फ्लीट रिव्यू बताएगा दुश्मन को पानी पर कितना ताकतवर है भारत
विशाखापट्टनम। चार फरवरी से आठ फरवरी तक मुंबई में हिंद महासागर पर भारत की ओर से इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का आयोजन होगा। वर्ष 2001 के बाद से अब भारत इस तरह का कोई आयोजन करने जा रहा है।
विशाखापट्टनम में होने वाले इस आयोजन में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही 51 देशों का प्रतिनिधिमंडल शिरकत करेगा।
1.5 लाख लोग जहां इस आयोजन को देख सकेंगे तो वहीं 1.84 लाख लोगों को एलईडी टीवी के जरिए इस आयोजन से रूबरू कराया जाएगा। चार से आठ फरवरी के बीच इंडियन नेवी की ओर से 12 कार्यक्रम आयोजित होंगे।
आपको बता दें कि यह सिर्फ एक इंटरनेशनल इवेंट ही नहीं है बल्कि इस इवेंट के जरिए भारत दूसरे देशों को अपनी मजबूत इंडियन नेवी, मर्चेंट नेवी और एनएसजी फोर्सेज के बारे में एक संदेश दुनिया को देना चाहता है।
भारत का पड़ोसी और बनते-बिगड़ते रिश्तों का साक्षी चीन भी अपनी नौसेना के साथ इस कार्यक्रम में शामिल होगा। आइए आपको इस इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू के बारे में कुछ खास बातें बताते हैं।

इंडियन नेवी की ताकत परखना
इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति जो कि तीनों सेनाओं के सुप्रीम कमांडर होते हैं इंडियन नेवी की ताकत का जायजा लेंगे। इस रिव्यू का मकसद देश के ऊपर आने वाले खतरों के लिए इंडियन नेवी की तैयारी, उसका अनुशासन और उसकी ताकत को परखना है।

वर्ष 2001 में पहला फ्लीट रिव्यू
जनवरी 2001 में इंडियन नेवी और भारत ने मुंबई में पहला इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू आयोजित किया था। उस दौरान दुनिया के 29 देश इसका हिस्सा बने थे। उस समय सभी 29 देशों ने भारत की खूब प्रशंसा की थी।

भारत की सहभागिता बढ़ाने की कोशिश
इस फ्लीट रिव्यू में दुनिया के 50 से ज्यादा देश हिंद महासागर पर अपनी-अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे। यह कार्यक्रम न सिर्फ भारत बल्कि किसी भी मेजबान देश के लिए एक ऐसा मौका लेकर आता है जहां वह दूसरे देशों के साथ अपनी मित्रता को और गहरा कर सकता है। साथ ही इस तरह के आयोजिन में भरोसे की भावना भी बढ़ती है।

75 वॉरशिप्स और सबमरींस
इस कार्यक्रम में 75 वॉरशिप्स और सबमरींस अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगी। न सिर्फ इंडियन नेवी बल्कि दुनिया के बाकी देशों से आने वाली नेवल फोर्सेज इस आयोजन में मौजूद रहेंगी। इस कार्यक्रम का उद्घाटन आंध्र प्रदेश के सीएम एन चंद्रबाबू नायडू करेंगे।

प्रेसीडेंट के लिए अलग शिप
कार्यक्रम में पहले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को 21 बार सलामी दी जाएगी और इसके बाद प्रेसीडेंशियल याट के जरिए 70 शिप्स को विशाखपट्टनम पोर्ट से आगे के लिए रवाना किया जाएगा।

राष्ट्रपति देखेंगे फ्लाई पास्ट का नजारा
राष्ट्रपति इस दौरान नेवी के एयर विंग की ओर से होने वाले फ्लाईपास्ट का नजारा देखेंगे। श्रेष्ठ कमांडोज की ओर से नेवी की हवाई क्षमता का प्रदर्शन किया जाएगा। इस रिव्यू के अंत में वॉरशिप्स और सबमरींस का मोबाइल कॉलम प्रेसीडेंशियन याट के साथ एक हाई स्पीड स्टीम पास्ट का भी प्रदर्शन करेगा।

मिग-29के बनेगा डिस्प्ले का हिस्सा
इस दौरान फाइटर जेट मिग-29 के, लंगी दूरी के सर्विलांस एयरक्राफ्ट पी81 और एईडब्ल्सू हेलीकॉप्टर केएम-31 अपनी-अपनी ताकत और क्षमताओं से रूबरू करवाएं

90 विदेशी प्रतिनिधिमंडल
इस दौरान जहां दूसरे देशों की 24 वॉरशिप्स इस कार्यक्रम में मौजूद होंगी तो वहीं 24 देशों की नौसेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहेंगे। साथ ही 90 देशों के प्रतिनिधिमंडल भी इस आयोजन का हिस्सा बनने के लिए भारत आ रहे हैं।

पाकिस्तान को हो रही होगी दिक्कत
इस कार्यक्रम में सबसे खास बात है कि भारत का पड़ोसी और सेनाओं की ताकत की लिहाज से दुनिया में नंबर दो चीन भी इस इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में शामिल होगा। अब पाक को इस बात से मुश्किल होना लाजिमी है।












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