Bengal Election: बंगाल चुनाव से पहले दबाव? राज्यपाल आनंद बोस के इस्तीफे पर ममता बनर्जी ने अमित शाह को घेरा
West Bengal Governor Resignation: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले एक बड़ा सियासी उलटफेर सामने आया है। राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इ्स्तिफे के बाद तमिलनाडु के कद्दावर और अक्सर विवादों में रहने वाले राज्यपाल आर. एन. रवि को बंगाल की कमान सौंपी गई है।
इस घटनाक्रम ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्र सरकार के बीच तल्खी को और बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री इसे 'लोकतंत्र की हत्या' और 'संघीय ढांचे पर प्रहार' करार दिया है।

Governor Resignation पर ममता बनर्जी का तीखा हमला- अमित शाह के दबाव से दिया इस्तीफा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर पूरे मामले पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया है। CM ममता ने कहा, मुझे हैरानी नहीं होगी अगर आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कुछ राजनैतिक हितों को साधने के लिए आनंद बोस पर इस्तीफा देने का दबाव बनाया हो।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उन्हें केवल फैसले की सूचना दी गई, जबकि राज्यपाल की नियुक्ति से पहले मुख्यमंत्री से सलाह मशविरा करने की संवैधानिक परंपरा का पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र को सहकारी संघवाद का सम्मान करना चाहिए और राज्यों की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले एकतरफा फैसलों से बचना चाहिए।
सीएम बनर्जी ने संघीय ढांचे पर भी उठाया सवाल
ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार के इस कदम पर संविधान की भावना को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले भारत के संघीय ढांचे की बुनियाद को प्रभावित करते हैं। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि वह सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) की भावना का सम्मान करे और ऐसे एकतरफा फैसलों से बचे जो लोकतांत्रिक परंपराओं और राज्यों की गरिमा को कमजोर करते हैं।
Who Is R N Ravi West Bengal Governor: कौन हैं नए राज्यपाल आर. एन. रवि?
बता दें कि पूर्व आईपीएस अधिकारी और डिप्टी एनएसए (NSA) रह चुके आर. एन. रवि को सुरक्षा मामलों का गहरा जानकार माना जाता है। चुनाव से ऐन पहले उनकी नियुक्ति को बीजेपी की 'कानून-व्यवस्था' की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
आर. एन. रवि का बंगाल आना ममता सरकार के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। तमिलनाडु में अपने कार्यकाल के दौरान रवि का स्टालिन सरकार के साथ लगातार टकराव रहा। उन पर विधानसभा से पारित बिलों को रोकने और सरकार के तैयार भाषणों को न पढ़ने के आरोप लगते रहे हैं।
राष्ट्रपति ने किया कई राज्यों में बदलाव
दरअसल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार शाम कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपाल और उपराज्यपाल पदों पर बड़ा फेरबदल किया। इसी क्रम में पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया, जबकि तमिलनाडु के राज्यपाल आर. एन. रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल बनाया गया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी प्रेस रिलिज के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के मौजूदा राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है और उनकी जगह आर. एन. रवि को नियुक्त किया गया है।
Bengal Assembly Elections 2026 से पहले आनंद बोस ने क्यों दिया इस्तीफा
सी. वी. आनंद बोस ने अपने इस्तीफे का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है। उन्होंने केवल इतना कहा, मैंने साढ़े तीन साल बंगाल की सेवा की, इतना समय काफी है। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का दावा है कि बोस ने राज्य में 'राष्ट्रपति शासन' लगाने की केंद्र की कुछ सिफारिशों पर असहमति जताई थी, जिसके कारण उन्हें हटना पड़ा। बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में आर. एन. रवि की नियुक्ति संकेत देती है कि चुनाव के दौरान राजभवन और ममता सरकार के बीच एक बार फिर कड़ा टकराव देखने को मिल सकता है।












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