जब हत्यारे पति की मदद के लिए राहुल गांधी के पास पहुंची महिला
नई दिल्ली। साल 2004 में राहुल गांधी ने भारतीय राजनीति में कदम रखा था, तो उन्हें कोई खास अनुभव नहीं था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार (8 जनवरी) को बहरीन में अपने साथ घटी एक घटना बताई। राहुल ने बताया कि एक महिला ने अपने हत्यारोपी पति की मदद के लिए उनसे गुहार लगाई थी और वो तबसे इस बात का जवाब तलाश रहे हैं कि कैसे राजनेता, आम आदमी की मदद कर सकें।

बाजार में मिली महिला
राहुल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में कुछ साल पहले एक बाजार में महिला उनसे मिली। उन्होने बताया कि एक महिला मेरे पास दौड़ती हुई आई और कहा कि मुझे इन लोगों ने बर्बाद कर दिया। तो मैंने पूछा कि किसने आपकी जिन्दगी बर्बाद कर दी, जिस पर महिला ने जवाब दिया कि पुलिस वालों ने उसकी जिन्दगी बर्बाद कर दी है क्योंकि उसके पति को धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

महिला बोली- हां किसी की हत्या कर दी है
राहुल ने बताया कि शुरू में उन्हें लगा कि महिला उनसे यह शिकायत र रही है कि उसके पति पर गलत मामला दर्ज किया गया है। फिर राहुल ने पुलिसकर्मी से पूछा कि आखिर गलत मामला क्यों दर्ज किया गया है। राहुल ने बताया कि जब मैंने पुलिस से यह पूछा तो मैं उसने मुझे चौंकी निगाहों से देखा। मैं संदेहास्पद हो गया और पलट कर महिला से पूछा कि क्या आपके पति ने वाकई हत्या की है? जिस पर महिला ने जवाब दिया कि हां, उन्होंने किसी की हत्या कर दी है।

तब राहुल बोले...
राहुल ने फिर कहा कि आखिर वो कैसे मदद कर सकते हैं जब उनके पति ने वाकई किसी की हत्या की है। राहुल ने बताया कि महिला ने उनसे उस दिन दो सवाल पूछा था। उन्होंने कहा कि महिला ने मेरी ओर देखा और कहा कि - 'तो फिर तुम राजनेता इधर चक्कर क्यों काट रहे हो? तुम राजनेताओं का क्या फायदा है?' राहुल ने कहा कि उस दिन के बाद से मैं जब भी कहीं जाता हूं तो इन दो महत्वपूर्ण सवालों के जवाब देने की कोशिश करता हूं।












Click it and Unblock the Notifications