Army Chief जरनल उपेन्द्र द्विवेदी कौन हैं? 61 की उम्र में युवा अफसरों संग लगाए पुशअप, जानें सैलरी और सुविधाएं
Who is Army Chief General Upendra Dwivedi: देहरादून में 14 दिसंबर, 2025 को भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में 491 युवा सैन्य अधिकारियों की पासिंग आउट परेड (POP) संपन्न हुई। मुख्य अतिथि के तौर पर आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने नवनियुक्त सेना के आफीसर की परेड की सलामी ली। इस मौके पर नए युवा अफसरों के संग मिलकर आर्मी चीफ जरनल द्विवेदी ने ऐसा कुछ किया जिसने अधिकारियों और कैडेट को जोश से भर दिया।
देश के सबसे वरिष्ठ थल सेना अधिकारी, 61 वर्षीय जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कमीशन प्राप्त करने वाले नए युवा अफसरों के साथ न केवल 20 पुश-अप्स लगाए और बड़े ही सहजता से मिले। 'पीपिंग सेरेमनी' के बाद, सेना प्रमुख सीधे मैदान में पहुंचे और नए अफसरों के साथ-साथ उनके परिवार के लोगों से भी मुलाकात कर बातचीज की और फोटो करवाई सेना प्रमुख का यह सहज और प्रेरक अंदाज ने सभी का दिल जीत लिया। सोशल मीडिया पर आर्मी चीफ का ये वीडियो जमकर वायरल हो रहा है।

कौन हैं आर्मी चीफ जरनल उपेन्द्र द्विवेदी?
भारतीय सेना के चार स्टार प्राप्त जनरल उपेंद्र द्विवेदी का जन्म 1 जुलाई 1964 में हुआ। सेना में 15 दिसंबर 1984 में 18 जम्मू और कश्मीर राइफल्स रेजिमेंट में कमिशनिंग हुई। जरनल द्विवेदी भारतीय सेना के 30वें आर्मी चीफ (COAS) हैं। उन्होंने 30 जून 2024 को जनरल मनोज पांडे के उत्तराधिकारी के रूप में यह पदभार संभाला, जिन्होंने राष्ट्र की चार दशकों से अधिक सेवा के बाद रिटायर हुए थे।

आर्मी चीफ बनने से पहले, जनरल द्विवेदी 19 फरवरी 2024 से 46वें उप सेना प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) के रूप में कार्यरत थे। इससे पूर्व उन्होंने प्रतिष्ठित उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, उप सेना प्रमुख (Information Systems and Coordination) और IX कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग जैसे महत्वपूर्ण पद भी संभाल चुके हैं।
आर्मी चीफ जरनल उपेन्द्र द्विवेदी कितने पढ़े-लिखे हैं?
वर्तमान आर्मी चीफ जरनल द्विवेदी ने प्रारंभिक शिक्षा सैनिक स्कूल, रीवा से प्राप्त की, जहाँ उन्होंने जुलाई 1973 में प्रवेश लिया और 1981 में उत्तीर्ण हुए। उनके सहपाठी वर्तमान नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी रहे।
- राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA), खडकवासला
- भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून से सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया।
हायर एजुकेशन एवं अकादमिक उपलब्धियां
- रक्षा एवं प्रबंधन अध्ययन में एम.फिल.
- सामरिक अध्ययन एवं सैन्य विज्ञान में दो मास्टर डिग्रियाँ
- यूएस आर्मी वॉर कॉलेज, कार्लाइल (USA) से एनडीसी समकक्ष कोर्स
- यूएस आर्मी वॉर कॉलेज द्वारा 'Distinguished Fellow' से सम्मानित
- उन्होंने विभिन्न सैन्य पत्रिकाओं और पेशेवर मंचों में लेख भी प्रकाशित किए हैं।
उपेन्द्र द्विवेदी की सेना में कब हुई भर्ती?
जनरल द्विवेदी को 15 दिसंबर 1984 को 18वीं बटालियन, जम्मू और कश्मीर राइफल्स में कमीशन प्राप्त हुआ।
आर्मी चीफ जरनल उपेन्द्र द्विवेदी के प्रमुख ऑपरेशनल अनुभव
- ऑपरेशन रक्षक - कश्मीर घाटी (चौकबल) एवं राजस्थान के रेगिस्तानी क्षेत्र
- ऑपरेशन राइनो - मणिपुर में असम राइफल्स सेक्टर की कमान
- उत्तर-पूर्व भारत में गहन आतंकवाद विरोधी अभियान
- भारत-म्यांमार सीमा प्रबंधन पर पहला विस्तृत Compendium तैयार किया
जरनल द्विवेदी का परिवार
आर्मी चीफ जरनल उपेन्द्र द्विवेदी की पत्नी श्रीमती सुनीता द्विवेदी साइंस ग्रेजुएट हैं और भोपाल स्थित "आरुषि" नामक स्पेशल बच्चों के संस्थान से जुड़कर समाजसेवा कर रही हैं। आर्मी चीफ की दो बेटियां हैं दोनों NGOs के माध्यम से समाज सेवा में सक्रिय हैं।
आर्मी चीफ पद संभालने के बाद की ये बड़ी पहल
- बिग डेटा एनालिटिक्स
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- क्वांटम टेक्नोलॉजी
- ब्लॉकचेन आधारित समाधान
- को सेना में अपनाने को प्रोत्साहित किया।
- उन्होंने आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत स्वदेशी सैन्य उपकरणों के समावेशन को भी गति दी।
- उत्तरी कमान में योगदान
- उत्तरी कमान का आधुनिकीकरण
- जम्मू, कश्मीर एवं लद्दाख में
- नागरिक-सैन्य सहयोग
- बुनियादी ढांचा विकास
- राष्ट्र निर्माण में सहभागिता
सम्मान एवं मेडल
परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM) - 2024
अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) - 2021
तीन GOC-in-C Commendation Cards
आर्मी चीफ की योग्यता और कितनी मिलती है सैलरी ?
एक बार सेना में कमीशनिंग होने के बाद सैन्य अधिकारियों को विभिन्न प्रमोशन मिलते हैं। मेजर से लेफ्टिनेंट कर्नल, ब्रिगेडियर, मेजर जनरल और अंत में लेफ्टिनेंट जनरल जैसे पदों तक पहुंचने में 35-40 साल लग सकते हैं। सेना प्रमुख की नियुक्ति कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) द्वारा की जाती है। इस पद का कार्यकाल तीन साल का होता है अथवा 62 वर्ष की आयु पूरी होने तक, जो भी पहले हो। भारतीय सेना के प्रमुख को मासिक वेतन के रूप में ₹2.5 लाख का तयशुदा भुगतान मिलता है।
आर्मी चीफ को क्या मिलती हैं सुविधाएं?
इसके अतिरिक्त, उन्हें महंगाई भत्ता (DA), यात्रा भत्ता (TA), और मकान किराया भत्ता (HRA) जैसे कई भत्ते प्रदान किए जाते हैं। मुफ्त चिकित्सा सुविधाएँ, सुसज्जित आवास, स्टाफ, सुरक्षा, और एक आधिकारिक कार भी मिलती है। रिटायर होने के बाद भी, आर्मी चीफ को सम्मानजनक पेंशन और अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त होते रहते हैं, जो उनकी राष्ट्र सेवा का सम्मान है।












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