जिन विधानसभा क्षेत्रों में जमानत जब्त हुई, वहां उम्मीदवार बदलेगी कांग्रेस
नई दिल्ली। लोकसभा चुनावों में दिल्ली की सभी सात सीटों पर कांग्रेस पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था। दिल्ली की पूर्व सीएम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित को भी हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, इस हार को पीछे छोड़ते हुए पार्टी ने विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज कर दी हैं। जिन विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी का प्रदर्शन खराब रहा है, वहां पर नए चेहरों की तलाश की जा रही है।

विधानसभा चुनावों की तैयारियों मे जुटी शीला दीक्षित
अच्छे प्रदर्शन वाले इलाकों में ही पुराने उम्मीदवारों को दोबारा चुनाव में टिकट दिए जाने की संभावना है। शीला दीक्षित के नेतृत्व में दो दिन विधानसभा चुनावों को लेकर बैठकें हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक, इसके पूरे आसार नजर आ रहे हैं कि पार्टी बड़े पैमाने पर उम्मीदवारों को बदलने के मूड में है और जनता के सामने नए चेहरे देना चाहती है।

जहां जमानत जब्त हुई, वहां उम्मीदवार बदलने की तैयारी
लोकसभा चुनाव में बीजेपी के पक्ष में जोरदार लहर के बावजूद जिन इलाकों में कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा रहा है, वहां पुराने उम्मीदवारों को एक बार फिर से मौका दिया जा सकता है। सूत्रों ने ये भी बताया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव समय से पूर्व हो सकते हैं। सूत्रों ने कहा कि ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि अक्टूबर-नवंबर में झारखंड, महाराष्ट्र और हरियाणा के साथ ही दिल्ली में भी विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं। इसलिए पार्टी अब उम्मीदवारों के चयन को लेकर गंभीर है।

लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की हुई करारी हार
सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा चुनावों में जिन इलाकों में पार्टी नंबर एक या जहां बहुत कम वोटों से दूसरे नंबर पर रही, वहां के उम्मीदवारों को तैयारी करने के संकेत दिए जा रहे हैं। जबकि जिन इलाकों में पार्टी की जमानत जब्त हो गई या जहां 20 फीसदी से भी कम वोट मिले हैं, वहां पर बदलाव लगभग तय माना जा रहा है। चुनावी आकड़ों के मुताबिक, मटिया महल, सीलमपुर, बल्लीमारन, चांदनी चौक और ओखला विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी आगे रही है। एक दर्जन विधानसभा सीटों पर कांग्रेस को 30 फीसदी से अधिक वोट मिले जबकि पार्टी के उम्मीदवारों की करीब डेढ़ दर्जन विधानसभा सीटों पर जमानत जब्त हुई है।












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