केंद्र के साथ तनातनी के बीच ममता बनर्जी से खेला दांव, अलपन बंदोपाध्याय बनाया मुख्य सलाहाकार
केंद्र से टकराव के बाद
कोलकाता, 31 मई: पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय ने रिटायरमेंट ले ली है। अलपन बद्योपाध्याय 60 साल की उम्र पूरा करने के बाद आज (31 मई) रिटायर हो गए हैं। 24 मई को ही उनका कार्यकाल तीन महीने के लिए बढ़ाया गया था। हाल ही में केंद्र की ओर से उनका तबादला किए जाने और इस पर पश्चिम बंगाल सरकार के साथ टकराव के बाद उन्होंने तीन महीने का सेवा विस्तार ना लेने का फैसला किया और रिटायर हो गए हैं। अलपन बंदोपाध्याय को अब ममता बनर्जी का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया है। ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार के तौर पर जून से वो काम करेंगे। तीन साल के लिए उनकी नियुक्ति की गई है। वहीं एचके द्विवेदी को बंगाल का नया मुख्य सचिव बनाया गया है।

पश्चिम बंगाल काडर के 1987 बैच के आईएएस अधिकारी बंदोपाध्याय 60 साल की उम्र पूरी करने के बाद 31 मई को रिटायर होने वाले थे। 24 मई को केंद्र सरकार से मंजूरी के बाद उन्हें तीन महीने का सेवा विस्तार दिया गया था। ममता बनर्जी ने 24 मई को कहा था कि हमारे मुख्य सचिव का कार्यकाल तीन महीने के लिये बढ़ा दिया गया है। हमें खुशी है क्योंकि उनके पास पिछले साल आए अम्फन तूफान के साथ-साथ कोविड महामारी के दौरान काम करने का अनुभव है।
बीते हफ्ते की सियास उठापटक ने बदला माहौल
बीते हफ्ते यास तूफान पर प्रधानमंत्री की समीक्षा बैठक में देर से पहुंचने के बाद केंद्र ने शुक्रवार की रात अचानक बंद्योपाध्याय की सेवाएं मांगीं थी और राज्य सरकार से कहा कि उनको वहां से मुक्त किया जाए। केंद्र सरकार ने अलपन बंदोपाध्याय को 31 मई सुबह 10 बजे तक कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, नॉर्थ ब्लॉक, दिल्ली में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि बंदोपाध्याय को पश्चिम बंगाल सरकार ने ड्यूटी से मुक्त नहीं किया। सोमवार को भी ममता बनर्जी के साथ ही बैठकें करते दिखें। जिसके बाद उन्होंनें केंद्र से मिले सर्विस एक्सटेंशन को कबूल ना करते हुए रिटायर होने का फैसला लिया है।
सोमवार दोपहर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने राज्य में चक्रवाती तूफान यास से हुए नुकसान को लेकर समीक्षा बैठक के बाद अलपन बंदोपाध्याय के तबादले को लेकर कहा था कि हमें केंद्र का लेटर मिला है, हमने इसका जवाब दिया है।












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