‘प्रभु’ के पिटारे से क्या मिला बिहार को
पटना। रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने रेल बजट 2016 पेश किया। बिहार की 11 करोड़ जनता को इस रेल बजट के काफी उम्मीदें थी, लेकिन वो उम्मीदें पूरी नहीं हो सकी। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने रेल बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे निराशाजनक बताया और कहा कि इस बजट से बिहार को निराशा मिली है। वहीं पूर्व रेल मंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इस बजट में नयी परियोजनाओं के लिए भी रेलवे के पास कोई योजना नहीं है।

इस बजट में ना तो बिहार के लिए किसी नई ट्रेन का ऐलान किया गया और ही विस्तारीकरण को लेकर कोई घोषणा हुई। रेल बजट में ट्रेनों के समय, स्टेशनों की साफ-सफाई को भी प्राथमिकता नहीं दी गयी है। बिहार की ट्रेनों में टिकटों को लेकर हमेशा मारामारी रहती है। बावजूद इसके रेल बजट में इसे लेकर कोई ऐलान नहीं किया गया।
दिवाली-छठ के वक्त बिहार की ट्रेनों में टिकट मिलना असंभव होता है। ऐसे में बिहार को उम्मीद थी कि रेल मंत्री इस समस्या को खत्म करने के लिए कोई ऐलान कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस रेल बजट से बिहार के लोग निराश हैं।
रेल बजट में बिहार के मढौरा रेल इंजन कारखाना और मधेपुरा इलैक्ट्रानिक इंजन कारखाने में फिर से काम शुरु करने का ऐलान किया गया है। साथ ही गया और बिहारशरीफ स्टेशनों के सौदर्यकरण करने का ऐलान किया गया है।












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