Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

West Bengal Chunav: बंगाल फतह करने के लिए बीजेपी ने बनाया सॉलिड प्लान, 'दीदी' को मात देने के लिए नई रणनीति

West Bengal Chunav: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पर इस बार पूरे देश की नजर है। ममता बनर्जी लगातार चौथी बार सत्ता में आने के लिए पूरा जोर लगा रही हैं, जबकि बीजेपी के लिए यह प्रतिष्ठा का प्रश्न है। 2011 से ममता बनर्जी लगातार सत्ता पर काबिज हैं और तमाम कोशिशों के बाद भी बीजेपी उन्हें उखाड़ नहीं पाई है। इस बार बीजेपी ने बंगाल फतह करने के लिए सॉलिड रणनीति बनाई है। साथ ही, यह भी तय किया गया है कि दीदी (ममता बनर्जी) पर सीधे हमले नहीं किए जाएंगे

आने वाले तीन महीने न सिर्फ चुनावी गणित तय करेंगे, बल्कि यह देश की राजनीति के लिए भी निर्णायक माने जा रहे हैं। बीजेपी ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी चुनावी रणनीति के केंद्र में हिंदुत्व के साथ-साथ महिला सुरक्षा, घुसपैठ और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे होंगे। बीजेपी का फोकस ममता बनर्जी के बजाय टीएमसी की भ्रष्ट संस्कृति और शासन रहने वाले हैं।

West Bengal Chunav

West Bengal Chunav: 3 महीने तक सिलसिलेवार चलेगा प्रचार

पार्टी नेतृत्व ने अगले तीन महीनों के लिए चरणबद्ध योजना तैयार की है। पार्टी का मानना है कि फरवरी, मार्च और अप्रैल ये तीन महीने बहुत महत्वपूर्ण है। इन तीन महीनों की तैयारी से ही बंगाल की सत्ता की दिशा तय होगी। फरवरी का महीना संगठनात्मक मजबूती के लिए अहम माना जा रहा है। इस दौरान बूथ स्तर पर किए गए काम को ही सत्ता तक पहुंचने की नींव बताया जा रहा है।

West Bengal Chunav: बोर्ड परीक्षाओं के बाद होगा धुआंधार प्रचार

राज्य में दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के कारण फरवरी को 'साइलेंट पीरियड' माना जाता है। इस दौरान लाउडस्पीकर और बड़ी रैलियों पर पाबंदी रहती है। परीक्षाओं को देखते हुए राजनीतिक गतिविधियां भी सीमित कर दी जाती हैं। बीजेपी ने इस समय का इस्तेमाल करने के लिए भी रणनीति बना ली है। साइलेंट पीरियड का इस्तेमाल संगठन को मजबूत करने में किया जाएगा। फरवरी में बूथ कमेटियों का पुनर्गठन, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां तय करना, डोर-टू-डोर अभियान, छोटी बैठकों और संवाद जैसे पारंपरिक प्रचार तरीकों पर जोर दिया जाएगा।

BJP की नजर वोटर लिस्ट संशोधन पर

- बीजेपी की नजर वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण (SIR) पर भी टिकी है। 14 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद पार्टी बूथ स्तर पर गहन समीक्षा शुरू करेगी।

- फिलहाल राज्य में करीब 81 हजार पोलिंग बूथ हैं। चुनाव आयोग के नए मानकों के तहत प्रति बूथ अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा तय की गई है।

- इस बार बूथों की संख्या बढ़कर करीब एक लाख तक पहुंच सकती है। इन नए आंकड़ों के हिसाब से बीजेपी फरवरी में बूथ प्रबंधन के लिए नए सिरे से काम करेगी।

- टीएमसी का बूथ मैनेजमेंट जबरदस्त होता है। बीजेपी इस चुनौती को बखूबी समझती है और इसके लिए इस बार बड़े पैमाने पर बूथ एजेंट तैयार किए जाएंगे।

West Bengal Chunav: बीजेपी निकालेगी परिवर्तन यात्रा

सूत्रों के मुताबिक, साइलेंट पीरियड खत्म होते ही मार्च से बीजेपी आक्रामक मोड में आ जाएगी। बताया जा रहा है कि पूरे राज्य में 'परिवर्तन यात्राएं' निकालने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। इस बार फोकस बूथ स्तर और मोहल्ला सभाओं पर रह सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इन यात्राओं में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे दिग्गज शामिल होंगे। इसके अलावा, शहरी इलाकों में भी पीएम मोदी समेत दिग्गज नेताओं की भव्य रैलियां कराई जा सकती है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+