Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Explainer: यूपी के नए धर्मांतरण कानून को क्यों कहा जा रहा है सबसे कठोर? अन्य राज्यों से क्या अलग है?

Anti Conversion Law UP: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने धर्मांतरण कानून में कई संशोधन किए हैं, जिसके बाद इसे भारत का सबसे कठोर धर्मांतरण-विरोधी कानून कहा जा रहा है। क्योंकि, देश में कुछ राज्यों में यह कानून 1960 की दशक से ही मौजूद है।

यूपी ने नए कानून में जो कुछ संशोधन किए हैं, उससे गैर-कानूनी या जबरन धर्मांतरण पर पूरी तरह से नकेल कसने की उम्मीद जगी है। यूपी में 2021 में जो धर्मांतरण-विरोधी कानून पास किया गया था, उसमें गैर-कानूनी धर्मांतरण पर अधिकतम 10 साल की ही सजा का ही प्रावधान था। लेकिन, नए कानून के प्रावधान कहीं ज्यादा सख्त और गैर-जमानती हैं।

anti conversion law

गुनहगार किसी विदेश एजेंसी से जुड़ा है तो 14 साल तक की सजा
उत्तर प्रदेश के नए धर्मांतरण कानून में दो प्रावधान बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। पहला तो ये कि अगर गैर-कानूनी धर्मांतरण कराने का गुनहगार किसी 'विदेशी' या 'गैर-कानूनी' एजेंसी से जुड़ा है तो उसे 14 साल तक की सजा मिलेगी और 10 लाख रुपए का जुर्माना देना होगा।

अवैध-धर्मांतरण में आजीवन कारावास तक का प्रावधान
दूसरा ये कि अगर कोई व्यक्ति किसी को कोई प्रलोभन देकर या उकसा कर गैर-कानूनी धर्मांतरण कराता है तो उसे 20 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा मिल सकती है।

दोषियों से पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की भी व्यवस्था
इसमें खासकर नाबालिग बच्चियों और अनुसूचित जाति/जनजाति की महिलाओं के साथ होने वाला गैर-कानूनी धर्मांतरण को रखा गया है। इतना ही नहीं, दोष साबित होने पर गुनहगार को उन्हें मुआवजा भी देना पड़ेगा, जिनका उन्होंने अवैध धर्मांतरण करवाया है।

पीड़िता से जुड़ा कोई भी दर्ज करवा सकता है एफआईआर
नए कानून की एक विशेषता ये है कि अब, 'कोई भी व्यक्ति जो पीड़िता से जुड़ा है' अवैध धर्मांतरण के खिलाफ एफआईआर करवा सकता है। पुराने कानून में इसके लिए धर्मांतरित हुए व्यक्ति या उसके माता-पिता, भाई-बहन या नजदीकी रिश्तेदार की उपस्थिति जरूरी थी।

गैर-जमानती बना अवैध-धर्मांतरण का अपराध
यही नहीं संशोधित कानून में अवैध-धर्मांतरण के अपराध को गैर-जमानती बना दिया गया है। नए कानून में एक व्यवस्था ये है कि इन मामलों की सुनवाई अब सेशन कोर्ट से नीचे की अदालतों में नहीं होगी। इतना ही नहीं, सरकारी वकील को सुने बिना किसी भी जमानत याचिका पर विचार नहीं किया जाएगा।

धर्मांतरण-विरोधी कानून पर क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला?
यूपी विधानसभा से पास 'उत्तर प्रदेश विधि-विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध (संशोधन) अधिनियम 2024' विपक्षी दलों को पसंद नहीं आ रहा है। उनकी ओर से इसे असंवैधानिक तक कहा जा रहा है। दरअसल, अवैध- धर्मांतरण भारत में एक राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। राजनीतिक पार्टियां इसे अपने-अपने चुनावी नफा-नुकसान वाले चश्में से देखती हैं।

वैसे जहां तक सुप्रीम कोर्ट की बात है तो यह फैसला दे चुका है कि धर्मांतरण-विरोधी कानून तबतक संवैधानिक है, जबतक कि यह किसी व्यक्ति के 'धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार' में खलल नहीं डालता।

धर्मांतरण-विरोधी कानून में अन्य राज्यों के क्या हैं मुख्य प्रावधान?
अगर अन्य राज्यों के धर्मांतरण-विरोधी कानूनों को देखें तो पता चलता है कि उत्तर प्रदेश के नए कानून को सख्त क्यों कहा जा रहा है?

  • छत्तीसगढ़ में दोषियों को सिर्फ तीन साल की सजा या 20,000 रुपए तक का जुर्माना या दोनों का ही प्रावधान है।
  • झारखंड के धर्मांतरण-विरोधी कानून में तीन साल तक की सजा या 50,000 रुपए जुर्माने या दोनों का ही प्रावधान है।
  • ओडिशा में अवैध धर्मांतरण कराने के दोषियों को सिर्फ एक साल की सजा या मात्र 5,000 रुपए जुर्माने या दोनों की ही व्यवस्था है।
  • कर्नाटक में जबरन धर्मांतरण करवाने की सजा के लिए तीन से लेकर पांच साल तक की सजा और 25,000 रुपए जुर्माने का इंतजाम है।
  • हरियाणा में कोई अवैध-धर्मांतरण का दोषी पाया जाता है तो उसे एक से पांच साल तक की सजा मिल सकती है और एक लाख रुपए जुर्माना देना पड़ता है।
  • हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगर यह पाया जाता है कि कोई विवाह सिर्फ धर्मांतरण के इरादे से किया गया है तो उसे गैर-कानूनी करार दिया जाता है।

धर्मांतरण-विरोधी कानून (वर्ष)

  1. ओडिशा- 1967
  2. मध्य प्रदेश- 1968
  3. अरुणाचल प्रदेश- 1978
  4. छत्तीसगढ़- 2006
  5. गुजरात- 2003
  6. हिमाचल प्रदेश-2019
  7. झारखंड- 2017
  8. उत्तराखंड- 2018

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+