कर्नाटक में हेडगेवार वाले चैप्टर में ऐसा क्या है, जिसे किताबों से हटाना चाहती है कांग्रेस सरकार?

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनने के लगभग दो हफ्ते ही गुजरे हैं और एक नया विवाद शुरू है। इस बार संघ संस्थापक हेडगेवार को लेकर है। कांग्रेस सरकार ने उनके भाषण से संबंधित चैप्टर को सिलेबस से हटाने की तैयारी की है।

Karnataka Controversy on Hedgewar

कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद अब आरएसएस संस्थापक डॉक्टर केशव बलिराम हेडगवार से संबंधित चैप्टर स्कूल सिलेबस से हटाने के प्रस्ताव पर बड़ा राजनीतिक बवाल मच गया है। जहां कांग्रेस और राज्य सरकार की ओर से इसे हटाने के पक्ष में तर्क दिए जा रहे हैं, वहीं भाजपा ने सिद्दारमैया सरकार पर चौतरफा हमला बोल दिया है।

बीजेपी दिमाग से भ्रष्ट है- कर्नाटक के शिक्षा मंत्री
कर्नाटक प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री मधु बंगरप्पा ने इस साल स्कूलों के टेक्स्टबुक को संसोधित करने के प्रस्ताव के बारे में कहा है, 'ये उनका (भाजपा) संस्करण है, क्योंकि उन्होंने बच्चों की मानसिकता को कभी नहीं समझा है कि बच्चों को उन्हें क्या देना चाहिए। बीजेपी दिमाग से इतनी भ्रष्ट है कि वो इस चीज को शिक्षा व्यवस्था में डालना चाहती है, और इसके हम खिलाफ हैं।'

भाजपा ने अपनी विचारधारा किताबों में डालने की कोशिश की है- कर्नाटक के मंत्री
वहीं कर्नाटक के एक और मंत्री दिनेश गुंडु राव के मुताबिक, 'हमें उन लोगों की कहानियां लेनी चाहिए, जिन्होंने सही में राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया है। यदि आप आजादी की लड़ाई की बात करते हैं तो जिन्होंने इसमें हिस्सा लिया, इतिहास में वह दिखना चाहिए, न कि आपकी निजी पसंद, न कि आप जिसे अपना आदर्श मानते हैं। भाजपा ने अपनी विचारधारा किताबों में डालने की कोशिश की है, जो कि सही नहीं है....इसलिए कांग्रेस पार्टी इसे गंभीरता से देखेगी और सुधार के उपाय करेगी।'

हेडगेवार वाले चैप्टर में क्या है?
कर्नाटक में 10वीं की किताब में 2022-2023 के लिए एक चैप्टर प्रस्तावित किया गया था, जिसका टाइटल था- 'सच्चा आदर्श पुरुष कैसा होना चाहिए? (Nijavaada Aadarsha Purusha Yaaragabeku)'। तब इसके बारे में टेक्स्टबुक रिव्यू कमिटी के अध्यक्ष रोहित चक्रतीर्थ ने एक न्यूज चैनल से कहा था कि हेडगेवार पर चैप्टर उनके एक भाषण से संबंधित है, उनके बारे में नहीं।

उनके मुताबिक इस भाषण में उन्होंने युवाओं से कहा था कि किसी व्यक्ति को देवता न मानें, बल्कि अपनी पसंद की विचारधार में विश्वास करें। उन्होंने बताया था, 'हमने हेडगेवार के बारे में कुछ भी शामिल नहीं किया है, न ही वह चैप्टर छात्रों से कहता है कि उनकी विचारधारा का पालन करो। यह सिर्फ व्यक्तियों को देवता की तरह पूजने के खिलाफ उनके शब्दों को उजागर करता है। '

उन्होंने हेडगेवार के उस भाषण के बारे में बताया कि 'किसी इंसान की पूजा करने के बजाए आपको उन मूल्यों का पालन करना चाहिए, जो समय के साथ नहीं बदलेंगे। इसका उनकी विचारधारा से कोई लेना-देना नहीं है।'

भारतीय इतिहास की विचित्र सेंसरिंग- केंद्रीय मंत्री
इस बीच बीजेपी और केंद्र सरकार की ओर से कांग्रेस सरकार की कोशिशों के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया आ रही है। केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने इसे 'भारतीय इतिहास की विचित्र सेंसरिंग' बताया है। उन्होंने कहा कि स्कूली किताब से आरएसएस संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार के चैप्टर के हटाना 'युवाओं के खिलाफ अपराध' होगा।

विनम्रतापूर्वक कहता हूं, जल्दबाजी न करें- पूर्व मंत्री
कर्नाटक में भाजपा एमएलए और पूर्व मंत्री सीएन अश्वत्थ नारायण ने कहा है, 'उन्हें जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए, उन्हें समय लेना चाहिए। उन्हें एक समिति बनानी चाहिए, जो इसे देखे। एक लोकप्रिय सरकार के रूप में उन्हें समाज के सभी वर्गों की चिंता करनी चाहिए। सरकार को समावेशी होना होगा, सभी समुदायों और लोगों की भावनाओं का सम्मान करना होगा...मैं विनम्रतापूर्वक उनसे कहता हूं, जल्दबाजी न करें...'

'क्या कांग्रेस 'मुगलिस्तान' बनाना चाहती है?'
वहीं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने कहा, 'वह सिलेबस बदल सकते हैं, क्योंकि सत्ता में है, लेकिन इतिहास नहीं बदल सकते। संघ परिवार की देशभक्ति के बारे में सभी जानते हैं....संघ परिवार की विचारधारा हर जगह मजबूत हो रही है, उसे नहीं बदला जा सकता....हमारी विचारधारा देशभक्ति है और क्या कांग्रेस देशभक्ति को मिटाकर इसे 'मुगलिस्तान' बनाना चाहती है?'

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