इजराइली हैकिंग स्पाइवेयर पेगासस को लेकर WhatsApp ने कहा, 'ये मानवाधिकारों का हनन करता है...'
इजराइली हैकिंग स्पाइवेयर पेगासस को लेकर WhatsApp ने कहा, 'ये मानवाधिकारों का हनन करता है...'
नई दिल्ली, 19 जुलाई: इजराइली हैकिंग निर्माता एनएसओ ग्रुप को लेकर एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पेगासस स्पाइवेयर का इस्तेमाल भारतीय यूजर्स की जासूसी करने के लिए किया जा रहा था। एनएसओ के हैकिंग स्पाइवेयर पेगासस के बारे में खबरों ने फिर से अलग-अलग देशों में पत्रकारों, वकीलों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं सहित व्यक्तियों की जासूसी कराने की बहस को तेज कर दिया। गार्जियन और कुछ अन्य मीडिया संस्थानों ने अपनी एक नई रिपोर्ट में इस उपकरण के दुरुपयोग के बारे में छापा है। कहा जा रहा है कि कई देश पेगासस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहे हैं। पेगासस 2019 में उस वक्त भी चर्चा में आया था, जब कई व्हाट्सएप यूजर्स को मैसेज मिला था कि उनका फोन पेगासस की मदद से ट्रैक किया जा रहा है। अब इस पूरे मामले पर व्हाट्सएप ने प्रतिक्रिया दी है।

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इंडिया टूडे में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाट्सएप के प्रमुख विल कैथकार्ट ने कहा है कि एनएसओ के खतरनाक स्पाइवेयर पेगासस का इस्तेमाल दुनिया भर में भयानक मानवाधिकारों के हनन के लिए किया जाता है, जिसे जल्द से जल्द रोका जाना चाहिए।
विल कैथकार्ट ने कहा, 2019 में व्हाट्सएप ने एनएसओ के खिलाफ कैसे लड़ाई लड़ी, ये सबको पता है। हमने उससे लड़ाई की और उसे हरा भी दिया। इसलिए हमने अपनी जांच के बाद इसको लेकर दुनियाभर में जागरूकता बढ़ाया, जो बहुत अधिक महत्वपूर्ण भी है।
बता दें कि पेगासस एक स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर या मॉड्यूलर मैलवेयर है। इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किसी की जासूसी के लिए की जाती है। इस सॉफ्टवेयर को इजरायल की एक कंपनी एनएसओ ग्रुप ने तैयार किया है। एनएसओ ग्रुप कंपनी साइबर वेपंस बनाने के लिए जानी जाती है। पेगासस एक ऐसा टूल है जो किसी डिवाइस या सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन तक सीमित नहीं है।












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