बंगाल हिंसा: HC के फैसले को लेकर याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की कैविएट
नई दिल्ली, 20 अगस्त। पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा की सीबीआई जांच के कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर की गई है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक याचिकाकर्ता-वकील अनिंद्य सुंदर दास ने ये कैविएट दाखिल की है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हिंसा को लेकर अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच का आदेश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने जांच के लिए एसआईटी गठित करने का आदेश भी दिया है।

सुप्रीम कोर्ट में दायर कैविएट में वादी ने यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि उसे सुने बिना उसके खिलाफ कोई आदेश न दिया जाए।
दास ने एएनआई को बताया कि "मैने सुप्रीम कोर्ट में एक कैविएट दाखिल की है कि कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील को लेकर मुझे भी सुना जाना चाहिए।"
हाईकोर्ट ने दिया है सीबीआई जांच का आदेश
गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा को लेकर सुनवाई के बाद सीबीआई जांच का आदेश दिया था। कोर्ट ने अपने टिप्पणी में इन आरोपों को 'निश्चित और पुष्ट' पाया था कि चुनाव के बाद हुई हिंसा के शिकार हुए पीड़ितों की शिकायत नहीं दर्ज की गई थी। चुनाव बाद हिंसा में रेप और हत्या जैसे जघन्य मामलों में सरकार पर कार्रवाई न करने के आरोपों का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने इसकी जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था।
साथ ही कोर्ट ने इस दौरान केंद्र के सामने कुछ शर्त भी रखी हैं जिसके तहत सीबीआई की यह जांच कोर्ट की निगरानी में होगी। पांच जजों की पीठ ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का भी गठन करने का आदेश दिया है जिसमें सिर्फ बंगाल कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल में मई में विधानसभा चुनावों के परिणाम आते ही राज्य में भयंकर हिंसा भड़क उठी थी। चुनाव में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस को भारी जीत मिली थी। हिंसा को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम जांच के लिए पश्चिम बंगाल गई थी और हिंसा के पीड़ितों से मुलाकात की थी। मानवाधिकार आयोग की टीम ने जो रिपोर्ट दी थी उसमें ममता सरकार पर हिंसा को न रोकने का जिम्मेदार बताया गया था और मामले की जांच सीबीआई से कराने की बात कही गई थी।












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