आखिर आय से अधिक सम्पत्ति मामले में क्या थी शशिकला की भूमिका?

पूरा मामला देखें तो ये 21 साल पुराना 66 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा हुआ है। जिसमें कर्नाटक हाईकोर्ट ने शशिकला और जयललिता को 2015 में बरी कर दिया था।

नई दिल्ली। आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए वीके शशिकला को दोषी करार दिया है, साथ ही चार साल की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद अब वह तमिलनाडु की मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगी। इस मामले में कोर्ट ने शशिकला पर 10 करोड़ का जुर्माना भी लगाया है। इस फैसले के बाद शशिकला 10 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगी।

शशिकला को सजा, नहीं बन पाएंगी मुख्यमंत्री

सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

पूरा मामला देखें तो ये 21 साल पुराना 66 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा हुआ है। जिसमें कर्नाटक हाईकोर्ट ने शशिकला और जयललिता को 2015 में बरी कर दिया था। इसी मामले में कर्नाटक सरकार ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। पूरा मामला 1991 से 1996 के बीच का है जब जयललिता के मुख्यमंत्री रहते समय आय से अधिक 66 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने का है।

2014 में बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने सुनाई थी सजा

2014 में बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने सुनाई थी सजा

इस केस की सुनवाई को तमिलनाडु से कर्नाटक स्थानांतरित किया गया। ऐसी उम्मीद थी कि जयललिता के सीएम रहते इस केस की निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो सकती है। इसके बाद मामले में सितंबर 2014 में, बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने चारों को 4 साल का कारावास और 100 करोड़ रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी।

2015 में कर्नाटक हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों को किया था बरी

2015 में कर्नाटक हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों को किया था बरी

इस मामले में शशिकला को उकसाने और साजिश रचने की दोषी करार दिया गया था। हालांकि मई, 2015 में कर्नाटक हाईकोर्ट ने जयललिता और शशिकला समेत सभी को बरी कर दिया था। इसके बाद कर्नाटक सरकार, करुणानिधि की डीएमके पार्टी और सुब्रमण्यम स्वामी ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने चार महीने की सुनवाई के बाद जून 2016 में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता का हो चुका है निधन

पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता का हो चुका है निधन

सुप्रीम कोर्ट में कर्नाटक सरकार की दलील थी कि हाईकोर्ट का फैसला गलत है। कोर्ट ने आरोपियों को बरी करने के फैसले में गणितीय गलतियां की हैं। सुप्रीम कोर्ट को हाईकोर्ट के फैसले को बदलने की जरूरत है जिससे साफ हो कि कोई भी जनप्रतिनिधि हो, उसे भ्रष्टाचार की कड़ी सजा मिल सकती है। लंबे वक्त तक जयललिता के साथ रही शशिकला पर उकसावे और आपराधिक षड़यंत्र का आरोप है। उनके रिश्तेदारों सुधाकरण और इलावरासी पर भी आरोप है। पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता का निधन हो चुका है। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने शशिकला और दो अन्य को सजा और जुर्माने का आदेश दिया।

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