कश्मीर में अफरा-तफरी फैलाने के लिए अलगाववादियों का नया हथियार
श्रीनगर। पिछले कुछ दिनों से कश्मीर घाटी हंदवाड़ा से फैली अफवाह की चिंगारी ने सुलगाकर रखा है। एक अफवाह के साथ बिगड़ी फिजां दरअसल एक दिन या कुछ घंटों में हुई किसी घटना का नतीजा नहीं है। दरअसल यह घाटी में मौजूद अलगाववादी ताकतों के उस नए प्लान का ही हिस्सा थ जो उन्होंने घाटी के लिए तैयार किया है।

क्या हुआ था हंदवाड़ा में
पिछले दिनों हंदवाड़ा से खबर आई कि यहां पर एक कश्मीरी पंडित लड़की के साथ इंडियन आर्मी के जवान की छेड़छाड़ की है। इसके बाद से ही यहां पर विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है। बाद में इस लड़की ने खुद एक वीडियो रिलीज कर कहा था कि उसके साथ आर्मी के जवान ने छेड़छाड़ नहीं की थी। हंदवाड़ा में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
एक अफवाह ने बिगाड़ा घाटी का माहौल
हंदवाड़ा में एक अफवाह ने पूरा माहौल बर्बाद कर रख दिया है। अलगाववादी अफवाह फैलाकर घाटी के माहौल का बिगाड़ना चाहते हैं और अपने मंसूबों में कामयाब होना चाहते हैं।
लड़की की ओर से दिया गया बयान इस बात को साबित करने के लिए काफी है कि सेना के जवान ने उसके साथ छेड़छाड़ नहीं की थी। लेकिन सिर्फ एक अफवाह को फैलाकर हिंसा भड़का दी गई।
आर्मी के खिलाफ माहौल गर्माने की रणनीति
हंदवाड़ा में पिछले दिनों हुए घटनाक्रम की कड़ी को जोड़कर देखा जाए तो साफ पता लगा है कि घाटी में सेना के खिलाफ जो एक ग्रुप है उसकी भावनाओं को और भड़काकर जम्मू कश्मीर का माहौल को संवेदनशील बनाने की कोशिशें की
जा रही हैं।
इंटेलीजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी के मुताबिक हाल ही में कुछ ऐसी घटनाएं हुई हैं जिनसे साफ पता लगता है कि सेना के खिलाफ एक प्रपोगेंडे को मजबूत करने का काम किया जा रहा है।
अलगाववादी नेताओं को चाहिए बहाना
यह इसलिए हो रहा है ताकि लोग सेना के खिलाफ सड़कों पर आए और विरोध प्रदर्शनों को बढ़ावा मिले। आर्मी जब स्थिति को नियंत्रण करने के लिए आगे बढ़ती है तो कुछ लोग घायल हो जाते हैं और यहां तक कि किसी की मौत भी हो जाती है। यहीं से अलगाववादी नेताओं को हिंसा को उकसाने के लिए एक नया बहाना मिल जाता है।












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