पश्चिम बंगाल सरकार ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर पर लगाई रोक
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कोलकाता में एक मेगा रैली में घोषणा की कि उनकी सरकार संशोधित नागरिकता अधिनियम को लागू नहीं करेगी। जिसे हाल ही में संसद द्वारा पारित किया गया है। इसके बाद देर शाम ममता बनर्जी ने एक बड़ा फैसला लिया है और आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के कार्य रोक दिया है। ममता सरकार ने यह फैसला उस समय लिया है जब उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार को चुनौती दी है कि उनकी सरकार बर्खास्त करे।
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पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को राज्य में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) तैयार करने और अद्यतन करने से संबंधित सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी। कोलकाता और हावड़ा नगर निगमों तथा सभी जिला मजिस्ट्रेटों को गृह और पहाड़ी मामलों के विभाग की जनगणना सेल के माध्यम से एडिशनल सेक्रट्री ने एक आदेश जारी कर कहा कि एनपीआर की तैयारी और अद्यतन के बारे में सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है।
पत्र में कहा गया कि "एनपीआर के बारे में कोई भी गतिविधि पश्चिम बंगाल सरकार से पूर्व मंजूरी के बिना नहीं की जा सकती। यह आदेश सार्वजनिक आदेश के हित में जारी किया गया है।" बता दें कि राज्य सरकार ने एनपीआर पर रोक का यह आदेश ऐसे समय में जारी किया जब राज्य में नागरिकता संशोधन बिल को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं। कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक भी हो गए।
ममता बनर्जी ने कोलकात में सोमवार को एक बड़ी रैली की अगुवाई की और उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में हिंसा भड़काने के लिए बीजेपी ने कुछ लोगों को धन दिए हैं। साथ ही, उन्होंने पश्चिम बंगाल से बाहर की कुछ ताकतों पर तोड़फोड़ और आगजनी के लिए मुस्लिम समुदाय 'के मित्र के रूप में पेश आने' का भी आरोप लगाया।












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