असम में आबादी से ज्यादा कहां से आया 'आधार कार्ड'? चिंतित सरकार 1 अक्टूबर से ऐसे कसेगी नकेल
Assam Aadhaar Card: असम के कम से कम चार जिलों में जितनी आबादी है, उससे काफी ज्यादा संख्या में आधार कार्ड बनवा लिए गए हैं। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना जा रहा है। असम में हिमंता बिस्वा सरमा की सरकार आगे से ऐसे 'फर्जी' आधार कार्ड बनवाने वालों के लिए सख्त वेरिफिकेशन प्रक्रिया अपनाने जा रही है।
असम के जिन चार जिलों में यह समस्या देखी गई है, वे सारे के सारे मुस्लिम बहुल हैं। इन जिलों में बारपेटा, धुबरी, मोरीगांव और नागांव जिले शामिल हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए असम सरकार 1 अक्टूबर से आधार कार्ड के आवेदन के दौरान एनआरसी की आवेदन संख्या डालने की भी व्यवस्था करने जा रही है।

कौन हैं संदिग्ध विदेशी, जिसने बनवा लिए आधार कार्ड?
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है, 'बारपेटा में 103.74% आबादी के पास आधार कार्ड है, धुबरी में 103.48%, मोरीगांव में 101.76% और नागांव में 100.86% ने आधार कार्ड बनवा लिया है। इससे चिंता पैदा होती है, क्योंकि इससे लगता है कि संदिग्ध विदेशी नागरिकों ने कार्ड हासिल कर लिए हैं।'
1 अक्टूबर से डालना होगा एनआरसी की आवेदन संख्या
असम सरकार ने इस स्थिति पर काबू पाने की पहल शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, '1 अक्टूबर से जो कोई भी आधार कार्ड के लिए आवेदन डालेगा, उसे आवेदन के साथ नेशनल रजिस्टर पर सिटिजन (NRC) वाला एप्लिकेशन नंबर देना होगा। चाय बागानों वाले इलाकों को छोड़कर यह आदेश सभी जिलों पर लागू होंगे।'
अवैध घुसपैठ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा!
मुख्यमंत्री ने कुछ ऐसी बातों की ओर इशारा किया है, जो बहुत ही गंभीर हैं। उन्होंने कहा, '2014 में जबसे एनआरसी प्रक्रिया शुरू हुई, विदेशी नागरिकों की पहचान रुक गई। अब हमारा लक्ष्य इस कोशिश को और तेज करना है, क्योंकि हमने एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण अवैध घुसपैठ देखी है। इसलिए, हम अपनी दूसरी रक्षा पंक्ति को मजबूत करेंगे।'
सीएम ने बताया कि केंद्र ने अब जिम्मेदारी राज्य सरकार को दे दी है, इसलिए अब आधार कार्ड सिर्फ संबंधित जिला आयुक्तों (DC) से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NoC) मिलने के बाद ही जारी किए जाएंगे।
मुस्लिम बहुल जिलों में क्यों देखी जा रही है ये समस्या?
उनके अनुसार, 'हमने पाया है कि विदेशी नागरिक अन्य दस्तावेज प्राप्त करने के लिए आधार का उपयोग करते हैं, जिससे वे असमिया के रूप में गलत तरीके से अपनी पहचान स्थापित कर सकें। इसलिए, हम अवैध आवेदकों को रोकने के लिए आधार सत्यापन प्रक्रिया को और अधिक कठोर बनाएंगे।'
असम के जिन चार जिलों में विदेशी नागरिकों की ओर से आधार कार्ड बनवा लिए जाने की आशंका पैदा हुई है, उनमें से 2011 की जनगणना के मुताबिक बारपेटा में मुस्लिम आबादी 77.58%, धुबरी में करीब 75%, मोरीगांव में 52.56% और नागांव 56.20% थी। कई रिपोर्ट के मुताबिक बीते 13 वर्षों में मुसलमानों की जनसंख्या का ग्राफ यहां और ज्यादा बढ़ने का अनुमान है।












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