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प. बंगाल: गृह राज्यमंत्री पर हमले का आरोप, पलटवार में बोली TMC- पुलिस को धमकाया, हिंसा से गवर्नर भी व्यथित

West Bengal Panchayat Elelection के लिए मतदान से पहले ही हिंसा की कई घटनाओं के कारण कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव 8 जुलाई को एक ही चरण में होंगे, जिसकी मतगणना 11 जुलाई को होनी है।

भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं-कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, सत्तारुढ़ दल- TMC ने पलटवार कर कहा कि केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने पश्चिम बंगाल के पुलिसकर्मियों को धमकी दी, उनके साथ हाथापाई की।

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हिंसा की घटनाओं के बीच राज्यपाल सीवी आनंदा बोस ने प्रदेश की स्थिति पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि वे चुनाव से पहले हो रही हिंसा और उपद्रव की घटनाओं से बेहद व्यथित हैं।

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री पर हमले के मामवे में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी और प्रदेश भाजपा प्रमुख सुकांत मजूमदार ने TMC पर गुंडागर्दी करने के आरोप लगाए। शुभेंदु इससे पहले भी तृणमूल पर नामांकन दाखिल न करने देने के आरोप लगा चुके हैं।

विवाद ने उस समय तूल पकड़ा जब टीएमसी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो जारी किया। इसमें कथित रूप केंद्रीय मंत्री प्रमाणिक एक पुलिस अधिकारी को धमका रहे हैं। वीडियो में, पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ भगवा पोशाक पहने प्रमाणिक कथित तौर पर एक अधिकारी पर उंगली उठाते हुए पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक करते देखे जा सकते हैं।

टीएमसी के आधिकारिक हैंडल पर लिखा गया, घटना 8 जून को पंचायत चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच के दौरान साहेबगंज प्रखंड विकास कार्यालय में टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद हुई। तृणमूल कांग्रेस ने मंत्री के व्यवहार को 'अस्वीकार्य' बताते हुए शर्मनाक करार दिया।

बकौल तृणमूल कांग्रेस, निसिथ प्रमाणिक का इतना नीचे गिरना और समर्पित पुलिस बल का अनादर करना शर्मनाक है। पुलिस ने हमारी रक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी। ड्यूटी पर मौजूद एक पुलिस अधिकारी को "मैं तुम्हें अपने जूते चाटने पर मजबूर कर दूंगा" जैसे शब्दों से धमकी देना पूरी तरह से निंदनीय है।"

ट्वीट में आगे कहा गया, "केंद्रीय राज्य मंत्री का इस तरह का व्यवहार न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि भाजपा के भीतर बिगड़ते नैतिक मानकों का एक स्पष्ट प्रतिबिंब है। हमारी पुलिस बल सम्मान और आभार की पात्र है, न कि इस तरह के अपमानजनक बर्ताव की।"

भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रमुख सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री की कार पर बम फेंका गया। उन्होंने कहा, "निसिथ प्रमाणिक की कार पर बम फेंका गया। यहां की पुलिस सचमुच असहाय है। (टीएमसी विधायक) उदयन गुहा अपने गुंडों के साथ वहां खड़े हैं।"

भाजपा का दावा है कि टीएमसे के गुंडों की संख्या 1,000-1,500 है। वे उनके हाथों से फॉर्म बी (नामांकन पत्र) छीन रहे हैं। हमारे कार्यकर्ता और चुनाव आयोग और राज्य प्रशासन खामोश बैठे हैं।''

मजूमदार ने कहा, "अगर एक मंत्री पर इस तरह हमला किया जा सकता है, तो कोई केवल पश्चिम बंगाल में आम आदमी की दुर्दशा की कल्पना कर सकता है। क्या ममता बनर्जी राज्य चला रही हैं या केवल नाटक कर रही हैं।"

पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कूचबिहार के दिनहाटा में नामांकन पत्रों की जांच के दौरान बीडीओ कार्यालय में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक पर टीएमसी कार्यकर्ताओं के कथित हमले पर ट्वीट किया। उन्होंने कहा, मैं टीएमसी के गुंडों के इस कायरतापूर्ण कृत्य की निंदा करता हूं, जिन्होंने पिछले कुछ महीनों में प्रमाणिक पर दूसरी बार हमला किया है।

उन्होंने कहा, कल्पना कीजिए कि अगर कोई केंद्रीय मंत्री पश्चिम बंगाल में सुरक्षित नहीं है, तो क्या स्थिति है।" आम जनता और विपक्षी उम्मीदवारों और पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला किया जा रहा है। बीडीओ कार्यालय परिसर में धारा 144 लगाई गई है।"

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार को कूचबिहार के दिनहाटा में नामांकन पत्रों की जांच के दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशीथ प्रमाणिक पर बीडीओ कार्यालय में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर हमला किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री प्रमाणिक ने कहा, "हमारे कार्यकर्ताओं को तीरों से मारा गया है। थाने के सामने टीएमसी कार्यकर्ता हम पर बम फेंक रहे हैं और पुलिस चुपचाप देख रही है। पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से बिगड़ चुकी है। यहां महिला को निर्वस्त्र कर दिया गया है।

उन्होंने कहा, राज्य की गृह मंत्री महिला होने के बावजूद यह बहुत ही शर्मनाक है। लाश पड़ी है और हमें यह देखने की अनुमति नहीं दी जा रही है कि वह व्यक्ति जीवित है या मृत है। यह अत्याचार नहीं सहा जा सकता। टीएमसी विधायक बीडीओ कार्यालय में बैठी हैं और उनके सामने हमारे लोगों के साथ मारपीट की जा रही है।'

प्रमाणिक ने कहा, "मैं एक मंत्री हूं और मुझे सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मैं यहां आने के लिए और सुरक्षा स्थिति का निरीक्षण करने के लिए अधिकृत हूं, लेकिन यह अजीब है कि बीडीओ कार्यालय में विधायक जांच को कैसे प्रभावित कर रही हैं।

उन्होंने कहा, आयुक्त जांच की संशोधित तारीख उपलब्ध कराएं और केंद्रीय बलों की मौजूदगी में जांच की जाए। प्रमाणिक के अनुसार भाजपा के 40 लोग घायल हुए हैं जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं।"

उन्होंने आगे कहा, 'अभिषेक बनर्जी बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं और टीएमसी को शांति बनाए रखने के आदेश दे रहे हैं, उन्हें यहां आकर हकीकत देखनी चाहिए। इस पाखंड को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दूसरी तरफ वह पुलिस और टीएमसी कार्यकर्ताओं के माध्यम से हिंसा करवा रहे हैं।"

निसिथ प्रमाणिक ने यह भी आरोप लगाया कि टीएमसी को डर है कि अगर लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करेंगे तो वे चुनाव हार जाएंगे। "वे कुछ दोष दिखाकर हमारे नामांकन को रद्द कराने की कोशिश कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा, केंद्रीय बलों की उपस्थिति पर अदालत के निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए और उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल किए जाने चाहिए।" प्रमाणिक के अलावा गवर्नर भी हिंसा की घटनाओं से व्यथित दिखे।

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में हिंसा प्रभावित कैनिंग का दौरा करने के बाद राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा कि पंचायत चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन हुई झड़पों से वह 'बेहद व्यथित' हैं। राज्यपाल ने कहा, "मैंने खुद देखा कि यहां क्या हुआ। मैंने सुना है कि युद्ध जैसे हलात हैं। यह स्वीकार्य स्थिति नहीं है। आम आदमी के अपने अधिकार हैं।

उन्होंने कहा कि "संविधान के संरक्षक" होने के नाते, वह इन घटनाओं को नहीं होने दे सकते। "मेरी एक प्रतिबद्धता है। हम भारत के लोग अपना संविधान बनाते हैं। राज्यपाल संविधान के संरक्षक हैं। मैं इसका बचाव करता हूं। राज्यपाल ने कहा, हालिया झड़पों को लेकर उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार और मुख्य सचिव से संपर्क किया है।

गवर्नर बोस ने बताया, "मैंने सरकार और मुख्य सचिव से संपर्क किया है। उन्होंने नोबेल विजेता कवि रविंद्रनाथ टैगोर का जिक्र कर कहा, यह टैगोर का बंगाल है जहां दिमाग बिना डर के रहता है और सिर ऊंचा रहता है।" (the mind is without fear and the head is held high)

इससे पहले 16 जून को भी राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव के नामांकन के दौरान हिंसा के प्रभाव का आकलन करने के लिए दक्षिण 24 परगना के भांगर का दौरा किया था। उन्होंने कहा, "मैंने हिंसा के पीड़ितों और स्थानीय लोगों के साथ बातचीत की। मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि इस चुनाव में हिंसा करने वाले अपराधियों को स्थायी रूप से चुप कराया जाएगा।"

गौरतलब है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दक्षिण 24 परगना जिले में भारी सुरक्षा तैनाती की गई है। कई क्षेत्रों में, विशेष रूप से भांगर ब्लॉक में तनाव व्याप्त है। इन क्षेत्रों में पिछले दो दिनों में सत्ताधारी टीएमसी और नौशाद सिद्दीकी के नेतृत्व वाले इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के समर्थकों के बीच झड़पें हुई हैं।

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