कोरोना का कप्पा और लम्ब्डा वैरिएंट क्या है, डेल्टा प्लस की चिंता के बीच चर्चा

नई दिल्ली, 29 जून: नोवल कोरोना वायरस के अबतक अल्फा, बीटा,गामा और डेल्टा के नाम से चार वैरिएंट अलग-अलग मुल्कों में कहर ढा रहे हैं और इनकी ही चर्चा हो रही है। इन वैरिएंट के भी कई अलग-अलग स्ट्रेन परेशानी बढ़ाए हुए हैं, जिसमें अभी सबसे ज्यादा कुख्यात डेल्टा प्लस वैरिएंट है, जिसे हाल ही भारत में भी वैरिएंट ऑफ कंसर्न घोषित किया गया है। देश में इसके 50 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। हाल के दिनों में कोरोना वायरस वैरिएंट के दो नए नाम लोगों को चौंकाने लगे हैं। ये हैं कप्पा और लम्ब्डा वैरिएंट और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इन दोनों को अभी वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट (वीओआई) घोषित कर रखा है।

कप्पा वैरिएंट क्या है ?

कप्पा वैरिएंट क्या है ?

कोरोना का कप्पा वैरिएंट इसके बी.1.617 वंश के म्यूटेशन से ही पैदा हुआ है, जो डेल्टा वैरिएंट के लिए भी जिम्मेदार है। बी.1.617 के एक दर्जन से ज्यादा म्यूटेशन हो चुके हैं, जिनमें से दो खास हैं- ई484क्यू और एल452आर। इसलिए इस वैरिएंट को डबल म्यूटेंट भी कहा जाता है। जैसे-जैसे यह विकसित होता गया बी.1.617 की नई वंशावली तैयार होती चली गई। बी.1.617.2 को डेल्टा वैरिएंट के नाम से जाना जा रहा है, जो कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार माना जाता है। इसके अन्य वंश बी.1.617.1 को कप्पा कहा जाता है, जिसे इस साल अप्रैल में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट घोषित किया था। लेकिन, कप्पा का ही एक उप-वंश, बी.1.617.3 भी है, जिसे अलग से नामांकित नहीं तो किया गया है, लेकिन इसे भी ट्रैक किया जा रहा है।

कप्पा भी पहली बार भारत में ही पाया गया था। भारत ने नोवल कोरोना वायरस के जीनोम का वैश्विक डेटा जुटा रही संस्था ग्लोबल इनिशिएटिव ऑन शेयरिंग ऑल इंफ्लुएंजा डेटा (जीआईएसएआईडी) को जो करीब 30,000 सैंपल दिए हैं, उनमें से 3,500 से ज्यादा कप्पा वैरिएंट के ही हैं। पिछले 60 दिनों में भारत ने जितने भी सैंपल दिए हैं, उनमें से 3 फीसदी इसी वैरिएंट के हैं। जीआईएसएआईडी को सौंपे गए कप्पा सैंपल के मामले में भारत के बाद यूके, अमेरिका और कनाडा हैं।

लम्ब्डा वैरिएंट क्या है ?

लम्ब्डा वैरिएंट क्या है ?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक सी.317 वैरिएंट या लम्ब्डा सबसे नया वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट तब घोषित किया जाता है, जब कोई वैरिएंट कम्युनिटी ट्रांसमिशन के लिए जिम्मेदार होता है/ उसके कई सारे केस आते हैं/ वह कई क्लस्टर में पाया जाता है या कई देशों में उसका पता चलता है। लम्ब्डा वैरिएंट सबसे पहले पिछले साल दिसंबर में पेरू में पाया गया था और अबतक 26 देशों से इसके सैंपल जीआईएसएआईडी को सौंपे जा चुके हैं। इसके सबसे ज्यादा सैंपल दक्षिण अमेरिकी देश चिली ने जमा किए हैं, उसके बाद अमेरिका का नंबर है। इस लिस्ट में पेरू तीसरे नंबर पर है। हालांकि, भारत से लम्ब्डा वैरिएंट के एक भी सैंपल नहीं दिए गए हैं।

लम्ब्डा वैरिएंट कहां-कहां मिला है

लम्ब्डा वैरिएंट कहां-कहां मिला है

लम्ब्डा वैरिएंट बी.1.1.1 वंश का वायरस है, जो कि उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप और ओशिनिया समेत कम से कम 29 देशों में पहुंच चुका है। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि इस वैरिएंट की स्पाइक प्रोटीन का कई बार म्यूटेशन हो चुका है, जो कि वायरस के लोगों के बीच प्रसार के लिए जिम्मेदार होता है। यूनाइटेड किंग्डम के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है इस वैरिएंट के रोगियों में वही लक्षण होते हैं, जो सामान्य तौर पर कोरोना वायरस के दूसरे वैरिएंट में होते हैं। सबसे बड़ी बात है कि अभी तक ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं, जिससे यह पता चले कि यह वैरिएंट ज्यादा गंभीर बीमारी के लिए जिम्मेदार है या फिर यह वैक्सीन के प्रभाव को कम कर रहा है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+