नए Motor Vehicles Act का विरोध शुरू, विपक्ष शासित इन राज्यों ने लागू करने से किया इनकार
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नई दिल्ली- रविवार से लागू नए मोटर व्हीकल एक्ट का कुछ राज्यों ने विरोध शुरू कर दिया है। जबकि, कुछ राज्यों ने इसमें लगाए गए जुर्माने के प्रावधानों पर विचार करने के बाद ही इसे लागू करने की बात कही है। जिन राज्यों ने इस कानून को लागू करने से फिलहाल इनकार किया है, उनमें कांग्रेस शासित मध्य प्रदेश और टीएमसी शासित पश्चिम बंगाल जैसे राज्य शामिल हैं। जबकि राजस्थान सरकार ने कहा है कि पहले वह जुर्माने की रकम पर विचार करेगी, उसके बाद जाकर इसे लागू करेगी।

पहले विचार फिर अमल करेगी राजस्थान सरकार
राजस्थान सरकार ने कहा है कि वह संशोधित कानून के तहत बढ़ाई गई जुर्माने की रकम पर विचार करने के बाद ही इसपर कोई फैसला लेगी। राजस्थान के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खचरियावास ने कहा है कि उनकी सरकार कानून में संशोधनों को लागू तो करेगी, लेकिन जुर्माने की रकम को रिव्यू करने के बाद। इंडिया टुडे की खबरों के मुताबिक उन्होंने कहा कि 'देखिए, सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट पूरे देश में एक तारीख से लागू हुआ है, जिससे यह राजस्थान में भी लागू हो चुका है। हम सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट और केंद्र सरकार को नहीं रोक सकते। हमें कंपाउंडिंग राशि में बदलाव का अधिकार है।' उन्होंने कहा है कि जुर्माना इतना होना चाहिए जिसका भुगतान लोग कर सकें। उनका यह भी तर्क है कि जुर्माने और सड़क दुर्घटनाओं में कोई तालमेल नहीं है। बल्कि, उनका कहना है कि ज्यादा जुर्माने से भ्रष्टाचार को ही बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने ये भी दलील दी है कि इस समय देश में आर्थिक मंदी का वक्त है और मोटरसाइकिल पर चलने वाले कई लोगों के पास तो सुबह-शाम की रोटी का इंतजाम भी नहीं होता है तो वे जुर्माना कैसे भरेंगे। उन्होंने कहा कि हम ये नहीं कह रहे हैं कि हम इसे रोकेंगे, लेकिन देखेंगे कि कितना कम कर सकते हैं। उन्होंने सोमवार को इसपर कोई फैसला लेने की बात कही है।

पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश का इनकार
पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए रविवार से लागू सेंट्रल मोटर व्हीकल एमेंडमेंट एक्ट के प्रावधानों को अपने राज्यों में लागू करने से साफ मना कर दिया है। इन राज्यों ने अपनी मनाही के लिए ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर लगने वाले जुर्माने की रकम पर मतभेदों के चलते यह फैसला लेने की बात कही है। मध्य प्रदेश के कानून मंत्री पीसी शर्मा ने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार राज्य में नए ट्रैफिक कानूनों को लागू नहीं करेगी। उन्होंने कहा है कि मैंने सुबह में कानून सचिव से बात की है और मुख्यमंत्री कमलनाथ से भी बात करूंगा कि इस कानून को लागू करने से पहले इसमें कुछ संशोधन किया जाना चाहिए। फिलहाल, जुर्माना बहुत ज्यादा है और हर कोई उसे नहीं चुका सकता। पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने कह दिया है कि वह नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू नहीं करेगी, जो रविवार से पूरे देश में लागू हो चुका है। ममता सरकार की दलील भी वही है कि जुर्माने की रकम बहुत ज्यादा है और वह ड्राइवरों की गलतियों के खिलाफ भी सख्त प्रावधानों के खिलाफ है।

दिल्ली सरकार भी कर रही है विचार
इस बीच दिल्ली सरकार ने भी कहा है कि वह इस मसले पर विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ विचार-विमर्श करेगी, जिसमें दिल्ली ट्रैफिक पुलिस भी शामिल है, उसके बाद ही नोटिफिकेशन जारी करेगी। दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा है कि वर्षों के बाद भारी जुर्माने का प्रावधान लगाया गया है, इसलिए सबसे बातचीत कर लेना जरूरी है। उन्होंने कहा है कि 'हम एक या दो दिन में निर्णय ले लेंगे। लोगों की सुरक्षा और सुविधा में ध्यान से तालमेल बिठाया जाएगा।' 1988 के मोटर व्हीकल एक्ट के सेक्सन 200 के तहत राज्य सरकारों को कुछ उल्लंघनों के सिलसिले में जुर्माना या भुगतान तय करने का अधिकार है। कानूनी प्रावधानों के मुताबिक वे मामूली ट्रैफिक उल्लंघन जिसे शिकायतकर्ता और आरोपी बिना कोर्ट की इजाजत के आपस में ही सुलझा सकते हैं, उसे कंपाउंडेबल ऑफेंस माना जाता है। जबकि, ऐसे गंभीर मामले जिसमें आपसी समझौता नहीं किया जा सकता, उसे नन-कंपाउंडेबल ऑफेंस माना जाता है और राज्य सरकारें उन्हीं प्रावधानों में संशोधन कर सकती हैं, जो उनके अधिकार क्षेत्र में है।

ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर हुई है सख्ती
गौरतलब है कि संसद से पिछले जुलाई महीने में मोटर व्हीकल (संशोधन) विधेयक, 2019 पास हुआ है। बदले कानून में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए कानून को बेहद सख्त किया गया है और उल्लंघनों के लिए भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। नए कानून के तहत ज्यादातर ट्रैफिक उल्लंघनों के लिए पहले साल जुर्माने की राशि 1,000 रुपये फिक्स कर दी गई है, जिसे हर साल 10 फीसदी बढ़ाया जा सकता है। जबकि, शराब पीकर वाहन चलाने और एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों का रास्ता रोकने के लिए 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है। कुछ मामलों में जुर्माने के साथ-साथ जेल और लाइसेंस जब्त होने का भी प्रावधान है। बताया जा रहा है कि कई सारे लोग जुर्माने की रकम बढ़ाए जाने से नाखुश नजर आ रहे हैं। वैसे सवाल ये भी उठता है कि ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों से पूछकर सजा और जुर्माने की रकम तय करने से कई लोगों की जान भी जोखिम में पड़ सकती है।












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