West Bengal SIR Hearing: EC पर्यवेक्षक के वाहन पर हमला, चुनाव आयोग ने DGP से 6 जनवरी तक मांगी रिपोर्ट
West Bengal SIR Hearing: पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट संशोधन (SIR) के मुद्दे पर राजनीतिक संग्राम जारी है। टीएमसी-कांग्रेस समेत कई दल इसका विरोध कर रहे हैं। बंगाल में एसआईआर पर बवाल जारी है। पिछले दिनों चुनाव आयोग पर्यवेक्षक की गाड़ी पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य पुलिस महानिदेशक (DGP) से 6 जनवरी शाम 5 बजे तक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।
आयोग का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े संवेदनशील कार्य के दौरान चुनाव अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य पुलिस की जिम्मेदारी है। इससे पहले भी बंगाल में चुनाव आयोग के अधिकारियों के काफिले पर हमले हो चुके हैं।

Bengal के मुख्य चुनाव आयुक्त को मिली है Y+ सुरक्षा
चुनाव आयोग की ओर से बंगाल में ईसी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर पहले भी चिंता जताई गई है। वोटर लिस्ट संशोधन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए काम के दबाव का विरोध कर रहे थे। इसी दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के दफ्तर पर हमले की घटना हुई थी। इसके बाद प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त को वाई प्लस (Y+) सुरक्षा दी गई। आयोग ने कहा है कि चुनाव आयोग के अधिकारियों की सुरक्षा को हल्के में नहीं लिया जा सकता है।
West Bengal SIR Hearing: मुख्य पर्यवेक्षक ने सुरक्षा खामियों पर जताई नाराजगी
चुनाव आयोग ने डीजीपी को पत्र लिखकर इस मामले में रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा कि अधिकारियों पर हमला बेहद चिंताजनक है। विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षक और वरिष्ठ अधिकारी सी. मुरुगन ने अपनी रिपोर्ट में दक्षिण 24 परगना जिले के मगराहाट-I, मगराहाट-II और कुलपी ब्लॉकों में 29 दिसंबर के अपने दौरे के दौरान हुई घटनाओं का जिक्र किया है। अपनी रिपोर्ट में अधिकारी ने कहा कि दौरे की पूर्व जानकारी दिए जाने के बावजूद भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए थे।
West Bengal SIR: आयोग की जांच में कई अहम खुलासे
- आयोग की ओर से रिपोर्ट की समीक्षा के बाद पाया गया कि संबंधित उप-विभागीय अधिकारी और पुलिस अधीक्षक को दौरे की पूर्व सूचना दी गई थी।
- इसके बावजूद पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। पर्यवेक्षक को बिना पर्याप्त पुलिस सुरक्षा के संवेदनशील इलाकों से गुजरना पड़ा। इस दौरान नारेबाजी, भीड़ जुटाने, सरकारी कामकाज में बाधा डालने और पर्यवेक्षक के वाहन को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं सामने आईं।
- इसके अलावा आयोग ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि पुलिस से कई बार शिकायत के बाद 29 दिसंबर को 30 से 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। आयोग का कहना है कि यह पूरी स्थिति पुलिस प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाती है।
चुनाव अधिकारी की कार पर हमला
29 दिसंबर को मगराहाट स्थित एक SIR सुनवाई केंद्र पर चुनाव पर्यवेक्षक अधिकारी की कार पर हमला किया गया था। प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने चुनाव अधिकारी सी. मुरुगन के वाहन को घेर लिया और उसमें तोड़फोड़ की थी। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी थीं। भीड़ ने चुनाव आयोग के अधिकारियों के वाहन का रास्ता रोका और उसके बोनट और खिड़कियों पर लाठियां बरसाईं।
चुनाव आयोग ने पुलिस को पर्याप्त सुरक्षा का दिया निर्देश
चुनाव आयोग ने सुरक्षा कमियों पर नाराजगी जताते हुए भविष्य में पर्याप्त सुरक्षा के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा कि भविष्य में जब भी कोई मतदाता सूची पर्यवेक्षक या विशेष पर्यवेक्षक क्षेत्र दौरे पर जाए, तो उसके साथ पर्याप्त सुरक्षा बल और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की मौजूदगी अनिवार्य तौर पर होनी चाहिए।












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