'हमें अपनी ईमानदारी साबित करती पड़ती है, चोर मजे मारते हैं', भ्रष्टाचार के आरोप लगने पर बोलीं स्वाति मालीवाल
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। इसके बाद उन्होंने कहा कि मेरा गुनाह यह है कि लाखों केस संभाले, सैकड़ों बच्चियों को तस्करी से बचाया, शराब-ड्रग माफिया पकड़वाए।

Swati Maliwal: दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के एक मामले में आरोप तय करने का आदेश दिया गया है। दिल्ली की ही एक अदालत ने यह आदेश दिया है। इस मामले में स्वाति मालीवाल के अलावा तीन अन्य और आरोपी हैं। भ्रष्टाचार का आरोप लगने पर दिल्ली महिला आयोग ने कहा कि ईमानदारी से काम करने वालों को अपनी ईमानदारी सिद्ध करती पड़ती है और चोर देश में मजे मारते हैं। स्वाति मालीवाल ने कहा कि लाखों केस संभाले, सैकड़ों बच्चियों को तस्करी से बचाया, शराब-ड्रग माफिया पकड़वाए, गरीबों के साथ खड़ी हुई। बस यही मेरा गुनाह है। जब तक जिंदा हूं, लड़ती रहूंगी।
कोर्ट बोले- मुकदमा चलाने के पर्याप्त साक्ष्य
बता दें कि स्वाति मालीवाल के साथ तीन अन्य आरोपी और हैं, जिनके नाम आयोग की पूर्व सदस्य प्रोमिला गुप्ता, सारिका चौधरी और फरहीन मलिक हैं। स्पेशल जज डीजी विनय सिंह की बेंच ने गुरुवार को कहा कि स्वाति मालीवाल, प्रोमिला गुप्ता, सारिका चौधरी और फरहीन मलिक के खिलाफ मुकदमा चलाने के पर्याप्त साक्ष्य हैं। सभी पर पद का दुरुपयोग कर आयोग में आप कार्यकर्ताओं की नियुक्ति का आरोप है।
अवैध नियुक्ति पर आपत्ति नहीं की
कोर्ट ने कहा है कि विभिन्न तारीखों पर आयोजित DCW की बैठकों के कार्य का अवलोकन करने से साफ है कि चारों अभियुक्तों ने हस्ताक्षर किए थे। ऐसे में प्रथमदृष्टया मजबूत संदेह की ओर इशारा करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि विचाराधीन नियुक्तियां अभियुक्तों ने की थीं। मालीवाल के अलावा तीनों अभियुक्तों में से किसी ने भी अवैध नियुक्तियों पर कभी आपत्ति नहीं की और न ही असहमति का नोट दिया।
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