पार्टी की ओर से ध्रुवीकरण की एक नई रणनीति करार दिया।
कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता गौशालाओं की दुर्दशा पर चुप हैं और केवल इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने में रुचि रखते हैं। उन्होंने कहा कि गोमूत्र आचमन की मांग करना बीजेपी के ध्रुवीकरण की राजनीति करने की नई चाल है।"
इसी के साथ उन्होंने भाजपा नेताओं से पंडालों में प्रवेश करने से पहले गोमूत्र पीने और सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने की भी मांग की। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी लोग बीजेपी नेता की मांग को लेकर आपत्ति जता रहे हैं।
आखिर क्यों उठ रही ये मांग?
दरअसल, भाजपा नेता की 'गौमूत्र' टिप्पणी 2022 की घटना की ओर इशारा करती है, जिसमें मध्य प्रदेश में एक गरबा पंडाल में प्रवेश करने और उपद्रव करने के लिए कई मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया गया था।
याद दिला दें कि सितंबर 2022 में 7 मुस्लिम लोगों को बजरंग दल के सदस्यों ने उस समय पकड़ा, जब वे पंडरीनाथ में एक गरबा स्थल पर तस्वीरें ले रहे थे। उन्हें पंडरीनाथ पुलिस स्टेशन में पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने उन्हें धारा 151 के तहत गिरफ्तार किया और बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया। इस घटना के बाद राज्य में गरबा आयोजकों ने मेहमानों के आधार कार्ड की जांच की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि गैर-हिंदू कार्यक्रम में शामिल ना हों।












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