'TMC को दो टूक', चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी की पार्टी के लिए शेयर की पोस्ट, ऐसा क्या लिखा जो मच गया बवाल?
West Bengal Chosen 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के माहौल के बीच बुधवार को चुनाव आयोग की एक पोस्ट ने नया भूचाल ला दिया है। भारतीय चुनाव आयोग ने अपने एक्स पोस्ट में साफ कहा कि राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव "भय, हिंसा, धमकी, प्रलोभन, छापा, बूथ और सोर्स जामिंग रहित" होंगे। साथ ही तृणमूल कांग्रेस को एकदम 'दो टूक' संदेश भी भेजा गया।
आयोग ने सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) को चेतावनी दी कि नियमों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस ट्वीट ने तुरंत ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी और सोशल मीडिया पर चर्चा का नया दौर शुरू कर दिया।

ममता की TMC की चुनाव आयोग ने क्यों बोली ये बात?
सूत्रों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और टीएमसी प्रतिनिधिमंडल की बैठक में टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने कथित तौर पर ऊंची आवाज में चिल्लाते हुए आयोग को बोलने से रोका। आयोग ने उन्हें बैठक कक्ष की गरिमा बनाए रखने का अनुरोध किया, लेकिन ओ'ब्रायन ने कहा, "हम यहां आपकी बात सुनने के लिए नहीं आए हैं।" इसके बाद प्रतिनिधिमंडल बैठक छोड़ गया।
चुनाव आयोग ने अपनी पोस्ट में क्या-क्या लिखा?
इस पूरी घटना के तुरंत बाद आयोग ने हिंदी और अंग्रेजी में लिखी जो अब 35 लाख से अधिक बार देखी जा चुकी है। पोस्ट में लिखा, चुनाव आयोग की तृणमूल कांग्रेस को दो टूक पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव: भय रहित, हिंसा रहित, धमकी रहित, प्रलोभन रहित, छापा रहित, बूथ एवं सोर्स जामिंग रहित होकर ही रहेंगे।
टीएमसी हुई आगबबूला, केजरीवाल- अखिलेश भी कूद
टीएमसी ने पोस्ट को झूठा बताते हुए कहा कि आयोग से केवल सामान्य सवाल किए गए और उन्हें कोई धमकी नहीं दी गई। सांसद सागारिका घोष ने इसे "सरासर झूठ" करार दिया। वहीं, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आयोग पर सीधे भाजपा के दबाव में काम करने का आरोप लगाया, और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसे "एथिकली करप्ट इंस्टीट्यूशन" कहा।
पश्चिम बंगाल में क्या है चुनावी समीकरण और क्या है चुनौती?
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा, और मतगणना 4 मई को। आयोग की सख्ती और टीएमसी की हंगामाखेज़ी के बीच यह चुनाव राजनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील बन गया है। अब सवाल ये है कि क्या टीएमसी अपनी पुरानी चालाकी से बाज आएगी, या आयोग की चेतावनी का असर दिखाई देगा।












Click it and Unblock the Notifications