सुप्रीम कोर्ट को भी लगता है बंद होनी चाहिए अलगाववादी नेताओं की फंडिंग
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेताओं को मिल रही आर्थिक मदद के सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। इस याचिका पर दोपहर दो बजे सुनवाई होगी। इससे पहले जस्टिस अनिल दवे ने कहा कि उन्हें भी याचिकाकर्ता की तरह लगता है कि अब अलगाववादी नेताओं को मिल रही आर्थिक मदद पर लगाम लगनी चाहिए।

दो बजे होगी सुनवाई
जस्टिस दवे ने याचिकाकर्ता को कुछ आंकड़ों के साथ दोपहर दो बजे सुनवाई के लिए मौजूद होने का निर्देश दिया है। यह याचिका एडवोकेट एमएल शर्मा की ओर से दायर की गई है।
याचिका में एमएल शर्मा ने सरकार के लिए उन निर्देशों की मांग की है जिसके तहत अलगाववादी नेताओं को मिलने वाली आर्थिक मदद तुरंत बंद हो सके।
उन्होंने आरोप लगाया सरकार की ओर से इल अलगाववादियों की सुरक्षा और दूसरी सुविधाओं पर अब तक करीब 100 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने मांग की है कि इस आर्थिक मदद पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।
राजनाथ सिंह ने किया इंकार
गृह मंत्रालय ने अलगाववादी नेताओं को मिल रही आर्थिक मदद के सिलसिले में बुधवार को एक नया रुख अपनाया था।
सूत्रों की ओर से जानकारी दी गई थी कि सरकार फिलहाल नेताओं की आर्थिक मदद को रोकने पर कोई विचार नहीं कर रही है। इससे पहले खबरें थीं की सरकार इन सुविधाओं को बंद करने के बारे में सोच रही है।












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