बागियों पर जंग: कर्नाटक HC पहुंचे दिग्विजय,भाजपा ने खटखटाया CEC का दरवाजा
नई दिल्ली- मध्य प्रदेश में कांग्रेस के बागियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी ही है तो ये मामला अब कर्नाटक हाई कोर्ट और मुख्य चुनाव आयुक्त तक पहुंचा है। इसी को लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने अनशन की धमकी भी दी है और बीजेपी की कर्नाटक सरकार के खिलाफ कर्नाटक हाई कोर्ट में अर्जी भी दाखिल कर दी। हालांकि, वहां से उन्हें झटका लग गया है। जबकि, बीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से शिकायत की है कि दिग्विजय सिंह राज्यसभा के उम्मीदवार हैं और विधायकों से मुलाकात करने की कोशिश करके आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं।
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कर्नाटक हाई कोर्ट ने बेंगलुरु में मौजूद मध्य प्रदेश कांग्रेस के बागी विधायकों से मिलने देने के लिए पुलिस को निर्देश देने की मांग वाली दिग्विजय सिंह की याचिका ठुकरा दी है। गौरतलब है कि आज ही कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने हाई कोर्ट में याचिक डाली थी और कहा था कि "मैंने कर्नाटक हाई कोर्ट में एक याचिका डाली है, जिसमें बेंगलुरु में रखे गए मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायकों से मुलाकात की इजाजत मांगी गई है। मैंने उपवास पर जाने का फैसला किया है और इसके बारे में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का फैसला आने के बाद कोई निर्णय करेंगे।'
जबकि, दिग्विजय सिंह की कांग्रेस के बागी विधायकों से मुलाकात की कोशिशों को लेकर मध्य प्रदेश बीजेपी ने सीईसी को एक खत लिखा है। इस खत में शिकायत की गई है कि "दिग्विजय सिंह जो कि राज्यसभा चुनाव में एक प्रत्याशी हैं आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए 16 विधायकों (रामदा होटल में ठहरे हुए) पर उनके पक्ष में मतदान के लिए दबाव डालने के लिए कुछ लोगों के साथ बेंगलुरु गए हैं।" इस पत्र में आगे लिखा गया है कि "इसीलिए अनुरोध है कि दिग्विजय सिंह (कांग्रेस नेता) और दूसरे लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि राज्यसभा का चुनाव शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हो सके। "
उधर बागी विधायकों के दिग्विजय सिंह से मिलने तक से इनकार करने के बाद भी दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि 'भाजपा चुनी हुई सरकार को गिराने में व्यस्त है। हमने मध्य प्रदेश सरकार को अस्थिर करने की योजना को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया था, लेकिन हमें ज्योतिरादित्य सिंधिया ने धोखा दे दिया,जिनका करियर कांग्रेस में रहकर बहुत ऊंचाइयों तक गया। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि वे हमसे दगा करेंगे और बीजेपी से हाथ मिला लेंगे। '
दरअसल, कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है कि भाजपा सरकार ने उसके 16 विधायकों को जबरन बेंगलुरू में रोके रखा है और उनसे मिलने नहीं देकर तानाशाही रवैया अपना रही है। जबकि, बागी विधायक कई बार कह चुके हैं कि वो अपने मर्जी से बेंगलुरु में बैठे हुए हैं और किसी भी कांग्रेस नेता से मिलना तक नहीं चाहते।
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