Katchatheevu Island कहां है? जिसका अविश्वास प्रस्ताव पर जवाब के दौरान पीएम मोदी ने किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अविश्वास प्रस्ताव पर बहस का जवाब देते हुए कांग्रेस को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ा है। उन्हें एक-एक कर वह इतिहास गिनाए हैं, जो कांग्रेस को परेशान कर सकते हैं। इसी के तहत उन्होंने कच्चतीवु द्वीप का भी जिक्र किया है।
पीएम मोदी ने कहा कि 'विपक्षी दलों के नेताओं को ये भी बताना चाहिए कि कच्चतीवु क्या है।' इसके बाद उन्होंने बताया कि डीएमके के लोग उनसे इसे वापस ले लाने की मांग करते हैं। पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते कहा कि इस टापू को दूसरे देश को किसने दिया था।

क्या कच्चतीवु मां भारती का अंग नहीं था- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने लोकसभा में कहा है कि 'डीएमके के लोग, उनके मुख्यमंत्री मुझे पत्र लिखते हैं और कहते हैं कि कच्चतीवु को वापस ले आएं....श्रीलंका से पहले तमलिनाडु के आगे एक टापू को किसने किसी दूसरे देश को दे दिया था.....कब दिया था....क्या ये भारत माता नहीं थी वहां.....क्या वो मां भारती का अंग नहीं था? '
इंदिरा गांधी के नेतृत्व में हुआ था- पीएम मोदी
उन्होंने कांग्रेस पर सीधा हमला और कहा कि 'कौन था उस समय....श्रीमती इंदिरा गांधी के नेतृत्व में हुआ था......कांग्रेस का इतिहास मां भारती को छिन्न-भिन्न करने का रहा है....कांग्रेस का मां भारती के प्रति प्रेम क्या रहा है...भारत के लोगों के प्रति प्रेम क्या रहा है.....'
कच्चतीवु द्वीप कहां है?
कच्चतीवु पाक जलडमरूमध्य में समुद्र तट से दूर स्थित एक निर्जन टापू है। इसका स्वामित्व मूल रूप से रामनाद के राजा के पास था। मौजूदा समय में रामनाथ तमिलनाडु का रामनाथपुरम इलाका है।
अंग्रेजों के जमाने में भारत और श्रीलंका का था संयुक्त शासन
इस द्वीप का इस्तेमाल पहले मछुआरे अपनी मछली पकड़े वाले जाल को सुखाने के लिए करते हैं। जब देश में ब्रिटिश हुकूमत थी, जब इस द्वीप पर भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से शासन करते थे।
1974 में भारत ने एक संयुक्त समझौते के तहत कच्चतीवु द्वीप श्रीलंका को दे दिया
20वीं सदी की शुरुआत से श्रीलंका ने इस द्वीप पर क्षेत्रीय स्वामित्व का दावा करना शुरू कर दिया। तब 1974 में भारत ने एक संयुक्त समझौते के तहत इस टापू को श्रीलंका के हवाले कर दिया। इतना ही नहीं दो वर्षों बाद भारत ने इस क्षेत्र में अपने मछली पकड़ने के अधिकारों का भी त्याग कर दिया।
इस बीच लोकसभा में विपक्षी इंडिया गठबंधन का अविश्वास प्रस्ताव गिर गया है। हालांकि, जब पीएम मोदी का भाषण चल ही रहा था तो विपक्ष सदन की कार्यवाही से वॉकआउट कर गया। इस बीच लोकसभा में कांग्रेस के नेता सदन अधीर रंजन को 'घोर दुर्व्यवहार' की वजह से निलंबित कर दिया गया है। यह निलंबन विशेषाधिकार समिति की ओर से रिपोर्ट सौंपे जाने तक अस्तित्व में रहेगा।












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