भारत के लिए सिरदर्द बन गया है रूस से खरीदा सुखोई, 3 साल में 69 बार फेल
सुखोई ने तेजपुर एयरबेस से सुबह 10:30 बजे टेकऑफ किया था। 11:10 मिनट पर इस जेट का संपर्क एटीसी से टूट गया था।
नई दिल्ली। मंगलवार को इंडियन एयरफोर्स (आइएएफ) का फाइटर जेट सुखोई असम के तेजपुर से उड़ान भरने के बाद गायब है। बड़े स्तर पर तेजपुर के आसपास के जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है लेकिन फिर भी इसका कुछ पता नहीं चल सका है। एक स्क्वाड्रन लीडर और एक फ्लाइट लेफ्टिनेंट को भी कुछ पता नहीं चल पाया है। यह जेट चीन के बॉर्डर के पास लापता हुआ है। इसके साथ ही एक और सुखोई के दुर्घटना के शिकार होने के आसार भी बढ़ गए हैं।

तीन साल में तीन सुखोई क्रैश
पिछले तीन वर्षों में तीन सुखोई फाइटर जेट क्रैश हो चुके हैं। इस वर्ष 15 मार्च को ही राजस्थान के बाड़मेर सुखोई क्रैश हुआ था। इस घटना में दोनों पायलट्स सुरक्षित बच गए थे। इससे पहले 19 मई 2015 को असम के ही नागौन जिले में स्थित लाओखोवा में एक सुखोई क्रैश हुआ था। इस घटना में भी दोनों पायलट्स सुरक्षित निकल गए थे। 14 अक्टूबर 2014 को पुणे के निकट गांव में एक सुखोई क्रैश हुआ और दोनों पायलट्स बच गए थे।

आठ वर्ष में सात सुखोई क्रैश
वर्ष 1997 में आइएएफ का हिस्सा बनने के बाद 30 अप्रैल 2009 को पहला सुखोई क्रैश हुआ। तब से लेकर अब तक सात सुखोई जेट क्रैश हो चुके हैं। 30 अप्रैल 2009 को राजस्थान के जैसलमेर में सुखोई क्रैश हुआ जिसमें एक पायलट की मौत हो गई तो एक गंभीर रूप से घायल हो गया। इसी वर्ष 30 नवंबर को एक और सुखोई राजस्थान में ही क्रैश हुआ लेकिन पायलट्स बच गए थे। इसके बाद तीन दिसंबर 2011 को पुणे के लोहेगांव और 19 फरवरी 2013 को जैसलमेर में सुखोई क्रैश हुए। इन दोनों ही घटनाओं में जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ था।

सात सुखोई हादसे का शिकार
इस एयरक्रॉफ्ट ने तेजपुर एयरबेस से सुबह 10:30 बजे टेकऑफ किया था। 11:10 मिनट पर इस जेट का संपर्क एटीसी से टूट गया था। यह घटना चिंताजनक है क्योंकि आइएएफ अभी तक अपने पास मौजूद 240 में से सात सुखोई गंवा चुका है।

क्या अरुणाचल में क्रैश हो गया है सुखोई
कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो सुखोई अरुणाचल प्रदेश के वेस्ट कमांग में क्रैश हुआ हो सकता है। आइएएफ हालांकि अभी तक यही कह रही है कि इस सुखोई का कुछ पता नहीं चल पा रहा है और न ही जेट पर इंस्टॉल लोकेटर से कोई सिग्नल मिल पा रहा है।

तीन वर्ष में 69 घटनाएं
पिछले तीन वर्षों में सुखोई के साथ 69 घटनाएं तकनीकी खराबी की वजह से हो चुकी हैं। आइएएफ ने इस तरह की घटनाओं में इजाफा होने की वजह से इस जेट को फिर से रि-फिट करने का फैसला किया था। वर्ष 2011 से सेनाओं में 80 सैनिकों को एयरक्राफ्ट और चॉपर क्रैश में खो दिया है।

वर्ष 1997 में बना था आइएएफ का हिस्सा
सुखोई 30 एमकेआई आइएएफ के पास मौजूद सबसे प्रभावी फाइटर जेट्स हैं। भारत ने रूस से 12 बिलियन डॉलर की रकम के साथ 272 सुखोई जेट खरीदे थे वर्ष 1997 में यह फाइटर जेट आइएएफ का हिस्सा बना था। कुछ सुखोई हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के लाइसेंस के तहत देश में ही निर्मित होते हैं।

इंजन बन गया है सिरदर्द
सुखोई के साथ इंजन से जुड़ी कई समस्याएं हैं जैसे इसकी सर्विसबिलिटी, स्पेयर पार्ट्स का मुश्किलों से मिल पाना और इसका खराब रखरखाव। सरकार का कहना है कि 50 से 60 प्रतिशत तक खराबियां सही कर ली गई हैं। आपको बता दें कि इनके रखरखाव के लिए भारत और रूस के बीच करार हुआ है।

2016 में रक्षा मंत्री ने दिया था अहम बयान
इस नई घटना के साथ मान जा रहा है कि सुखोई को कुछ समय के लिए ग्राउंडेड किया जा सकता है। चेक करने के बाद ही इन्हें फिर से फ्लाइंग का लाइसेंस दिया जाएगा। अप्रैल 2009 और दिसंबर 2011 में भी इसी तरह का कदम उठाया गया था। पूर्व रक्षा मंत्री और अब गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर ने वर्ष 2016 में माना था कि सुखोई में समस्या है।












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