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सिंधिया को लेकर पीएल पूनिया ने कांग्रेस पर ही उठाए सवाल, कहा- हम 15 महीने भी नहीं टिक सके

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नई दिल्ली। मध्यप्रदेश की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो गया है और पार्टी के सबसे अहम नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया है। सिंधिया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के 22 विधायकों ने भी इस्तीफे दे दिए। जिससे मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार संकट में पड़ गई है। इस मामले पर कांग्रेस नेता पीएल पुनिया की भी प्रतिक्रिया आई है। पुनिया ने सिंधिया के जाने को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

    Madhya Pradesh crisis: PL Punia ने Congress पर ही उठाए सवाल | वनइंडिया हिंदी
    'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है'

    'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है'

    उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा, 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमने ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे वरिष्ठ नेता को खो दिया है। इसमें गहन आत्मनिरीक्षण की जरूरत है कि क्या सिंधिया अकेले जिम्मेदार हैं। भाजपा के 15 साल के कुशासन के बाद हम सत्ता में आए और हम 15 महीने तक भी नहीं टिक सके।'

    कमलनाथ सरकार अल्पमत में नजर आ रही है

    फिलहाल कमलनाथ सरकार अल्पमत में नजर आ रही है। इस बीच ये भी कहा जा रहा है कि ज्योतिरादित्य आज दोपहर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। दिल्ली से लेकर भोपाल तक बैठकों का दौर चल रहा है और हर किसी की नजर इसपर है क्या कमलनाथ अपनी सरकार बचा पाएंगे। कभी राहुल गांधी के करीबी रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने होली के मौके पर पार्टी से इस्तीफा देकर हर किसी को हैरान कर दिया।

    इस्तीफे में सिंधिया ने क्या कहा?

    इस्तीफे में सिंधिया ने क्या कहा?

    अपने इस्तीफे में उन्होंने बीते साल के हालातों का जिक्र किया और उसे ही मुख्य कारण बताया। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भी मुलाकात की। पहले खबर थी कि वो मंगलवार शाम को ही भाजपा में शामिल होंगे, लेकिन अब कहा जा रहा है कि वह बुधवार को शामिल होंगे।

    कमलनाथ ने क्या कहा?

    कमलनाथ ने क्या कहा?

    जहां राज्य के मुख्यमंत्री कमलनाथ दावा कर रहे हैं कि वह अभी भी बहुमत हासिल कर लेंगे। इस बीच बचे हुए जो विधायक हैं, उन्हें जयपुर लाया जा रहा है। विधायकों के इस्तीफे के बाद विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा भी गिरकर 104 पहुंच गया है। 22 इस्तीफों के बाद कांग्रेस की संख्या 114 से 92 हो गई है। वहीं मंगलवार शाम को हुई कमलनाथ की बैठक में भी 92 के बजाय 88 विधायक ही पहुंचे। फिलहाल सपा-बसपा और निर्दलीयों की मदद से कांग्रेस के पास 99 विधायकों का समर्थन हासिल है।

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    English summary
    we lost senior leader like Jyotiraditya Scindia said congress leader pl punia.
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