कौन हैं वो 3 IAS अफसर, जिन्होंने जनता के पैसों पर पेरिस में की मौज, इनकी धोखाधड़ी ने उड़ा दिए होश
IAS officers News: जब भी हमारे दिमाग में कोई IAS, IPS या फिर पुलिस विभाग से जुड़े अधिकारियों का नाम आता है, तो हम सोचते हैं कि वो एक ईमानदार छवि वाला अफसर हो। आईएएस और आईपीएस को तो ईमानदारी और देश के प्रति वफादारी की कसमें खिलाई जाती है...लेकिन इन दिनों देश के 3 आईएएस अफसर अपनी जालसाजी को लेकर सुर्खियों में हैं।

चंडीगढ़ के 3 आईएएस अफसरों पर गंभीर आरोप लगे हैं। चंडीगढ़ के डायरेक्टर जनरल ऑफ ऑडिट (सेंट्रल) की रिपोर्ट में धोखाधड़ी के चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि, चंडीगढ़ के 3 IAS अधिकारी, चंडीगढ़ प्रशासन के सलाहकार रहे विजय कुमार देव (Vijay Kumar Dev), चंडीगढ़ के गृह सचिव अनुराग अग्रवाल (Anurag Agarwal) और तत्कालीन सचिव (पर्सनल) विक्रम देव दत्त (Vikram Dev Dutt) ने जनता के पैसों यानी टैक्सपेयर्स के लाखों रुपये पर पेरिस में एक लग्जरी यात्रा की है।
IAS विजय देव, अनुराग अग्रवाल और विक्रम देव दत्त पर क्या हैं आरोप?
चंडीगढ़ के डायरेक्टर जनरल ऑफ ऑडिट (सेंट्रल) की रिपोर्ट में कहा गया है कि IAS विजय देव, अनुराग अग्रवाल और विक्रम देव दत्त जून 2015 में पेरिस की यात्रा पर थे।
इस दौरान उन्होंने टैक्सपेयर्स के 6.72 लाख से ज्यादा रुपये खर्च किए थे। लगभग 7 लाख ये वो रुपये थे, जोकि एक आम जनता टैक्स के तौर पर देती है। इनका ट्रिप 7 दिनों का था।
इन तीनों अधिकारियों पर आरोप है कि, उन्होंने पेरिस यात्रा की अपनी अवधि मनमाफिक तरीके से बढ़ाई थी। इस यात्रा के दौरान वह आलीशान होटलों में ठहरे थे।
इन तीनों अधिकारियों ने नियमों और दिशानिर्देशों को दरकिनार करते हुए एक-दूसरे की यात्राओं को मंजूरी दे दी थी। इन तीनों अफसरों पर अब धन के दुरुपयोग को लेकर जांच की जा रही है।
कौन हैं ये 3 IAS अफसर?
IAS Anurag Agarwal: कौन हैं IAS अनुराग अग्रवाल
- IAS अफसर अनुराग अग्रवाल पंजाब कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। वर्तमान में अनुराग अग्रवाल विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव और वित्तीय सलाहकार हैं।

- IAS अनुराग अग्रवाल हरियाणा के मुख्य चुनाव आयुक्त भी रह चुके हैं। अनुराग अग्रवाल श्रम विभाग का प्रधान सचिव भी रह चुके हैं।
- IAS अनुराग अग्रवाल चंडीगढ़ के गृह सचिव के पद पर भी रह चुके हैं।
IAS Vikram Dev Dutt: कौन हैं IAS विक्रम देव दत्त
- विक्रम देव दत्त एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर के 1993-बैच के आईएएस अधिकारी हैं।

- विक्रम देव दत्त वर्तमान में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) में महानिदेशक के पद पर हैं।
- विक्रम देव दत्त एयर इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के तौर पर भी काम कर चुके हैं।
IAS Vijay Kumar Dev: कौन हैं IAS विजय कुमार देव
- IAS विजय कुमार देव 1987 (एजीएमयूटी) कैडर के अधिकारी हैं। वो रिटायर हो चुके हैं। IAS विजय कुमार देव दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव थे।

- IAS विजय कुमार देव दिल्ली के राज्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं। IAS विजय कुमार देव दिल्ली के मुख्य सचिव के रूप में कार्यभार संभाला था।
जानिए इन 3 IAS अफसरों ने कैसे की ये जालसाजी
2015 में चंडीगढ़ प्रशासन को पेरिस स्थित फाउंडेशन ली कोर्बुसीयर से निमंत्रण मिला था, जहां एक मीटिंग होनी थी। ये बैठक स्विस-फ्रेंच वास्तुकार ले कोर्बुज़ए की 50वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में थी, जिन्होंने चंडीगढ़ के मास्टर प्लान में योगदान दिया था।
प्रशासन ने इस आयोजन के लिए चार प्रतिभागियों को नामांकित किया था। गृह मंत्रालय ने विजय देव, विक्रम देव दत्त और अनुराग अग्रवाल के लिए प्रमाणपत्र की मांग की थी। हालांकि, ऑडिट रिपोर्ट में पाया गया कि अधिकारी एक-दूसरे की यात्राओं को मंजूरी दे रहे थे।
विजय देव ने विक्रम दत्त की यात्रा को मंजूरी दे दी, और विक्रम दत्त ने विजय देव की यात्रा को मंजूरी दे दी। विजय देव ने भी अनुराग अग्रवाल की यात्रा को मंजूरी दे दी थी।
पेरिस ट्रिप का बजट 18 लाख से बढ़ाकर 25 लाख किया गया
ऑडिट रिपोर्ट से पता चला है कि पेरिस ट्रिप का शुरुआती बजट 18 लाख रुपये था, जो बढ़कर 25 लाख रुपये से ज्यादा हो गया था। बिजनेस क्लास की टिकट की कीमत लगभग 1.77 लाख रुपये थी और होटल का बिल मूल बजट से काफी ज्यादा था।
ऑडिट रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा किया गया है कि यात्रा को शुरू में एक दिन के लिए मंजूरी दी गई थी, लेकिन बाद में उचित मंजूरी के बिना इसे सात दिनों के लिए बढ़ा दिया गया था। ये उन नियमों का उल्लंघन है, जिसमें अनुमोदन प्राप्त किए बिना विदेशी यात्रा यात्राओं को पांच दिनों तक सीमित करते हैं।
ऑडिट रिपोर्ट में ये भी कहा गया था कि यह निमंत्रण चंडीगढ़ के मुख्य वास्तुकार के लिए था। लेकिन तीन सचिव स्तर के अधिकारियों ने इसमें हिस्सा लिया था। रिपोर्ट से यह भी पता चला कि यह यात्रा होस्टिंग फाउंडेशन द्वारा स्पांसर है। हालांकि इसमें से एक अधिकारी अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं जबकि अन्य दो का तबादला हो चुका है और वे अलग-अलग पदों पर हैं।
ऑडिट रिपोर्ट के जवाब में चंडीगढ़ प्रशासन ने फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाए हैं, जिसमें दिल्ली की हवाई यात्रा पर प्रतिबंध लगाना और आधिकारिक यात्राओं के लिए ट्रेन यात्रा और सरकारी आवास को अनिवार्य करना शामिल है।












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