जेल से बाहर आते ही मुलायम होंगे लालू प्रसाद यादव

असल में लालू यादव को बेल भले ही हो गई है, लेकिन वो अगले 10 साल तक चुनाव नहीं लड़ सकते हैं, ऐसे में वो अपने अंदर की कठोरता को कभी भी ऊपर नहीं लाने देंगे। दूसरी बात यह कि बिहार में राजद की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है, लिहाजा अगर किसी भी कार्यकर्ता या नेता से कठोर शब्दों में बात की, तो वह पार्टी छोड़कर भाजपा या जदयू का हाथ थाम लेगा। लिहाजा लालू का यहां पर मुलायम रहना ही ठीक है।
अब बात करते हैं लालू के मुलायम सिंह यादव बनने की। जी हां राजनीति में अपनी पार्टी की साख बचाये रखने के लिये आगामी लोकसभा चुनाव में लालू यादव के लिये पार्टी को ज्यादा से ज्यादा सीटें दिलानी होंगी। खुद चुनाव लड़ नहीं सकते और ऊपर से बिहार के युवाओं ने भी उनसे कन्नी काटनी शुरू कर दी है। ऐसे में लालू यादव 2014 में ठीक वही काम करेंगे, जो मुलायम ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में किया था। मुलायम ने अखिलेश यादव को आगे कर, युवाओं को अपने साथ जोड़ा था, उसी प्रकार लालू अपने बेटे तेजस्वी यादव को फ्रंट फुट पर लायेंगे।
25 वर्षीय तेजस्वी आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स की ओर से खेल चुके हैं। और हम आपको बता दें कि लालू की गैरमौजूदगी में तेजस्वी ही पार्टी की पूर देख-रेख कर रहे हैं। राबड़ी देवी पार्टी में सिर्फ निर्देश देने के लिये हैं, रही बात नीति निर्धारण की तो उसमें तेजस्वी की राय के बिना कोई निर्णय नहीं होता। और हां अगर तेजस्वी ने अपनी काबीलियत 2014 में प्रूफ कर दी, तो उसके बाद होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों में लालू की लालटेन की लॉ निश्चित तौर पर बढ़ जायेगी।












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