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देश के किस जिले में करीब 100% हुई कोरोना संक्रमण की दर, जानिए

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नई दिल्ली, 12 मई: अब देश के ग्रामीण इलाकों में कोरोना का कहर टूट रहा है। कम से कम 13 राज्यों के ग्रामीण इलाकों में शहरों से ज्यादा नए केस सामने आ रहे हैं, जो हालात की भयानकता बयां कर रहे हैं। स्थिति इसलिए विस्फोटक मानी जा सकती है, क्योंकि इससे लगता है कि बड़ी तादाद में संक्रमण के मामले सामने नहीं आ पा रहे हैं। 3 मई से 9 मई के बीच के आंकड़ों को देखें तो कम से कम 15 जिलों में पॉजिटिविटी रेट करीब 50 फीसद से लेकर लगभग 100 फीसदी तक पहुंच रहे हैं। इनमें से कई जिले बहुत ही पिछड़े और ग्रामीण परिवेश वाले हैं। जाहिर है कि वहां सभी संदिग्ध मरीजों का टेस्ट हो पा रहा होगा, यह कहना बहुत ही मुश्किल है।

13 राज्यों के गांवों में तेजी से बढ़ रहे हैं मामले

13 राज्यों के गांवों में तेजी से बढ़ रहे हैं मामले

देश के 24 राज्यों में जहां जिलों को ग्रामीण और शहरी या छोटे शहर वाले इलाकों में विभाजित किया जा सकता है, उनमें से 13 राज्यों के गांवों में बड़े शहरों से काफी ज्यादा केस सामने आ रहे हैं। वैसे कोरोना की दूसरी लहर में लगभग सभी राज्यों में ग्रामीण इलाकों में ज्यादा संक्रमण देखने को मिल रहे हैं। रोज के संक्रमण का विश्लेषण करें तो साफ जाहिर होता है कि ग्रामीण इलाकों में बड़े शहरों के मुकाबले केस बहुत ही तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, छत्तीसगढ़, बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और अरुणचाल प्रदेश जैसे हर राज्य में 9 अप्रैल से 9 मई के बीच में स्थिति एकदम पलट चुकी है और ग्रामीण इलाके बुरी तरह से कोविड की चपेट में आ चुके हैं। मसलन, 9 अप्रैल को महाराष्ट्र में ग्रामीण और शहरी संक्रमण का अनुपात क्रमश: 32 और 68 फीसदी था तो 9 अप्रैल को यह 56 और 44 फीसदी हो गया। इसी तरह यूपी में 49 और 51 का अनुपात बदलकर 65 और 35 फीसदी का हो गया। बिहार में यह अनुपात 53 और 47 फीसदी से बदलकर 76 और 24 फीसदी और छत्तीसगढ़ में इसी अवधि में 56 और 44 फीसदी से बदलकर क्रमश: 89 और 11 फीसदी तक हो गया।

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    11 और राज्यों में भी तेजी से बदल रहे हैं हालात

    11 और राज्यों में भी तेजी से बदल रहे हैं हालात

    वहीं 11 राज्य ऐसे हैं, जहां अभी तक शहरी इलाकों में रोजाना ज्यादा केस आ रहे हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में भी इसका शेयर लगातार बढ़ते जा रहे हैं और बीते एक महीने में काफी फर्क आ चुका है। मसलन,कर्नाटक में 9 अप्रैल को ग्रामीण और शहर के मामलों का अनुपात क्रमश: 25 और 75 फीसदी था, जो कि अब 44 और 56 फीसदी हो चुका है। केरल की स्थिति थोड़ी अलग है। वहां एक महीने में ग्रामीण और शहरी इलाकों में संक्रमण का अनुपात क्रमश: 42 और 58 फीसदी पर ही बरकरार है। लेकिन, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, गुजरात, पंजाब, उत्तराखंड, मेघालय, त्रिपुरा, नगालैंड और मिजोरम में भी शहरों की तुलना में अब गांवों में ज्यादा तेजी से केस बढ़ रहे हैं और शहरों में उस अनुपात में कमी नजर आ रही है। इसमें भी उत्तराखंड और मेघालय जैसे राज्यों में गांवों में केस शहरों के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ने लगे हैं। जैसे 9 अप्रैल को उत्तराखंड में ग्रामीण और शहरी संक्रमण का अनुपात क्रमश: 19 और 81 फीसदी था, जो कि 9 मई को 41 और 59 फीसदी हो गया। इसी तरह मेघालय में 9 अप्रैल को कुल मामलों में गांव में सिर्फ 19 फीसदी और शहरों में 81 फीसदी मामले थे तो 9 मई को गांवों का हिस्सा बढ़कर 38 फीसदी हो गया और शहरों में वह घटकर 62 फीसदी पर पहुंच गया।

    सही संख्या में टेस्टिंग पर सवाल

    सही संख्या में टेस्टिंग पर सवाल

    जिस इलाके में टेस्ट पॉजिटिविटी रेट बहुत ही ज्यादा होती है, उसका मतलब होता है कि वहां सिर्फ गंभीर रूप से बीमार लोगों की ही टेस्टिंग हो पा रही है और कई सारे मामलों में जांच नहीं हो पा रही है। आदर्श तौर पर केस पॉजिटिविटी रेट 5 फीसदी से कम होना चाहिए, लेकिन देश के ज्यादातर इलाकों में इससे कई गुना ज्यादा पॉजिटिविटी रेट दिखाई दे रही है और इसलिए लॉकडॉउन और कोरोना कर्फ्यू जैसे कदम उठाने पड़ रहे हैं। पिछले हफ्ते देश के 17 जिलों में पॉजिटिविटी रेट 48% या उससे ज्यादा तक पाए गए। इनमें से हरियाणा का नुह, ओडिशा का कालाहांडी, हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति और राजस्थान के राजसमंद जैसे जिले अभी भी शहरीकरण की बाट जोह रहे हैं।

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    यानम जिले में करीब 100% पॉजिटिविटी रेट

    यानम जिले में करीब 100% पॉजिटिविटी रेट

    अगर 3 मई से 9 मई के पॉजिटिविटी रेट के आंकड़े देखें तो देश के 15 जिलों में संक्रमण की दर बहुत ही भयावह हो चुकी है। जिन जिलों की स्थिति बेहद ही गंभीर दिखाई पड़ रही है, उनमें अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग (88.2%) और दिबांग वैली (81%), राजस्थान के बीकानेर (67.2%),पाली (57.4%) और राजसमंद (50.4%),हरियाणा के नूह (53.8%),सोनीपत (51.7%) और भिवानी (48.4%) नॉर्थ गोवा (52.5%),नगालैंड के मोन (50.7%),मध्य प्रदेश के शहडोल (48.9%) और विदिशा (48.3%), ओडिशा का कालाहांडी (48.8%), हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति (48.7%) जैसे जिले शामिल हैं। लेकिन, संक्रमण के मामले में पुडुचेरी के यानम जिले ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और वहां पॉजिटिविटी रेट बढ़कर 96.9 % तक पहुंच चुकी है। (ये आंकड़े- गृहमंत्रालय और कोविड19इंडिया डॉट ओआरजी से जुटाए गए हैं।)

    English summary
    In Puducherry's Yanam district, Covid case positivity rate reaches 100 percent, infection rate in 50 districts from 50 percent to more than 80 percent in the country
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