जानिए प्रधानमंत्री ने क्या-क्या कहा पुलिस महानिदेशकों से
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज कच्छ के धोरदो में पुलिस महानिदेशकों के सम्मेलन के तीसरे और समापन दिवस के अवसर पर अपना संबोधन दिया।
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प्रधानमंत्री ने सम्मेलन के दौरान हुए विचार विमर्शों की गहराई और गुणवत्ता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुलिस बल के समर्पण और पेशेवर योग्यता का संकेत है। उन्होंने इस सम्मेलन से उभर कर आईं सिफारिशों को कार्यान्वित करने के लिए एक स्पष्ट प्रारूप बनाने का आह्वान किया।
और क्या-क्या कहा प्रधानमंत्री ने-
- संवेदनशीलता पुलिस विभाग का एक महत्वपूर्ण घटक होना चाहिए और एक लचीला संस्थागत ढांचा तैयार किया जाना चाहिए, जिसके माध्यम से पुलिस बल में नागरिकों के लिए संवेदनशीलता को प्रोत्साहन देने में मदद मिले।
- पुलिस बलों को स्थानीय समुदायों के साथ संपर्क स्थापित करने चाहिए और ऐसा करने का एक तरीका समुदाय के लोगों की सफलताओं और उपलब्धियों को मनाने में उनका साथ देना है।
- जब लोग अपनी उपलब्धियों को मनाने के लिए पुलिस स्टेशन जाएंगे, तो उनके मन में पुलिस अधिकारियों द्वारा किए गए कार्य के प्रति सम्मान और एक व्यापक समझ पैदा होगी। समुदाय के लोगों की पहचान पुलिस स्टेशनों से होनी चाहिए।
- पुलिस अधिकारियों को अपने कार्य में उभरती हुई प्रौद्योगिकियों का प्रभावी रूप से उपयोग करना चाहिए। उन्होंने अंतर्राज्यीय सीमावर्ती पड़ोसी जिलों के पुलिस बलों के बीच वार्तालाप और व्यापक सहयोग होना चाहिये।
- पर्यटन पुलिस, आपदा प्रबंधन और पुलिस प्रशिक्षण भी आने वाले समय के लिये बेहद जरूरी है।
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने आईबी के अधिकारियों को उनकी विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक भी प्रदान किए। इससे पूर्व दिन में, सम्मेलन में आए प्रतिभागियों ने पुलिस विश्वविद्यालयों और फॉरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय के विषय पर भी चर्चा की।
इस अवसर पर, गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह, गृह राज्यमंत्री श्री किरेन रिजिजू और श्री हरिभाई पार्थीभाई चौधरी भी उपस्थित थे।












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